Cow Head Found : ईद पर रतलाम में बड़ा बवाल, गाय का कटा सिर मिलने के बाद लोगों ने किया चक्काजाम

Cow Head Found : मध्य प्रदेश। रतलाम में गुरुवार को गाय का कटा सिर मिलने के बाद शहर में तनाव की स्थिति बन गई। शहर के सिविक सेंटर इलाके में गाय के अवशेष मिलने की सूचना जैसे ही फैली, हिंदू संगठनों और गौ रक्षा से जुड़े कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। प्रदर्शनकारी गाय का कटा सिर लेकर सड़क पर बैठ गए और चक्काजाम शुरू कर दिया। इस दौरान कई कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करते नजर आए। कार्यकर्ताओं ने जताया भारी आक्रोश प्रदर्शनकारी गनी शक्तावत ने बताया कि उन्हें पहले केवल गाय के अवशेष मिलने की सूचना मिली थी, लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति बेहद गंभीर दिखाई दी। उन्होंने कहा कि यह केवल अवशेष नहीं थे, बल्कि गाय के शरीर का आधा हिस्सा था। उन्होंने इसे बेहद दर्दनाक और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली घटना बताया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि रतलाम में इस तरह की यह दूसरी घटना है और अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। Twisha Sharma Case : CBI का बड़ा एक्शन , रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार; आज ही कोर्ट में पेश करेंगे प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप हिंदू संगठनों ने प्रशासन और नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन हर बार केवल आश्वासन देता है, लेकिन जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम सड़क से गायों को पकड़कर अवैध रूप से छोड़ देता है, जिससे ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने मांग की कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। गौ रक्षा कार्यकर्ताओं को मिल रही धमकियां गौ रक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उनका कहना है कि गौ रक्षा के मुद्दे पर आवाज उठाने वालों को डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक गाय के पूरे अवशेष बरामद नहीं किए जाएंगे और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सड़क पर बैठकर किया विरोध प्रदर्शन प्रदर्शनकारी लोकेंद्र टॉकीज चौराहे से सैलाना बस स्टैंड की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया। इसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और नगर निगम कमिश्नर को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने निगम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। 16 Year old Election Candidate : मैं बौना हूं…16 साल का लड़का खुद को 30 साल का बताकर लड़ा सांसद का चुनाव मौके पर पहुंचा भारी पुलिस बल घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रभारी सीएसपी अजय सारवान, एसडीओपी किशोर पाटन वाला, ट्रैफिक डीएसपी आनंद सोनी समेत शहर के कई थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। हालात को देखते हुए इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई। एसडीएम आर्ची हरित सहित कई प्रशासनिक अधिकारी लोगों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे। इसके अलावा पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों को भी मौके पर बुलाया गया ताकि मिले अवशेषों की जांच की जा सके। अवैध झोपड़ियों को लेकर भी उठा मामला जिस स्थान पर गाय के अवशेष मिले हैं, उसे नगर निगम और निजी जमीन का हिस्सा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार वहां कुछ लोगों ने अवैध रूप से झोपड़ियां बनाकर कब्जा कर रखा है। हिंदू संगठनों ने घटना के लिए इन्हीं लोगों पर शक जताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब एक साल पहले भी इसी इलाके में ऐसी घटना सामने आई थी, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया। प्रशासन ने कार्रवाई का दिया भरोसा अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें सात दिन के भीतर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जहां अवैध झोपड़ियां बनी हैं, वहां भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। Meat Thrown Incident : ईद के दिन माहौल बिगाड़ने की कोशिश? हिंदू परिवार के घर के बाहर फेंके मांस के टुकड़े शहर में बढ़ाई गई निगरानी घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अफवाह न फैले। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रही है।
Twisha Sharma Case : CBI का बड़ा एक्शन , रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार; आज ही कोर्ट में पेश करेंगे

