MP’s Little Stars: 3 साल की सान्वी-समन्वी ने किया पूरे भोपाल का नाम रोशन ! ब्रिटिश संसद में मिला सम्मान

MP’s Little Stars : जिस उम्र में बच्चे ठीक से पेंसिल पकड़ना सीखते हैं, उस उम्र में भोपाल की जुड़वां बहनें सान्वी नाहर और समन्वी नाहर ने पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना ली है। महज 3 साल 9 महीने की उम्र में दोनों ने ‘यंगेस्ट फीमेल ड्रमर’ का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन की ओर से ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ कॉमंस में सम्मानित किया गया। MP Medical Negligence: इलाज में लापरवाही का आरोप! 19 महीने के मासूम की आंखों की रोशनी गई जानिए पूरा मामला 1 मिनट 20 सेकंड की प्रस्तुति ने बनाया विश्व रिकॉर्ड सान्वी और समन्वी ने 21 मार्च 2026 को ड्रम सेट पर एक निर्धारित ट्रैक को लगातार 1 मिनट 20 सेकंड तक सफलतापूर्वक बजाकर यह रिकॉर्ड बनाया। रिकॉर्ड स्वीकार होने के बाद दोनों बहनों को प्रमाण-पत्र, मेडल और ट्रॉफी प्रदान की गई। उनकी उपलब्धि को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के आधिकारिक प्रकाशनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी दर्ज किया गया है। MP BJP Digital Training : बीजेपी का नया डिजिटल मॉडल, भाजपा कार्यकर्ताओं का होगा ऑनलाइन टेस्ट जिस उम्र में बच्चे खेलते हैं, उस उम्र में सीखा ड्रम बच्चियों की मां डॉ. निकिता नाहर ने बताया कि ड्रमिंग को संगीत के सबसे कठिन वाद्य यंत्रों में गिना जाता है और आमतौर पर इसे पांच साल की उम्र के बाद सिखाया जाता है। लेकिन सान्वी और समन्वी ने महज सवा तीन साल की उम्र में ड्रम सीखना शुरू किया और नियमित अभ्यास के दम पर दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल ड्रमर बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। जब सभी ने मना किया, तब एक गुरु ने दिखाई राह बच्चियों के माता-पिता उन्हें ड्रम सिखाने के लिए कई संगीत शिक्षकों के पास गए, लेकिन लगभग सभी ने उनकी कम उम्र का हवाला देकर प्रशिक्षण देने से इनकार कर दिया। इसके बाद भोपाल की योगी म्यूजिक वैली एकेडमी के ड्रम प्रशिक्षक युग नामदेव ‘योगी’ ने यह जिम्मेदारी स्वीकार की। उन्होंने शुरुआती स्तर से दोनों बच्चियों को प्रशिक्षण देना शुरू किया और महज दो महीने में दोनों ने ड्रम की मूल बीट्स पर अच्छी पकड़ बना ली। Bhopal Protest : भोपाल में कर्मचारी-शिक्षक महासंघ का प्रदर्शन, वेतन वृद्धि से लेकर जॉब सुरक्षा तक उठीं कई अहम मांगें एक महीने की मेहनत ने दिलाया बड़ा मुकाम विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए लगातार 1 मिनट 20 सेकंड तक बिना रुके एक तय ट्रैक पर ड्रम बजाना जरूरी था। प्रशिक्षक युग नामदेव के अनुसार, दोनों बहनों ने करीब एक महीने तक हर दिन उसी ट्रैक का अभ्यास किया। लगातार मेहनत के बाद उन्होंने सफलतापूर्वक रिकॉर्ड पूरा किया। वीडियो और जरूरी दस्तावेज भेजने के बाद वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने उनके रिकॉर्ड को मंजूरी दे दी। डॉक्टर परिवार की बेटियों ने बढ़ाया भोपाल का मान सान्वी और समन्वी भोपाल के एक चिकित्सक परिवार से हैं। उनके दादा डॉ. अक्षय नाहर ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं, पिता डॉ. सक्षम नाहर सर्जन हैं और मां डॉ. निकिता नाहर दंत चिकित्सक हैं। परिवार का कहना है कि बच्चियों की रुचि को समय रहते पहचानकर उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया गया, जिसका नतीजा आज पूरी दुनिया के सामने है। Gold-Silver Crash : सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट, निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति? भारत की पहली जुड़वां ‘यंगेस्ट फीमेल ड्रमर’ प्रशिक्षक युग नामदेव का कहना है कि इतनी कम उम्र में ड्रम बजाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली सान्वी और समन्वी भारत की पहली जुड़वां बच्चियां हैं। उनका मानना है कि यह उपलब्धि दूसरे बच्चों और अभिभावकों को भी प्रेरित करेगी कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और लगन के दम पर छोटी उम्र में भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
Bhopal Protest : भोपाल में कर्मचारी-शिक्षक महासंघ का प्रदर्शन, वेतन वृद्धि से लेकर जॉब सुरक्षा तक उठीं कई अहम मांगें

