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Twisha Case में नया मोड़ ! परिवार को नहीं मिलेगी दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कोर्ट ने ठुकराई मांग

Twisha Case Update

Twisha Case : मध्य प्रदेश। भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस बीच मामले से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है। कोर्ट ने ट्विशा के परिजनों द्वारा दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी मांगे जाने संबंधी आवेदन को खारिज कर दिया है। रिपोर्ट सीधे सीबीआई को सौंप दी गई है। पति और सास न्यायिक हिरासत में मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह फिलहाल जेल में हैं। सीबीआई रिमांड खत्म होने के बाद दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल भेजा गया है। जेल प्रशासन के अनुसार दोनों को अलग-अलग बैरकों में रखा गया है। गिरिबाला सिंह को महिला वार्ड के मेडिकल कक्ष में निगरानी के तहत रखा गया है, जबकि पैर में चोट होने के कारण समर्थ सिंह को मेडिकल वार्ड में रखा गया है। Bhopal Electricity Theft : चांदबड़ में बिजली कंपनी की दबिश! चोरी की बिजली से AC-कूलर चलाए, थमाया 1.10 लाख का बिल रिपोर्ट पर रोक, सीबीआई को सौंपी गई कॉपी सूत्रों के मुताबिक, ट्विशा के दूसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट दो दिन पहले ही तैयार हो चुकी है। हालांकि कोर्ट ने परिजनों को रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग खारिज कर दी।सीबीआई ने अदालत में कहा कि मामले की जांच अभी जारी है, इसलिए रिपोर्ट साझा नहीं की जा सकती। इसके बाद रिपोर्ट सीधे जांच एजेंसी को सौंप दी गई। जेल में सामान्य बंदियों जैसा व्यवहार जेल सूत्रों के अनुसार पहले दिन समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को अन्य बंदियों की तरह ही भोजन दिया गया। रात के खाने में कढ़ी, पकौड़े और रोटियां शामिल थीं। बुधवार सुबह दोनों को नमकीन, दलिया और चाय दी गई। बताया गया कि दोनों ने सामान्य रूप से नाश्ता किया। मेडिकल जांच में क्या मिला? जेल सूत्रों के मुताबिक गिरिबाला सिंह ने किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं दी है। मेडिकल जांच में उनकी स्थिति सामान्य पाई गई और फिलहाल उन्हें किसी दवा की जरूरत नहीं बताई गई। वहीं समर्थ सिंह का भी मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पैर में चोट के चलते उन्हें मेडिकल वार्ड में रखा गया है। CBSE Data Leak : CBSE का डेटा हैकरों के हाथ! 2025-26 तक की पूरी जानकारी खुले आम बिक रही जेल में नहीं चली गिरिबाला की मांग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरिबाला सिंह ने जेल परिसर के अंदर कार से जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उनकी यह मांग स्वीकार नहीं की गई। उधर, कोर्ट ने समर्थ सिंह की उस आपत्ति पर भी सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें उसने जबलपुर में सरेंडर के दौरान मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया था। अदालत ने कहा कि यह मामला जबलपुर से जुड़ा है, इसलिए यहां इसकी सुनवाई नहीं हो सकती। क्राइम सीन री-क्रिएशन को लेकर शिकायत समर्थ सिंह ने अदालत में कहा कि क्राइम सीन री-क्रिएशन के दौरान जांच टीम ने वाहन को घर से काफी दूर रोका और उन्हें पैदल चलने के लिए कहा। उनका आरोप था कि इससे मीडिया को तस्वीरें लेने का मौका मिला। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सीबीआई की विशेष जज शोभना भालेवे ने कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद मीडियाकर्मियों को वहां से हटाने के निर्देश दिए।

Muzaffarpur Hospital Fire : ICU में लगी भीषण आग से 5 की मौत, मरीजों को छोड़कर भागा स्टाफ!