Twisha Sharma Case : मध्य प्रदेश। भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। CBI की टीम सुबह करीब साढ़े 10 बजे उनके घर पहुंची थी। इसके बाद कई घंटों तक उनसे पूछताछ की गई। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शाम 5 बजकर 10 मिनट पर उनकी गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तारी के बाद CBI टीम उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी में जुट गई। इसके बाद उन्हें CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा। घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई। गिरिबाला सिंह के घर के बाहर कटारा हिल्स और बाग सेवनिया थाना पुलिस को तैनात किया गया। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और CBI दोनों एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रही हैं। 16 Year old Election Candidate : मैं बौना हूं…16 साल का लड़का खुद को 30 साल का बताकर लड़ा सांसद का चुनाव हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत इससे पहले बुधवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने देर रात 17 पन्नों का विस्तृत आदेश जारी किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले की गंभीरता, उपलब्ध सबूत और जांच की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आरोपी पक्ष को राहत देना उचित नहीं है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई थी। CBI ने की 360 डिग्री रिकॉर्डिंग जांच के दौरान CBI ने तकनीकी जांच भी तेज कर दी है। एजेंसी ने गिरिबाला सिंह के घर में हाई इंटेंसिटी 3D कैमरे लगाकर पूरे परिसर की 360 डिग्री रिकॉर्डिंग की। इसके साथ ही आसपास की लोकेशन को भी स्कैन किया गया। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटनास्थल आसपास के किसी मकान की छत या बालकनी से दिखाई देता था या नहीं। माना जा रहा है कि इस तकनीकी जांच से घटनास्थल से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। MP Wheat Procurement : एमपी में गेहूं खरीदी ने बनाया रिकॉर्ड, CM मोहन यादव बोले- इरादे मजबूत हों तो बड़े लक्ष्य भी छोटे पड़ जाते हैं… पति समर्थ सिंह पहले से CBI रिमांड में इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह को पहले ही CBI ने गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में पेश करने के बाद कोर्ट ने उसे 29 मई तक CBI रिमांड पर भेज दिया है। एजेंसी लगातार उससे पूछताछ कर रही है। CBI यह जानने की कोशिश कर रही है कि 12 मई की रात आखिर क्या हुआ था और ट्विशा की मौत किन परिस्थितियों में हुई। 12 मई की रात हुई थी संदिग्ध मौत 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। ससुराल पक्ष इस घटना को आत्महत्या बता रहा है, जबकि ट्विशा के मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। मामले ने पूरे प्रदेश में काफी चर्चा बटोरी थी और इसके बाद जांच CBI को सौंप दी गई थी। AIIMS की टीम ने किया दोबारा पोस्टमॉर्टम 24 मई को भोपाल AIIMS में दिल्ली AIIMS की विशेषज्ञ टीम ने ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया था। इस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को जांच में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पोस्टमॉर्टम के बाद शाम को भदभदा श्मशान घाट में ट्विशा का अंतिम संस्कार किया गया। उनके भाई मेजर हर्षित ने उन्हें मुखाग्नि दी थी। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार और रिश्तेदारों में भारी भावुक माहौल देखा गया। Pandit Dhirendra Shastri : गाय के लिए बदल रही देश की सोच! धीरेंद्र शास्त्री बोले- गौभक्षक भी कर रहे राष्ट्र माता बनाने की मांग मामले पर पूरे प्रदेश की नजर ट्विशा शर्मा मौत मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। एक रिटायर्ड जज परिवार से जुड़े होने और CBI जांच के कारण इस केस पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है। अब सभी की निगाहें CBI की आगे की जांच और कोर्ट की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
16 Year old Election Candidate : मैं बौना हूं…16 साल का लड़का खुद को 30 साल का बताकर लड़ा सांसद का चुनाव

16 Year Old Election Candidate : दुनिया में आमतौर पर संसद चुनाव लड़ने के लिए एक तय उम्र सीमा होती है। ज्यादातर देशों में नाबालिग व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता। लेकिन नाइजीरिया में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया। यहां एक 16 साल के लड़के ने खुद को 30 साल का बताकर संसद चुनाव लड़ने की तैयारी कर ली। इतना ही नहीं, देश की बड़ी राजनीतिक पार्टी भी उसकी बातों पर भरोसा कर बैठी। बाद में जब असली दस्तावेज सामने आए तो पूरे मामले ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ इंटरव्यू महमूद सादिस बुबा नाम का यह लड़का नाइजीरिया में “जारिया का अजूबा” नाम से मशहूर है। उसने दावा किया था कि वह बौनेपन की बीमारी से पीड़ित है, इसलिए उसकी शक्ल और कद बच्चों जैसा दिखाई देता है। नाइजीरिया की बड़ी राजनीतिक पार्टी ऑल प्रोग्रेसिव