Bhopal Protest : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कर्मचारी-शिक्षक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी और व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े प्रशिक्षक एकत्र हुए। सभी ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अंबेडकर मैदान में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सम्मानजनक वेतन वृद्धि, श्रम कानूनों के अनुसार वैधानिक अवकाश, पूरे 12 माह की सेवा सुनिश्चित करने, नौकरी की सुरक्षा और प्रशिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए स्थायी विभागीय समिति के गठन की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील भी की। MP BJP Digital Training : बीजेपी का नया डिजिटल मॉडल, भाजपा कार्यकर्ताओं का होगा ऑनलाइन टेस्ट वेतन वृद्धि और 12 माह की सेवा की उठी मांग प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी-शिक्षक महासंघ ने कहा कि कर्मचारियों और प्रशिक्षकों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मानजनक वेतन मिलना चाहिए। महासंघ का कहना है कि जब केंद्र सरकार पूरे 12 महीनों के लिए बजट उपलब्ध कराती है, तब कर्मचारियों और प्रशिक्षकों की सेवाएं भी पूरे वर्ष के लिए सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि सीमित अवधि की नियुक्ति से कर्मचारियों के सामने आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा की स्थिति बनी रहती है। Gold-Silver Crash : सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट, निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति? जॉब सुरक्षा और वैधानिक अधिकारों पर दिया जोर महासंघ ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों और प्रशिक्षकों को श्रम नियमों के अनुसार सभी वैधानिक अवकाश और अन्य अधिकार उपलब्ध कराए जाएं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से कार्य करने के बावजूद उन्हें स्थायी रोजगार जैसी सुरक्षा नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। सरकार से जल्द कार्रवाई की अपील प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और प्रशिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि उनकी सभी मांगें कर्मचारियों के हितों और व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने से जुड़ी हैं। MP GI Tag : मध्य प्रदेश की चार कृषि उपजों को मिला जीआई टैग, महाकौशल के किसानों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ महासंघ ने सरकार से आग्रह किया कि कर्मचारियों और प्रशिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि उन्हें बेहतर कार्य वातावरण और रोजगार सुरक्षा मिल सके।
MP BJP Digital Training : बीजेपी का नया डिजिटल मॉडल, भाजपा कार्यकर्ताओं का होगा ऑनलाइन टेस्ट

MP BJP Digital Training : भोपाल। भाजपा अपने संगठन को तकनीक के साथ और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पार्टी ने बूथ स्तर से लेकर मंडल स्तर तक के कार्यकर्ताओं के लिए डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं को संगठन ऐप के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में सफल होने वाले कार्यकर्ताओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा, जो भविष्य में संगठनात्मक जिम्मेदारियों के लिए उपयोगी माना जाएगा। Neemuch Solar Park : नीमच को आज मिलेगी बड़ी सौगात, सीएम मोहन यादव 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान के तहत चल रहा कार्यक्रम भाजपा ने यह डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान के अंतर्गत शुरू किया है। इस अभियान की शुरुआत 23 जून से की गई है और यह 6 जुलाई तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यप्रणाली, विचारधारा और विभिन्न विषयों की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराना है। इसके जरिए कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है। MP Medical Negligence: इलाज में लापरवाही का आरोप! 19 महीने के मासूम की आंखों की रोशनी गई जानिए पूरा मामला संगठन ऐप पर दी जा रही डिजिटल ट्रेनिंग इस अभियान के तहत पार्टी के संगठन ऐप पर अलग-अलग विषयों की