Muzaffarpur Hospital Fire

Muzaffarpur Hospital Fire : उत्तर प्रदेश। बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल के आईसीयू (ICU) में अचानक आग लगने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग झुलस गए। घटना रात करीब 3 बजे की बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और इसके बाद ICU में लगे एयर कंडीशनर में धमाका हो गया। विस्फोट के बाद आग तेजी से पूरे वार्ड में फैल गई, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पांचवीं मंजिल पर मौजूद ICU में फंसे मरीज हादसे के समय ICU अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित था, जिसके कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। दमकलकर्मियों ने ICU समेत अन्य वार्डों में फंसे मरीजों को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने भी शुरुआती बचाव कार्य में मदद की। कई मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की सहायता से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। Bhopal Electricity Theft : चांदबड़ में बिजली कंपनी की दबिश! चोरी की बिजली से AC-कूलर चलाए, थमाया 1.10 लाख का बिल कई मरीजों की हालत गंभीर अधिकारियों के अनुसार हादसे में जान गंवाने वालों में गीता देवी, चंचला कुमारी, 57 वर्षीय उदय कुमार और 30 वर्षीय शशांक कुमार की पहचान हो चुकी है। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। कई घायल मरीजों को जिले के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। प्रशासन का कहना है कि मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। 93 वर्षीय मरीज ने सबसे पहले दी आग लगने की सूचना हादसे के दौरान ICU में भर्ती 93 वर्षीय राधा देवी ने बताया कि अचानक वार्ड में धुआं भरने लगा। स्थिति को भांपते हुए उन्होंने अपना ऑक्सीजन मास्क हटाया और किसी तरह वार्ड से बाहर निकल गईं। बाहर पहुंचकर उन्होंने सुरक्षा गार्ड को आग लगने की जानकारी दी। उनके अनुसार कुछ ही मिनटों में धुआं पूरे ICU में फैल गया था, जिससे मरीजों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। CBSE Data Leak : CBSE का डेटा हैकरों के हाथ! 2025-26 तक की पूरी जानकारी खुले आम बिक रही परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग लगने के बाद अस्पताल के कई डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी मरीजों को छोड़कर मौके से चले गए। परिजनों का दावा है कि ICU में तैनात स्टाफ को मरीजों को सुरक्षित निकालने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कुछ लोगों ने मांग की है कि इस मामले में संबंधित कर्मचारियों और प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। फायर सिस्टम और सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल का ऑटोमैटिक फायर फाइटिंग सिस्टम और अलार्म व्यवस्था घटना के दौरान काम नहीं कर रही थी। उनका कहना है कि यदि समय पर फायर सिस्टम सक्रिय हो जाता, तो नुकसान कम हो सकता था। इसके अलावा इमरजेंसी निकास मार्ग और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि अस्पताल में क्षमता से अधिक मरीजों को रखा गया था और वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। Minor Rape and Conversion : डरा-धमकाकर नाबालिगों को होटल ले गए, दुष्कर्म के बाद धर्म परिवर्तन पर किया मजबूर प्रशासन ने जांच के दिए आदेश मुजफ्फरपुर के जिला अधिकारी (DM) ने बताया कि हादसे के समय ICU में लगभग 15 मरीज भर्ती थे। घायलों को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि अस्पताल प्रबंधन या किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई थानों की पुलिस भी अस्पताल परिसर में तैनात की गई। Kuwait Airport Attack : कुवैत एयरपोर्ट ड्रोन हमले में भारतीय नागरिक की मौत, एयरस्पेस बंद, इंडिगो ने उड़ानें रोकीं स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, फायर सिस्टम की जांच और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण अनिवार्य होना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

Bhopal Electricity Theft : चांदबड़ में बिजली कंपनी की दबिश! चोरी की बिजली से AC-कूलर चलाए, थमाया 1.10 लाख का बिल