कांग्रेस यानी APC की तरफ से उसका एक इंटरव्यू वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था। वीडियो में महमूद ने कहा कि वह पहले ड्राइवर का काम करता था और उसका जन्म 2 अगस्त 1995 को हुआ था। Bashir Badr Passes Away : मशहूर शायर बशीर बद्र का 91 साल की उम्र में निधन, डिमेंशिया बीमारी से थे पीड़ित वीडियो में उसने यह भी कहा कि वह अपनी मर्जी से चुनाव नहीं लड़ रहा, बल्कि जनता चाहती है कि वह उनकी सेवा करे। उसकी बातें लोगों को काफी पसंद आईं और सोशल मीडिया पर वह तेजी से लोकप्रिय हो गया। कई लोगों ने उसे आम जनता की आवाज और नया युवा नेता बताना शुरू कर दिया। चुनाव लड़ने के लिए उम्र सीमा जरूरी नाइजीरिया के कानून के अनुसार संसद चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 25 साल होनी चाहिए। महमूद ने खुद को 30 साल का बताया था, इसलिए वह चुनाव लड़ने के लिए योग्य माना जा रहा था। बताया जा रहा है कि वह पार्टी से टिकट हासिल करने के काफी करीब पहुंच गया था। लेकिन जैसे-जैसे उसकी लोकप्रियता बढ़ी, वैसे-वैसे लोगों ने उसकी उम्र को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इसके बाद कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर उसके असली दस्तावेज शेयर कर दिए। इनमें उसका पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, नेशनल आईडी और स्कूल रिकॉर्ड शामिल थे। MP Wheat Procurement : एमपी में गेहूं खरीदी ने बनाया रिकॉर्ड, CM मोहन यादव बोले- इरादे मजबूत हों तो बड़े लक्ष्य भी छोटे पड़ जाते हैं… दस्तावेज सामने आते ही मचा हड़कंप दस्तावेजों के सामने आने के बाद पूरी कहानी बदल गई। रिकॉर्ड के अनुसार महमूद का जन्म साल 2010 में हुआ था। यानी वह 30 साल का नहीं, बल्कि केवल 16 साल का लड़का था। यह खुलासा होते ही पूरे नाइजीरिया में हड़कंप मच गया। लोग यह सोचकर हैरान रह गए कि इतनी बड़ी राजनीतिक पार्टी बिना सही जांच के किसी व्यक्ति को चुनाव टिकट देने तक कैसे पहुंच गई। स्कूल टीचर ने भी किया बड़ा खुलासा मामला उस समय और ज्यादा गंभीर हो गया जब महमूद के स्कूल के एक पुराने शिक्षक ने मीडिया के सामने बयान दिया। शिक्षक ने बताया कि उन्होंने कुछ साल पहले ही महमूद को जूनियर हाईस्कूल में पढ़ाया था और वह अभी नाबालिग है। इस बयान के बाद पार्टी के लिए मामले से बचना मुश्किल हो गया। शुरुआत में पार्टी ने इसे राजनीतिक विरोधियों की साजिश बताया था, लेकिन लगातार सामने आ रहे सबूतों के बाद पार्टी के पास कोई जवाब नहीं बचा। पार्टी ने किया सस्पेंड सबूत सामने आने के बाद ऑल प्रोग्रेसिव कांग्रेस पार्टी ने महमूद को तुरंत सस्पेंड कर दिया। साथ ही उसे चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया। बाद में महमूद ने भी पार्टी अध्यक्ष को पत्र लिखकर चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। Pandit Dhirendra Shastri : गाय के लिए बदल रही देश की सोच! धीरेंद्र शास्त्री बोले- गौभक्षक भी कर रहे राष्ट्र माता बनाने की मांग सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग महमूद की चालाकी पर हैरानी जता रहे हैं, जबकि कुछ राजनीतिक दलों की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि अगर दस्तावेज सामने नहीं आते, तो शायद एक 16 साल का लड़का संसद चुनाव तक पहुंच जाता। राजनीति में जांच प्रक्रिया पर उठे सवाल इस पूरे विवाद के बाद नाइजीरिया में राजनीतिक दलों की उम्मीदवार जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि किसी उम्मीदवार की उम्र और दस्तावेजों की जांच किए बिना उसे टिकट कैसे दिया जा सकता है। यह मामला अब केवल एक लड़के की गलत जानकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा सवाल बन गया है।
Siddaramaiah Resigns : कर्नाटक के CM सिद्दारमैया ने दिया इस्तीफा, बोले-आलाकमान ने जो बोला मैंने किया

Siddaramaiah Resigns : बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वे दोपहर करीब 3 बजे लोकभवन पहुंचे और कुछ ही मिनटों में इस्तीफा सौंपकर बाहर निकल आए। इस दौरान उनके साथ डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी मौजूद रहे। बताया गया कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत फिलहाल बेंगलुरु से बाहर हैं, इसलिए सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफा देने के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। मंत्रियों को पहले ही दे दी थी जानकारी इस्तीफे से पहले सिद्धारमैया ने बेंगलुरु स्थित अपने आवास पर मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई थी। इस बैठक में उन्होंने अपने फैसले की जानकारी सभी मंत्रियों को दी। बैठक के दौरान भावुक माहौल भी देखने को मिला। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए, जिसके बाद सिद्धारमैया ने उन्हें गले लगा लिया। इस घटना को कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। Meat Thrown Incident : ईद के दिन माहौल बिगाड़ने की कोशिश? हिंदू परिवार के घर के बाहर फेंके मांस के टुकड़े डीके शिवकुमार के नाम पर लगी मुहर कर्नाटक सरकार में मंत्री एचके पाटिल ने बताया कि बैठक में डीके शिवकुमार के नाम पर सहमति बन गई है। माना जा रहा है कि शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना जा सकता है। इसके बाद कांग्रेस सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। डीके शिवकुमार लंबे समय से मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जाते रहे हैं। कांग्रेस के भीतर उनका संगठन और चुनाव प्रबंधन पर मजबूत प्रभाव माना जाता है। कांग्रेस में क्यों बदला गया मुख्यमंत्री कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने के पीछे कई राजनीतिक कारण बताए जा रहे हैं। पहला कारण 2023 विधानसभा चुनाव के बाद बना सत्ता संतुलन माना जा रहा है। उस समय सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे। तब कांग्रेस हाईकमान ने कथित तौर पर ढाई-ढाई साल के रोटेशन फॉर्मूले पर सहमति बनाई थी। अब सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद डीके शिवकुमार का दबाव बढ़ गया था। दूसरा कारण सिद्धारमैया सरकार पर लगे कुछ विवाद और घोटालों के आरोप बताए जा रहे हैं। वहीं तीसरा कारण एंटी-इंकम्बेंसी माना जा रहा है। कांग्रेस हाईकमान का मानना है कि समय रहते नेतृत्व परिवर्तन करने से सरकार के खिलाफ बन रही नाराजगी को कम किया जा सकता है। Meat Thrown Incident : ईद के दिन माहौल बिगाड़ने की कोशिश? हिंदू परिवार के घर के बाहर फेंके मांस के टुकड़े कैबिनेट में भी बड़े बदलाव संभव सूत्रों के अनुसार सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि मंत्रिमंडल में भी बड़ा फेरबदल हो सकता है। चर्चा है कि मौजूदा 35 मंत्रियों में से 15 से 20 मंत्रियों को बदला जा सकता है। साथ ही दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। इनमें एक दलित चेहरे और एक लिंगायत या ओबीसी नेता को जिम्मेदारी दी जा सकती है। कांग्रेस सामाजिक संतुलन और आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर यह रणनीति बना रही है। राहुल गांधी और खड़गे के साथ हुई थी लंबी बैठक 26 मई को सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दिल्ली पहुंचे थे। यहां उनकी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ करीब 6 घंटे तक बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें और तेज हो गई थीं। हालांकि उस समय कांग्रेस हाईकमान ने सार्वजनिक रूप से किसी बदलाव से इनकार किया था। लेकिन अब सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद यह साफ हो गया कि पार्टी नेतृत्व बदलाव का फैसला ले चुका था। Sanchi Relics : सांची से मंगोलिया पहुंचेगा भगवान बुद्ध के शिष्यों का पवित्र अस्थि कलश, भारत-मंगोलिया रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती डीके शिवकुमार का राजनीतिक सफर डीके शिवकुमार कर्नाटक की राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वे वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं, जिसकी राज्य में मजबूत राजनीतिक पकड़ है। वे 27 साल की उम्र में पहली बार विधायक बने थे। 1989 में उन्होंने सथानूर विधानसभा सीट से चुनाव जीता था। इसके बाद वे कई बार मंत्री रहे और 2020 में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए। 2023 में वे पहली बार कर्नाटक के डिप्टी सीएम बने। संगठन और चुनाव प्रबंधन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। कर्नाटक की राजनीति में नया अध्याय सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब कर्नाटक की राजनीति नए दौर में प्रवेश करती दिखाई दे रही है। कांग्रेस के लिए यह बदलाव आगामी चुनावों और संगठनात्मक संतुलन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर कांग्रेस विधायक दल की बैठक और नए मुख्यमंत्री के औपचारिक ऐलान पर टिकी हुई है।
Bashir Badr Passes Away : मशहूर शायर बशीर बद्र का 91 साल की उम्र में निधन, डिमेंशिया बीमारी से थे पीड़ित

Bashir Badr Passes Away : भोपाल। उर्दू शायरी की दुनिया के मशहूर नाम डॉ. बशीर बद्र का गुरुवार दोपहर भोपाल में निधन हो गया। उन्होंने 91 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही साहित्य और शायरी जगत में शोक की लहर फैल गई। परिवार के अनुसार अंतिम संस्कार का समय अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन संभावना है कि उनका अंतिम संस्कार गुरुवार शाम को किया जाएगा। लंबे समय से बीमार चल रहे बशीर बद्र पिछले कुछ वर्षों से डिमेंशिया बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी याददाश्त काफी कमजोर हो चुकी थी और वे लोगों को पहचान भी नहीं पा रहे थे। डिमेंशिया बीमारी से थे पीड़ित परिजनों के अनुसार पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही थी। बीमारी के कारण वे अधिकतर समय शांत रहते थे, लेकिन जब भी उन्हें मुशायरों की याद आती थी तो वे “इरशाद, इरशाद” कहने लगते थे। यह बात उनके करीबियों को भावुक कर देती थी। बशीर बद्र का जीवन केवल शायरी तक सीमित नहीं था, बल्कि वे उर्दू साहित्य की एक ऐसी पहचान बन चुके थे, जिन्होंने आम लोगों की भाषा में गहरी भावनाओं को बयां किया। MP Wheat Procurement : एमपी में गेहूं खरीदी ने बनाया रिकॉर्ड, CM मोहन यादव बोले- इरादे मजबूत हों तो बड़े लक्ष्य भी छोटे पड़ जाते हैं… आसान भाषा ने दिलाई अलग पहचान डॉ. बशीर बद्र ने उर्दू गजल को एक नया अंदाज दिया। उन्होंने कठिन और भारी शब्दों की जगह आसान और रोजमर्रा की भाषा का इस्तेमाल किया। यही वजह रही कि उनकी शायरी सीधे लोगों के दिलों तक पहुंची। उनकी गजलों में मोहब्बत, दर्द, रिश्ते और जिंदगी की सच्चाइयों को बेहद सरल तरीके से पेश किया गया। उनकी शायरी सिर्फ मुशायरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम लोगों की बातचीत और सोशल मीडिया तक में मशहूर हुई। अयोध्या से भोपाल तक का सफर डॉ. बशीर बद्र का जन्म 15 फरवरी 1935 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुआ था। उनका पूरा नाम सैयद मोहम्मद बशीर था। उन्होंने उर्दू शायर और लेखक के रूप में देशभर में पहचान बनाई। वर्ष 1999 में उन्हें साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की थी। बाद में वे मेरठ कॉलेज के उर्दू विभाग में लेक्चरर बने और लंबे समय तक छात्रों को शिक्षा दी। Pandit Dhirendra Shastri : गाय के लिए बदल रही देश की सोच! धीरेंद्र शास्त्री बोले- गौभक्षक भी कर रहे राष्ट्र माता बनाने की मांग 1974 से 1990 का दौर रहा स्वर्णिम समय साल 1974 से 1990 के बीच का समय बशीर बद्र के जीवन का सबसे अहम दौर माना जाता है। इसी समय उनकी शायरी ने नई ऊंचाइयों को छुआ। उन्होंने मेरठ कॉलेज में बतौर लेक्चरर काम करते हुए साहित्य की दुनिया में बड़ी पहचान बनाई। उनकी गजलों की सादगी और गहराई ने उन्हें देश और विदेश में लोकप्रिय बना दिया। मुशायरों में उनकी मौजूदगी ही लोगों के लिए खास आकर्षण होती थी। मीना कुमारी से मिला बड़ा सम्मान बशीर बद्र की लोकप्रियता बढ़ाने में अभिनेत्री मीना कुमारी का भी बड़ा योगदान माना जाता है। उनका मशहूर शेर “उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो…” मीना कुमारी को बेहद पसंद आया था। उन्होंने इस शेर को अपने हाथों से लिखकर एक पत्रिका को भेजा था। इसके बाद बशीर बद्र की शायरी को नई पहचान मिली और वे तेजी से मशहूर होने लगे। पिता के निधन के बाद की थी नौकरी कम उम्र में पिता के निधन के बाद बशीर बद्र ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने मजबूरी में पुलिस विभाग की नौकरी भी की, लेकिन शायरी से उनका रिश्ता कभी नहीं टूटा। बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में अपना पूरा ध्यान लगाया। वे अक्सर अपने अनुभवों को शेरों में ढालते थे, जो लोगों के दिलों को छू जाते थे। Sanchi Relics : सांची से मंगोलिया पहुंचेगा भगवान बुद्ध के शिष्यों का पवित्र अस्थि कलश, भारत-मंगोलिया रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती पत्नी रेहाना रहीं सबसे बड़ी ताकत बशीर बद्र की पत्नी रेहाना बद्र ने उनके जीवन और साहित्यिक सफर में अहम भूमिका निभाई। वे एक अच्छी लेखिका और शिक्षिका रही हैं। बशीर बद्र कई बार कह चुके थे कि उनकी गजलों को मुकम्मल बनाने में रेहाना का बड़ा योगदान रहा। वे उनकी सबसे ईमानदार आलोचक और सबसे मजबूत सहारा थीं। दोनों की जोड़ी साहित्य जगत में काफी सम्मान के साथ देखी जाती थी। बशीर बद्र के मशहूर शेर आज भी लोगों की जुबान पर बशीर बद्र के कई शेर आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। “कुछ तो मजबूरियां रही होंगी”, “लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में” और “कोई हाथ भी न मिलाएगा” जैसे शेर आज भी सोशल मीडिया और मुशायरों में खूब सुनाई देते हैं। उनकी शायरी आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी।
MP Wheat Procurement : एमपी में गेहूं खरीदी ने बनाया रिकॉर्ड, CM मोहन यादव बोले- इरादे मजबूत हों तो बड़े लक्ष्य भी छोटे पड़ जाते हैं…