ऑनलाइन ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण सामग्री पढ़ने और समझने के बाद निर्धारित प्रश्नों के उत्तर ऑनलाइन देने होंगे। इस प्रक्रिया के माध्यम से प्रशिक्षण के साथ-साथ कार्यकर्ताओं की समझ और तैयारी का भी मूल्यांकन किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि डिजिटल माध्यम से प्रशिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी। सफल कार्यकर्ताओं को मिलेगा प्रमाण पत्र ऑनलाइन परीक्षा में सफल होने वाले कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। पार्टी के अनुसार यह प्रमाण पत्र भविष्य में संगठन के भीतर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने के दौरान उपयोगी साबित हो सकता है। MP GI Tag : मध्य प्रदेश की चार कृषि उपजों को मिला जीआई टैग, महाकौशल के किसानों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ इससे कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा। भाजपा का उद्देश्य प्रशिक्षित और सक्षम कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करना है, जो संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सके।
MP Medical Negligence: इलाज में लापरवाही का आरोप! 19 महीने के मासूम की आंखों की रोशनी गई जानिए पूरा मामला

MP Medical Negligence : मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक पिता ने सिविल अस्पताल के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि सर्दी और आंखों में लालिमा की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे उनके 19 महीने के बेटे को गलत दवा दी गई, जिसके बाद उसकी आंखों की रोशनी चली गई। मामले की शिकायत पुलिस से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक की गई है। Neemuch Solar Park : नीमच को आज मिलेगी बड़ी सौगात, सीएम मोहन यादव 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण सर्दी और आंखों की परेशानी लेकर पहुंचे थे अस्पताल बंडा के ग्राम भूसा कमलपुर निवासी इंद्रराज विश्वकर्मा ने बताया कि 29 मई 2026 को वह अपने एक साल सात महीने के बेटे विनय विश्वकर्मा को सर्दी और आंखों में लालिमा की शिकायत होने पर बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के बाद बच्चे को आई ड्रॉप, पैरासिटामोल सिरप, एक इंजेक्शन और अन्य दवाइयां दी गईं। दवा के बाद बिगड़ने लगी बच्चे की हालत पीड़ित पिता का आरोप है कि दवा देने के बाद वह करीब तीन से चार घंटे तक अस्पताल में ही रुके रहे, लेकिन बच्चे की तबीयत में सुधार होने के बजाय हालत और बिगड़ने लगी। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह मिलने पर परिजन बच्चे को एम्स भोपाल लेकर पहुंचे। MP GI Tag : मध्य प्रदेश की चार कृषि उपजों को मिला जीआई टैग, महाकौशल के किसानों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ एम्स में इलाज के बाद लगा बड़ा झटका इंद्रराज विश्वकर्मा का कहना है कि एम्स भोपाल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि गलत इलाज के कारण उनके बेटे की आंखों की रोशनी चली गई है। इसके बाद उन्होंने बंडा थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई और निष्पक्ष जांच की मांग की। शिकायत में डॉक्टर का नाम नहीं लिखा गया है, लेकिन पिता का कहना है कि वह संबंधित डॉक्टर की पहचान कर सकते हैं। Ram Mandir Donation Chori : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार, पूछा- इतनी जल्दबाजी क्यों? पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वहीं सागर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जी.पी. राय ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। इंदिरा गांधी नेत्र चिकित्सालय की आई सर्जन डॉ. अदिति के नेतृत्व में टीम बंडा जाकर पीड़ित परिवार, इलाज करने वाले डॉक्टर और बीएमओ से जानकारी जुटाएगी। रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई सीएमएचओ के अनुसार जांच टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जाएगी। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों स्तर पर मामले की जांच जारी है।
Gold-Silver Crash : सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट, निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?