Bhopal Electricity Theft

Bhopal Electricity Theft : मध्य प्रदेश। भोपाल में बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली वितरण कंपनी द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बुधवार सुबह चांदबड़ जोन में बिजली विभाग की टीम ने कई इलाकों में एक साथ छापेमार कार्रवाई की। सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कई घरों की जांच की। जांच में कई स्थानों पर बिजली चोरी के मामले सामने आए। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य बिजली चोरी पर रोक लगाना और बिजली कंपनी को होने वाले राजस्व नुकसान को कम करना है। दो मंजिला हवेली में मीटर बायपास कर चल रहे थे बिजली उपकरण कार्रवाई के दौरान सबसे चर्चित मामला एक दो मंजिला हवेली में सामने आया। जांच में पाया गया कि मकान में बिजली मीटर को दरकिनार कर सीधे बिजली लाइन से कनेक्शन लिया गया था। इस अवैध कनेक्शन के जरिए एयर कंडीशनर (AC), कूलर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण संचालित किए जा रहे थे। बिजली विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जांच कर पूरी व्यवस्था का निरीक्षण किया और आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के अनुसार इस तरह की बिजली चोरी से न केवल कंपनी को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि बिजली व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। CBSE Data Leak : CBSE का डेटा हैकरों के हाथ! 2025-26 तक की पूरी जानकारी खुले आम बिक रही 9 किलोवाट का लोड मिला, एक लाख से अधिक का बिल जारी सिटी सर्किल के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रदीप सिंह चौहान और डीजीएम डीके तिवारी ने बताया कि उपभोक्ता नानी बी एजाज के परिसर में लगभग 9 किलोवाट का विद्युत लोड पाया गया। जांच के बाद उपभोक्ता के खिलाफ बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज किया गया। विभाग ने 1 लाख 9 हजार 378 रुपए की बिलिंग करते हुए नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में बिजली अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई जाती है। संपन्न परिवारों के घरों में मिले अधिकांश मामले बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान जिन मकानों में बिजली चोरी के मामले सामने आए, उनमें अधिकांश घर आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों के थे। इन घरों में आधुनिक सुविधाओं से लैस कई महंगे उपकरण उपयोग किए जा रहे थे। हालांकि इन उपकरणों की खपत बिजली मीटर में दर्ज नहीं हो रही थी। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर अप्रत्यक्ष रूप से अतिरिक्त बोझ पड़ता है और बिजली कंपनी को भी भारी राजस्व हानि होती है। Minor Rape and Conversion : डरा-धमकाकर नाबालिगों को होटल ले गए, दुष्कर्म के बाद धर्म परिवर्तन पर किया मजबूर 11 मामलों में दर्ज हुआ प्रकरण, 12.36 लाख रुपए की बिलिंग बिजली चोरी विरोधी अभियान के दौरान कुल 11 मामलों में प्रकरण दर्ज किए गए। जांच में पाया गया कि कई उपभोक्ताओं ने मीटर की लाइन के अतिरिक्त सीधे बिजली पोल से तार जोड़कर बिजली का उपयोग किया था। यह तरीका पूरी तरह अवैध माना जाता है। विभाग ने सभी मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 12 लाख 36 हजार रुपए की बिलिंग की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिजली चोरी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी बिजली विभाग का कहना है कि शहर में बिजली चोरी रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। विभाग नियमित जांच, तकनीकी सर्वे और विशेष अभियान के माध्यम से ऐसे मामलों की पहचान कर रहा है। Kuwait Airport Attack : कुवैत एयरपोर्ट ड्रोन हमले में भारतीय नागरिक की मौत, एयरस्पेस बंद, इंडिगो ने उड़ानें रोकीं अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे वैध बिजली कनेक्शन का उपयोग करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी विभाग को दें। इससे बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने और राजस्व नुकसान रोकने में मदद मिलेगी।

CBSE Data Leak : CBSE का डेटा हैकरों के हाथ! 2025-26 तक की पूरी जानकारी खुले आम बिक रही