MP Wheat Procurement : भोपाल। मध्यप्रदेश में इस बार गेहूं उपार्जन ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। राज्य सरकार ने तय लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदी कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस सफलता को किसानों के विश्वास और सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि मजबूत इरादों के सामने बड़े लक्ष्य भी छोटे पड़ जाते हैं। प्रदेश में अब तक 13.36 लाख किसानों से 103 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी पूरी की जा चुकी है। यह आंकड़ा राज्य की कृषि व्यवस्था और किसानों की मेहनत को दर्शाता है। किसानों के खातों में पहुंची बड़ी राशि मध्यप्रदेश सरकार ने गेहूं खरीदी के बदले किसानों को 22,842.9 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान किया है। सरकार का दावा है कि किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। गेहूं उपार्जन प्रक्रिया के दौरान किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ दिया गया। इससे किसानों में सरकार के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है। बड़ी संख्या में किसानों ने इस बार समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने में रुचि दिखाई। Meat Thrown Incident : ईद के दिन माहौल बिगाड़ने की कोशिश? हिंदू परिवार के घर के बाहर फेंके मांस के टुकड़े मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साझा की उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट साझा करते हुए इस उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि “इरादे मजबूत हों तो बड़े लक्ष्य भी छोटे पड़ जाते हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ने गेहूं उपार्जन के तय लक्ष्य को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने आगे लिखा, “जो कहा, सो किया।” मुख्यमंत्री के इस संदेश को सरकार की किसान हितैषी नीतियों से जोड़कर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी यह पोस्ट तेजी से चर्चा में है। किसान कल्याण को प्राथमिकता दे रही सरकार राज्य सरकार लगातार किसान कल्याण योजनाओं पर जोर दे रही है। गेहूं उपार्जन अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेशभर में खरीदी केंद्र बनाए गए थे। किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी भी रखी गई। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए नई योजनाएं लागू की जाएंगी। प्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। Twisha Sharma Case : पति समर्थ सिंह 29 मई तक CBI रिमांड पर, सास की अग्रिम जमानत पर हाईकोर्ट में गरमाई बहस समर्थन मूल्य योजना से किसानों को मिला लाभ सरकारी समर्थन मूल्य योजना का लाभ इस बार लाखों किसानों को मिला है। किसानों ने बड़ी मात्रा में गेहूं बेचकर आर्थिक मजबूती हासिल की है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर भुगतान और बेहतर खरीदी व्यवस्था से किसानों का भरोसा सरकारी योजनाओं पर बढ़ा है। इससे प्रदेश में कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। सरकार का दावा है कि भविष्य में भी किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।
Meat Thrown Incident : ईद के दिन माहौल बिगाड़ने की कोशिश? हिंदू परिवार के घर के बाहर फेंके मांस के टुकड़े

Meat Thrown Incident : मध्य प्रदेश। उज्जैन शहर में ईद के दिन माहौल बिगाड़ने की कथित कोशिश का मामला सामने आया है। शहर के आगर रोड स्थित गांधी नगर इलाके में एक हिंदू परिवार के घर के बाहर मांस का टुकड़ा मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। मामले को संवेदनशील मानते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया और जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। सुबह घर के बाहर मिला मांस का टुकड़ा गांधी नगर निवासी स्नेहलता गुप्ता ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 8 बजे उन्होंने अपने घर का बरामदा साफ किया था। इसके कुछ समय बाद जब वे मुख्य गेट बंद करने पहुंचीं तो दरवाजे के बाहर मांस का टुकड़ा पड़ा दिखाई दिया। यह देखकर वे घबरा गईं और तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी। घटना की खबर मिलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने इसे माहौल खराब करने की कोशिश बताया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। Pandit Dhirendra Shastri : गाय के लिए बदल रही देश की सोच! धीरेंद्र शास्त्री बोले- गौभक्षक भी कर रहे राष्ट्र माता बनाने की मांग पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही चिमनगंज मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की। इसके साथ ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि मांस वहां किसने फेंका। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा और निगरानी मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सोशल मीडिया पर फैल रही सूचनाओं पर भी नजर बनाए हुए है ताकि कोई भ्रामक जानकारी माहौल को प्रभावित न कर सके। Twisha Sharma Case : पति समर्थ सिंह 29 मई तक CBI रिमांड पर, सास की अग्रिम जमानत पर हाईकोर्ट में गरमाई बहस बीजेपी पार्षद ने की सख्त कार्रवाई की मांग घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय बीजेपी पार्षद शिवेंद्र तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास हो सकती हैं, इसलिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्षद ने कहा कि प्रशासन को जल्द से जल्द मामले का खुलासा करना चाहिए ताकि लोगों में फैली चिंता दूर हो सके। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की पुलिस प्रशासन ने लोगों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर काम कर रही है।