Gold-Silver Crash : मुंबई। वैश्विक आर्थिक दबाव का असर अब शेयर बाजार के साथ-साथ कमोडिटी बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सप्ताह की शुरुआत में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। घरेलू वायदा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की संभावित ब्याज दर नीति और डॉलर की मजबूती के कारण निवेशकों का रुझान फिलहाल बदलता नजर आ रहा है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्थिति अवसर भी बन सकती है। MCX पर सोना और चांदी दोनों में आई बड़ी गिरावट सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोने की कीमत में लगभग 1,000 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सोना 1,022 रुपये यानी करीब 0.71 प्रतिशत टूटकर 1,43,140 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में भी तेज कमजोरी देखने को मिली। चांदी करीब 1,900 रुपये से अधिक गिरकर 2,19,522 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती दिखाई दी। इस गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। MP GI Tag : मध्य प्रदेश की चार कृषि उपजों को मिला जीआई टैग, महाकौशल के किसानों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ फेड की नीति और डॉलर की मजबूती बनी बड़ी वजह बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना है। जब ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद बनती है, तब डॉलर मजबूत होता है। मजबूत डॉलर का सीधा असर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं की मांग पर पड़ता है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर भी चिंता बनी हुई है। यदि भविष्य में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी होती है तो निवेशकों की रणनीति में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। जून महीने में लगातार फिसले सोना और चांदी के भाव पूरे जून महीने के दौरान सोना और चांदी लगातार दबाव में रहे हैं। मई के आखिर में MCX पर चांदी की कीमत करीब 2.67 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। अब इसका भाव घटकर करीब 2.19 लाख रुपये रह गया है। यानी एक महीने में लगभग 48 हजार रुपये या करीब 18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। Ram Mandir Donation Chori : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार, पूछा- इतनी जल्दबाजी क्यों? इसी तरह सोना भी 29 मई को लगभग 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर था। इसके बाद इसमें करीब 18 हजार रुपये या लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। यह बदलाव बाजार की बदलती परिस्थितियों को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बना हुआ है दबाव घरेलू बाजार ही नहीं बल्कि वैश्विक बाजार में भी सोना और चांदी की कीमतों में कमजोरी बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव करीब 26 डॉलर प्रति औंस गिरकर 4,062 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। वहीं चांदी भी करीब 2 डॉलर प्रति औंस की गिरावट के साथ लगभग 58 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी। इससे साफ है कि यह गिरावट केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है बल्कि इसका असर दुनिया के कई प्रमुख बाजारों में देखने को मिल रहा है। Shoaib Akhtar Brother Funeral : पाक का ‘टेरर लव’ फिर एक्सपोज, शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में आए लश्कर के आतंकी क्या अभी सोना और चांदी खरीदना सही रहेगा? विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई निवेशक लंबी अवधि के लिए सोना और चांदी में निवेश करना चाहता है तो मौजूदा गिरावट उसके लिए अवसर बन सकती है। हालांकि निवेश एक साथ बड़ी राशि से करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से करना बेहतर माना जाता है। इससे बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव का असर कम होता है। निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाओं और डॉलर की चाल पर भी लगातार नजर रखनी चाहिए ताकि समय के अनुसार सही फैसला लिया जा सके। पोर्टफोलियो संतुलित रखना भी जरूरी बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशकों को अपने कुल निवेश का सीमित हिस्सा ही सोना और चांदी में लगाना चाहिए। आम तौर पर पोर्टफोलियो का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा कीमती धातुओं में नहीं रखना चाहिए। Ujjain Moharram Violence : मुहर्रम जुलूस में हिंसा ! लाठी-डंडों और पाइप से बेरहमी से पीटते दिखे युवक, वीडियो वायरल इससे किसी भी नकारात्मक वैश्विक माहौल या बाजार में अचानक आने वाली गिरावट का असर पूरे निवेश पर कम पड़ता है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना भी एक समझदारी भरा कदम माना जाता है।
Ram Mandir Donation Chori : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार, पूछा- इतनी जल्दबाजी क्यों?

Ram Mandir Donation Chori : नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आखिर इस मामले में इतनी जल्दबाजी किस बात की है। कोर्ट ने माना कि फिलहाल ऐसा कोई विशेष कारण सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर इस याचिका पर तुरंत सुनवाई की जाए। अब इस मामले की सुनवाई अदालत की छुट्टियां समाप्त होने के बाद की जाएगी। Bhopal Hospital Suicide Case : भोपाल के अस्पताल में भर्ती मरीज ने बाथरूम में लगाई फांसी! जानिए पूरा मामला याचिका में लगाए पैसों के दुरुपयोग के आरोप याचिका में राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर चढ़ावे और ट्रस्ट की राशि के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। उनका कहना है कि ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसके तथ्यों का पता लगाया जा सके। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता पर अभी किसी न्यायिक या जांच एजेंसी की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। MP GI Tag : मध्य प्रदेश की चार कृषि उपजों को मिला जीआई टैग, महाकौशल के किसानों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ CBI जांच और कोर्ट की निगरानी की भी मांग याचिकाकर्ता ने केवल एफआईआर दर्ज करने की मांग ही नहीं की, बल्कि यह भी आग्रह किया कि मामले की जांच सीबीआई अधिकारी की अगुवाई में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराई जाए। साथ ही उन्होंने मांग की कि जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो और इसके लिए एक निश्चित समय सीमा तय की जाए, ताकि जांच प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। उनका तर्क है कि समयबद्ध जांच से पूरे मामले में पारदर्शिता बनी रहेगी। Shoaib Akhtar Brother Funeral : पाक का ‘टेरर लव’ फिर एक्सपोज, शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में आए लश्कर के आतंकी छुट्टियों के बाद होगी मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की और स्पष्ट किया कि इस याचिका पर नियमित प्रक्रिया के तहत विचार किया जाएगा। अदालत ने निर्देश दिया कि यह मामला न्यायालय की छुट्टियां समाप्त होने के बाद सूचीबद्ध किया जाए। ऐसे में फिलहाल इस मामले में कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया गया है और आगे की सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी।
MP GI Tag : मध्य प्रदेश की चार कृषि उपजों को मिला जीआई टैग, महाकौशल के किसानों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ

MP GI Tag : भोपाल। मध्य प्रदेश ने कृषि क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश की चार पारंपरिक कृषि उपजों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्रदान किया गया है। इनमें सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगानी अरहर और छत्रिय धान शामिल हैं। जीआई टैग मिलने से इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान मिलेगी। इससे मध्य प्रदेश की पारंपरिक कृषि विरासत को भी नई पहचान प्राप्त होगी। यह उपलब्धि विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों के किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Neemuch Solar Park : नीमच को आज मिलेगी बड़ी सौगात, सीएम मोहन यादव 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण महाकौशल क्षेत्र के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ इन चारों कृषि उपजों का संबंध प्रदेश के आदिवासी बहुल और महाकौशल क्षेत्र से है। जीआई टैग मिलने के बाद इन उत्पादों की गुणवत्ता और विशिष्टता को कानूनी मान्यता मिलेगी। इससे बाजार में इनकी मांग बढ़ने की संभावना है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेहतर पहचान मिलने से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है। इससे महाकौशल क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। Shoaib Akhtar Brother Funeral : पाक का ‘टेरर लव’ फिर एक्सपोज, शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में आए लश्कर के आतंकी CM ने किसानों की समृद्धि को बताया सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि और उनकी पारंपरिक कृषि उपजों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जीआई टैग मिलने से इन उत्पादों की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी और निर्यात के नए अवसर भी खुलेंगे। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है। यह उपलब्धि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Neemuch Solar Park : नीमच को आज मिलेगी बड़ी सौगात, सीएम मोहन यादव 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण

Neemuch Solar Park : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज नीमच जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे प्रदेश की दो बड़ी सौर ऊर्जा परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें नीमच का 500 मेगावॉट और शाजापुर का 450 मेगावॉट क्षमता वाला सोलर पार्क शामिल है। इन दोनों परियोजनाओं के शुरू होने से प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी मौजूद रहेंगे। PM Modi Seychelles Visit : दुनिया के सबसे उम्रदराज कछुए जोनाथन से मिले PM मोदी, गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ स्वागत 1553 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के दौरान 1553.98 करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों और विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे। इन परियोजनाओं से औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में निवेश बढ़ाना, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत बनाना है। इससे क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा मिलेगी। Shoaib Akhtar Brother Funeral : पाक का ‘टेरर लव’ फिर एक्सपोज, शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में आए लश्कर के आतंकी मुख्यमंत्री का पूरा दिन रहेगा व्यस्त मुख्यमंत्री दोपहर 12.15 बजे भोपाल से नीमच के लिए रवाना होंगे। वहां आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भाग लेने के बाद वे केंद्रीय मंत्री के साथ सोलर पार्कों के उद्घाटन और विकास कार्यों के लोकार्पण में शामिल होंगे। दोपहर 3.20 बजे मुख्यमंत्री नीमच स्थित सोलर पार्क का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद शाम 4.20 बजे मजिरिया रामपुरा में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बनाए गए अमृत सरोवर का निरीक्षण करेंगे। शाम 4.40 बजे वे ग्रीनको परियोजना स्थल का दौरा करेंगे। भोपाल लौटकर पीपीए कार्यक्रम में होंगे शामिल नीमच दौरे के बाद मुख्यमंत्री शाम 5.20 बजे ग्रीनको साइट से भोपाल के लिए रवाना होंगे। शाम 6.10 बजे वे भोपाल के एक निजी होटल में आयोजित पीपीए (पावर परचेज एग्रीमेंट) हस्ताक्षर कार्यक्रम में शामिल होंगे। Ujjain Moharram Violence : मुहर्रम जुलूस में हिंसा ! लाठी-डंडों और पाइप से बेरहमी से पीटते दिखे युवक, वीडियो वायरल इस कार्यक्रम को प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार और भविष्य की नई निवेश योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाकर मध्य प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।