CBSE Copy Checking Rule

CBSE Data Leak : नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में शामिल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से जुड़े लाखों छात्रों के निजी डेटा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी विभिन्न वेबसाइटों पर खुलेआम बिक्री के लिए उपलब्ध है। इस मामले ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि CBSE ने डेटा हैकिंग या डेटा ब्रीच की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इंटरनेट पर उपलब्ध सूचनाओं ने डेटा सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ वेबसाइटें छात्रों का डेटा बेचकर आर्थिक लाभ कमा रही हैं। नाम, मोबाइल नंबर और स्कूल की जानकारी तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इन वेबसाइटों पर छात्रों की कई संवेदनशील जानकारियां उपलब्ध बताई जा रही हैं। इनमें छात्रों के नाम, माता-पिता के नाम, मोबाइल नंबर, स्कूल का नाम, विषयों की जानकारी, जिला और अन्य व्यक्तिगत विवरण शामिल हैं। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि कुछ प्लेटफॉर्म 2025-26 बैच तक के छात्रों का डेटा उपलब्ध होने का दावा कर रहे हैं। यदि ये दावे सही साबित होते हैं, तो यह शिक्षा क्षेत्र में डेटा सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा मामला माना जा सकता है। Minor Rape and Conversion : डरा-धमकाकर नाबालिगों को होटल ले गए, दुष्कर्म के बाद धर्म परिवर्तन पर किया मजबूर हजारों रुपए में बिक रहा लाखों छात्रों का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी के अनुसार विभिन्न राज्यों और शहरों के छात्रों का डेटा अलग-अलग कीमतों पर बेचा जा रहा है। दावा है कि दिल्ली के 12वीं कक्षा के 4.20 लाख से अधिक छात्रों का डेटा लगभग 5 हजार रुपए में उपलब्ध है। इसी तरह उत्तर प्रदेश के करीब 3.97 लाख छात्रों का डेटा 4 हजार रुपए में और बिहार के लगभग 1.62 लाख छात्रों का डेटा भी 4 हजार रुपए में बेचा जा रहा है। वहीं बेंगलुरु क्षेत्र के CBSE 2025-26 बैच से संबंधित डेटा 999 रुपए में उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामला गंभीर चिंता का विषय बन गया है। MP Cyber ​​Tehsil : राजस्व व्यवस्था का डिजिटलीकरण! 5.60 लाख लोगों को मिला ऑनलाइन न्याय, CM ने कहा- Digital MP विशेषज्ञों ने जताई डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता कैरियर-360 संस्था के संस्थापक महेश्वर पेरी ने कहा कि यदि यह डेटा किसी हैकिंग, डेटा लीक या किसी अंदरूनी सेंधमारी के माध्यम से बाहर आया है, तो यह शिक्षा व्यवस्था और देश के डेटा सुरक्षा तंत्र के लिए गंभीर चेतावनी है। उनका कहना है कि छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस पूरे मामले पर अब तक CBSE और शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। TMC Political Crisis : TMC में बड़ी दरार! 58 विधायकों ने बनाया अलग गुट, रितब्रता बनर्जी बने नेता री-इवैल्युएशन प्रक्रिया के बीच साइबर हमले जारी इस बीच CBSE की री-इवैल्युएशन प्रक्रिया भी जारी है। बोर्ड के अनुसार अब तक करीब 44 हजार छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका सत्यापन के लिए आवेदन किया है। इनमें 4,924 छात्रों ने उत्तर पुस्तिका की जांच और सत्यापन के लिए आवेदन किया है, जबकि 39,056 छात्रों ने री-इवैल्युएशन का विकल्प चुना है। आवेदन की अंतिम तिथि 6 जून निर्धारित की गई है। बताया जा रहा है कि 19 मई को प्रक्रिया शुरू होने के बाद से CBSE पोर्टल पर लगातार साइबर हमलों का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्रों और अभिभावकों ने यह शिकायत भी की है कि उन्हें अभी तक उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त नहीं हुई है। Karnataka New CM : डीके शिवकुमार बने कर्नाटक के नए सीएम, डिप्टी सीएम समेत 12 विधायक बने मंत्री डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा अब सबसे बड़ी चुनौती विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल शिक्षा के बढ़ते दायरे के साथ डेटा सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी के कथित रूप से ऑनलाइन उपलब्ध होने की खबरें इस बात की ओर संकेत करती हैं कि शैक्षणिक संस्थानों को साइबर सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। आने वाले समय में इस मामले की जांच और संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी रहेगी।