Pandit Dhirendra Shastri : गाय के लिए बदल रही देश की सोच! धीरेंद्र शास्त्री बोले- गौभक्षक भी कर रहे राष्ट्र माता बनाने की मांग

Pandit Dhirendra Shastri : खजुराहो। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर बड़ा अभियान शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आगामी 27 जुलाई को देशभर के सभी जिलों में इस अभियान को चलाया जाएगा। इस दौरान ज्ञापन सौंपे जाएंगे और हस्ताक्षर अभियान भी आयोजित किया जाएगा। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने देशभर के सनातनियों, गौ सेवकों और संत समाज से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उनकी इस घोषणा के बाद गौ भक्तों और समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है। बद्रीनाथ धाम में चल रही पांच दिवसीय कथा पंडित धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों उत्तराखंड स्थित श्री बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर हैं। उन्होंने 21 दिनों की कठिन साधना पूरी करने के बाद बुधवार से श्री सत्यनारायण भगवान की पांच दिवसीय कथा का शुभारंभ किया। कथा के पहले दिन व्यासपीठ से उन्होंने गौ संरक्षण और गौ माता के सम्मान को लेकर बड़ा संदेश दिया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना से जुड़ा हुआ विषय है। Bhopal Water Crisis : RGPV विश्वविद्यालय में छात्रों का हंगामा, बाल्टी -डिब्बा लेकर छात्रों ने किया प्रदर्शन गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार तक यह संदेश पहुंचाना है कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों पर भटक रही गौ माताओं के लिए बेहतर व्यवस्था बनाई जानी चाहिए और उन्हें सम्मानपूर्वक गौशालाओं तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने देशभर के गौ सेवकों और सनातनियों से अपने-अपने जिलों में एकत्र होकर गौ संरक्षण के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की। उनके अनुसार गौ सेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुस्लिम समाज के समर्थन का भी किया जिक्र व्यासपीठ से संबोधित करते हुए बागेश्वर सरकार ने एक समाचार का उल्लेख किया, जिसमें मुस्लिम समाज के कुछ लोग भी गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने मौलाना मदनी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी भारत सरकार से इस विषय पर मांग की है। इस बयान के बाद कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं के बीच चर्चा तेज हो गई। पंडित शास्त्री ने इसे देश में बदलते सामाजिक माहौल का संकेत बताया। Pinarayi Vijayan ED Raid : केरल के पूर्व CM पिनाराई विजयन के घर ED रेड, CMRL पेमेंट केस में तलाशी जारी धीरेंद्र शास्त्री बोले- देश बदल रहा है अपने संबोधन के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “हम लोग गाय को रोटी खिलाते हैं, कुछ लोग रोटी के साथ गाय खाते हैं, लेकिन अब वे भी गौ माता को राष्ट्र माता बनाने के समर्थन में आगे आ रहे हैं। देश बदल रहा है।” उनके इस बयान के बाद कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। उन्होंने कहा कि गौ माता केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पहचान भी हैं। संत समाज से दिल्ली पहुंचने की अपील पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने संत समाज और सनातनियों से आग्रह किया कि सभी लोग एकजुट होकर दिल्ली पहुंचें और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को मजबूती दें। उन्होंने कहा कि यह अभियान शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाएगा। देशभर में ज्ञापन और हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से सरकार तक जनभावना पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। Simhastha 2028 : सिंहस्थ में शिप्रा के शुद्ध जल से होगा स्नान, गंगा दशहरे पर सीएम मोहन यादव की बड़ी घोषणा श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी घोषणा बद्रीनाथ धाम में चल रही श्री सत्यनारायण कथा के दौरान की गई यह घोषणा अब श्रद्धालुओं और गौ भक्तों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है। देशभर से कथा में पहुंचे भक्तों ने इस अभियान को समर्थन देने की बात कही है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा रूप ले सकता है।
Sanchi Relics : सांची से मंगोलिया पहुंचेगा भगवान बुद्ध के शिष्यों का पवित्र अस्थि कलश, भारत-मंगोलिया रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

