Farmers Semi-nude Protest : मध्य प्रदेश। इंदौर में प्रस्तावित पूर्वी आउटर रिंग रोड परियोजना को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर अर्धनग्न होकर धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भीषण गर्मी के बीच प्रदर्शन के दौरान एक किसान बेहोश हो गया, जिसे तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
किसानों का आरोप है कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के नाम पर उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। उनका कहना है कि इलाके में पहले से ही कई कनेक्टिविटी मार्ग मौजूद हैं, इसके बावजूद नई रिंग रोड बनाने की जरूरत नहीं है। किसानों ने साफ कहा है कि वे “एक इंच जमीन भी नहीं देंगे।”
School Girl Heart Attack : 9 साल की बच्ची को हार्टअटैक, 4 महीने पहले भाई की भी हुई थी असमय मौत
1200 किसान होंगे प्रभावित
किसान प्रतिनिधि गौतम बंटू गुर्जर के अनुसार पूर्वी क्षेत्र में पहले से रिंग रोड-2, रिंग रोड-3 और बायपास जैसी सड़कें हैं। इसके बावजूद नई सड़क के लिए करीब 1200 किसानों की जमीन ली जाएगी।
उनका कहना है कि यह बेहद उपजाऊ जमीन है, जहां से मालवा-निमाड़ क्षेत्र के लिए भरपूर अनाज और सब्जियों की आपूर्ति होती है। किसानों का आरोप है कि विकास के नाम पर खेती की जमीन खत्म कर कंक्रीट का जंगल खड़ा किया जा रहा है।
मेडल पहनकर पहुंचे किसान
प्रदर्शन की खास बात यह रही कि कई किसान अपने गले में वे मेडल और शील्ड पहनकर पहुंचे, जो उन्हें कृषि नवाचार और सामाजिक योगदान के लिए मिले थे। उनका कहना था कि पहले उन्हें विकास का भागीदार कहा गया और अब उसी विकास के नाम पर उनकी जमीन छीनी जा रही है।
मुआवजा और सर्वे पर सवाल
किसानों ने अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर कई आपत्तियां उठाई हैं। उनका कहना है कि बाजार दर के अनुसार मुआवजा तय नहीं हुआ, सर्वे में पारदर्शिता नहीं है और पुनर्वास नीति भी स्पष्ट नहीं है। साथ ही उनकी आपत्तियों पर व्यक्तिगत सुनवाई नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है।
जनप्रतिनिधियों पर भी उठे सवाल
किसानों का कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सहानुभूति तो जताते हैं, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लेते। ऐसे में वे अपनी समस्या लेकर किसके पास जाएं, यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।
प्रशासन का पक्ष
एडीएम रोशन राय के अनुसार पिछले छह महीने से किसानों से लगातार चर्चा की जा रही है। कुछ मांगों जैसे अलाइनमेंट में बदलाव और गाइडलाइन से अधिक मुआवजा देने पर विचार किया जा रहा है। जो मुद्दे स्थानीय स्तर पर सुलझ सकते हैं, उनका समाधान यहीं किया जाएगा, बाकी मांगें सरकार को भेजी जाएंगी।
Aavimukteshwaranand Controversy : बच्चे हमारे पास आए ही नहीं… यौन शोषण की पुष्टि पर बोले शंकराचार्य
आंदोलन जारी रहेगा
महू, इंदौर और सांवेर विधानसभा क्षेत्रों के किसान इस विरोध में शामिल हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच यह जमीन अधिग्रहण प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, जहां विकास और किसानों की आजीविका के बीच संतुलन बनाना सबसे अहम सवाल है।