Minor Rape and Conversion : डरा-धमकाकर नाबालिगों को होटल ले गए, दुष्कर्म के बाद धर्म परिवर्तन पर किया मजबूर

Bhopal Minor Rape

Bhopal Minor Rape and Conversion : मध्य प्रदेश। भोपाल के बाग सेवनिया क्षेत्र में दो नाबालिग लड़कियों के साथ कथित दुष्कर्म, छेड़छाड़ और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार दोनों नाबालिगों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि युवकों ने पहले लड़कियों से दोस्ती की और फिर उन्हें घूमने के बहाने घर से बाहर बुलाया। इसके बाद उन्हें बीयर पिलाई गई और विभिन्न स्थानों पर ले जाने के बाद होटल पहुंचाया गया। मामले की जानकारी मिलने पर कुछ सामाजिक संगठनों ने होटल पहुंचकर आरोपियों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। TMC Political Crisis : TMC में बड़ी दरार! 58 विधायकों ने बनाया अलग गुट, रितब्रता बनर्जी बने नेता घूमने के बहाने बुलाकर होटल ले जाने का आरोप पीड़िताओं के अनुसार घटना 2 जून की रात शुरू हुई थी। आरोप है कि एक युवक ने फोन कर घूमने के लिए बुलाया और मना करने पर डराने-धमकाने लगा। इसके बाद दोनों नाबालिग लड़कियां युवकों के साथ एक कैफे पहुंचीं। वहां अन्य युवक भी मौजूद थे। लड़कियों का आरोप है कि उन्हें बीयर पिलाई गई और देर रात तक उनके साथ समय बिताया गया। इसके बाद सभी लोग एक ढाबे पर गए और खाना खाया। सुबह होने पर उन्हें रानी कमलापति रेलवे स्टेशन ले जाया गया और फिर साकेत नगर स्थित एक होटल पहुंचाया गया, जहां दो कमरे बुक किए गए थे। होटल में छेड़छाड़ और जबरदस्ती करने का आरोप पीड़िताओं ने पुलिस को बताया कि होटल के कमरों में पहुंचने के बाद आरोपियों ने उनके साथ अशोभनीय हरकतें शुरू कर दीं। लड़कियों ने इसका विरोध किया और मदद की मांग की, लेकिन आरोपियों ने उनकी बात नहीं सुनी। शिकायत में कहा गया है कि दोनों युवकों ने जबरदस्ती करने की कोशिश की और लगातार दबाव बनाया। लड़कियों के अनुसार वे काफी डरी हुई थीं और स्थिति से बाहर निकलने का प्रयास कर रही थीं। बाद में मामले की जानकारी बाहर आने पर पुलिस को सूचना दी गई। Kuwait Airport Attack : कुवैत एयरपोर्ट ड्रोन हमले में भारतीय नागरिक की मौत, एयरस्पेस बंद, इंडिगो ने उड़ानें रोकीं पहले भी शोषण और धमकी देने के आरोप एक नाबालिग ने अपने बयान में आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी उसे इसी होटल और अन्य होटलों में ले जा चुका था। उसने दावा किया कि आरोपी ने उसे कई बार धमकाकर शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी लगातार धर्म परिवर्तन करने और मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाता था। उसने कहा कि उसे पहनावे और धार्मिक मान्यताओं को बदलने के लिए भी कहा जाता था। इन आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी बाग सेवनिया थाना पुलिस ने दोनों नाबालिगों की शिकायत के आधार पर दुष्कर्म, छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। MP Cyber ​​Tehsil : राजस्व व्यवस्था का डिजिटलीकरण! 5.60 लाख लोगों को मिला ऑनलाइन न्याय, CM ने कहा- Digital MP पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िताओं के बयानों, होटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।