Sanchi Relics : मध्य प्रदेश। विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थल सांची से भगवान गौतम बुद्ध के परम शिष्यों अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हन्त महामोग्गलान के पवित्र अस्थि कलश 28 मई को मंगोलिया के लिए रवाना किए गए। यह ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इससे पहले इन पवित्र अवशेषों को थाईलैंड भेजा गया था। दूसरी बार इन पवित्र धरोहरों को विदेश में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए भेजा जा रहा है। इस यात्रा से भारत और मंगोलिया के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही सांची में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है। सुबह विशेष पूजा और मंत्रोच्चार का आयोजन बुधवार सुबह करीब 7 बजे सांची स्थित चैत्यगिरि विहार मंदिर के मुख्य तहखाने से पवित्र अस्थि कलशों को बाहर निकाला गया। इस दौरान 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा। अस्थि कलश बाहर निकालने के बाद बौद्ध भिक्षुओं ने लगभग एक घंटे तक विशेष पूजा-अर्चना और मंत्रोच्चार किया। पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं और अधिकारियों ने भी इस ऐतिहासिक प्रक्रिया को गंभीरता और श्रद्धा के साथ देखा। Bhopal Water Crisis : RGPV विश्वविद्यालय में छात्रों का हंगामा, बाल्टी -डिब्बा लेकर छात्रों ने किया प्रदर्शन गार्ड ऑफ ऑनर के बाद कड़ी सुरक्षा में रवाना सुबह 9 बजे सशस्त्र सुरक्षा बलों ने पवित्र अवशेषों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद अस्थि कलशों को विशेष बुलेटप्रूफ और शॉक-प्रूफ बॉक्स में सुरक्षित तरीके से सील किया गया। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में इन अवशेषों को सड़क मार्ग से भोपाल एयरपोर्ट के लिए रवाना किया गया। प्रशासन ने पूरे मार्ग को सुरक्षित रखा और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह गोपनीय बनाए रखा गया। इस दौरान हर गतिविधि पर विशेष नजर रखी गई। वैज्ञानिक जांच और विशेष प्रोटोकॉल का पालन रायसेन एसडीएम मनीष शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग और केंद्र सरकार की तकनीकी टीम ने पहले ही अस्थि कलशों का वैज्ञानिक परीक्षण, सत्यापन और नाप-तौल की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। यह पूरा मिशन ‘सोवरेन गारंटी’ प्रोटोकॉल के तहत संचालित किया जा रहा है। सुरक्षा और संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो। Pinarayi Vijayan ED Raid : केरल के पूर्व CM पिनाराई विजयन के घर ED रेड, CMRL पेमेंट केस में तलाशी जारी भोपाल से दिल्ली और फिर मंगोलिया भेजे जाएंगे अवशेष भोपाल एयरपोर्ट पर पवित्र अवशेषों के लिए विशेष विदाई समारोह आयोजित किया गया। यहां से इन्हें विशेष विमान के जरिए दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय ले जाया जाएगा। आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें मंगोलिया के लिए रवाना किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार यात्रा के हर चरण में उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। उलानबटार के प्रसिद्ध मठ में होंगे दर्शन मंगोलिया की राजधानी उलानबटार स्थित गंडन तेगचेनलिंग मठ में इन पवित्र अस्थि कलशों को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा जाएगा। यह मठ मंगोलिया का प्रमुख बौद्ध धार्मिक केंद्र माना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1809 में हुई थी। तिब्बती वास्तुकला शैली में बने इस मठ में 26 मीटर ऊंची स्वर्णमंडित अवलोकितेश्वर प्रतिमा स्थापित है। हर वर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। SC on Bihar SIR : SIR अवैध नहीं… यह चुनाव आयोग का अधिकार, बिहार SIR के खिलाफ लगी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ऐसा होता है पवित्र अवशेषों का सुरक्षा प्रबंधन पवित्र अस्थि कलशों को राजकीय अतिथि का दर्जा दिया जाता है। यात्रा के दौरान इन्हें 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा घेरे में रखा जाता है। पूरा रूट गोपनीय रखा जाता है और सुरक्षा के लिए एडवांस पायलट वाहन भी साथ चलता है। अवशेषों को स्मार्ट क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम वाले बुलेटप्रूफ और शॉक-प्रूफ केस में रखा जाता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम माइक्रोग्राम स्तर तक वैज्ञानिक जांच कर डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करती है। 10 दिन तक मंगोलिया में रहेंगे पवित्र अवशेष एसडीएम मनीष शर्मा के अनुसार मंगोलिया में करीब 10 दिनों तक श्रद्धालु इन पवित्र अवशेषों के दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद तय सुरक्षा मानकों और अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत अस्थि कलशों को वापस सांची लाया जाएगा। इस धार्मिक यात्रा को दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे भारत की बौद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।