Chaitra Navratri 2026 : नई दिल्ली। हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2026) का विशेष महत्व होता है। यह पर्व हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह त्योहार आमतौर पर मार्च या अप्रैल में आता है। इस बार चैत्र नवरात्रि मार्च में पड़ रही है, इसलिए कई लोग इसे “मार्च की नवरात्रि” भी कह रहे हैं।
होली के बाद आने वाला यह बड़ा धार्मिक पर्व मां दुर्गा की आराधना का पर्व माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ पूजा की शुरुआत होती है और मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री (Shailaputri) की आराधना की जाती है।
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19 मार्च से शुरू होगी चैत्र नवरात्रि
हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार को होगी। प्रतिपदा तिथि की शुरुआत सुबह 6:52 बजे से होगी और यह अगले दिन 20 मार्च, शुक्रवार को सुबह 4:52 बजे तक रहेगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत और पूजा के लिए उदयातिथि को शुभ माना जाता है इसलिए 19 मार्च को कलश स्थापना के साथ पहला व्रत रखा जाएगा और मां दुर्गा की पूजा शुरू होगी।
नवरात्रि पर बन रहे हैं तीन शुभ योग
इस बार चैत्र नवरात्रि के आरंभ पर तीन अत्यंत शुभ योग बन रहे हैं-
शुक्ल योग
ब्रह्म योग
सर्वार्थ सिद्धि योग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ये तीनों योग पूजा, व्रत और नए कार्यों की शुरुआत के लिए बहुत शुभ माने जाते हैं। ऐसे योगों में की गई साधना और पूजा का फल विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
19 मार्च को कलश स्थापना के लिए दो प्रमुख शुभ मुहूर्त बताए गए हैं:
सुबह का मुहूर्त:
6:52 बजे से 7:43 बजे तक (करीब 50 मिनट)
दोपहर का अभिजीत मुहूर्त:
12:05 बजे से 12:53 बजे तक (करीब 48 मिनट)
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सुबह के समय कलश स्थापना करना सबसे उत्तम माना जाता है। यदि किसी कारण से यह समय न मिल पाए तो दोपहर के अभिजीत मुहूर्त में भी स्थापना की जा सकती है।
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पहले दिन के अन्य शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 4:51 बजे – 5:39 बजे
प्रातः संध्या: 5:15 बजे – 6:26 बजे
विजय मुहूर्त: 2:30 बजे – 3:18 बजे
गोधूलि मुहूर्त: 6:29 बजे – 6:53 बजे शाम
सायाह्न संध्या: 6:32 बजे – 7:43 बजे
अमृत काल: 11:32 बजे रात – 1:03 बजे
निशिता मुहूर्त: 12:05 बजे रात – 12:52 बजे
इस तरह साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत बेहद शुभ योग और मुहूर्त में हो रही है। भक्त पूरे श्रद्धा भाव से कलश स्थापना कर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करेंगे और घर-घर में भक्तिमय माहौल देखने को मिलेगा।