Market Outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, अब 20 मई को कैसी रहेगी शेयर मार्केट की चाल?

HIGHLIGHTS: सेंसेक्स 114 अंक टूटकर बंद निफ्टी 23,618 के स्तर पर आया IT शेयरों में जोरदार तेजी रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा 23,800 निफ्टी के लिए बड़ा रेजिस्टेंस Market Outlook : नई दिल्ली। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद लाल निशान में बंद हुआ। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 114 अंक गिरकर 75,200 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 32 अंक टूटकर 23,618 के स्तर पर बंद हुआ। आईटी रिकवरी में शानदार तेजी से देखने को मिली, लेकिन प्राइवेट बैंकिंग और कुछ बड़ी रिकवरी में कमजोरी ने बाजार पर दबाव बना दिया। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप रिकवरी में खरीदारी जारी रही। Falta Seat Controversy: चुनाव से पहले TMC को बड़ा झटका, जहांगीर खान ने वापस लिया नाम आईटी रिकवरी ने दिखाई ताकत मंगलवार के कारोबार में आईटी सेक्टर सबसे बड़ा स्टार बना। इंफोसिस के रिकवरी में करीब 5 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। निफ्टी IT इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा 5 दिन का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बना। दूसरी तरफ रियल्टी, पीएसयू बैंक और मीडिया रिकवरी में भी खरीदारी रही। वहीं कुछ मिडकैप रिकवरी में कमजोरी देखने को मिली। India Russia Oil Deal: अमेरिकी दबाव बेअसर! रूसी तेल खरीदता रहेगा भारत रुपये की कमजोरी और महंगाई ने बढ़ाई चिंता डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर 96.53 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव के कारण निवेशकों में चिंता बनी हुई है। मार्केट एक्सपोर्ट्स का कहना है कि बढ़ती कीमतों, ऊंचे बॉन्ड यील्ड और ईंधन कीमतों का असर आने वाले समय में कंपनियों के मुनाफे पर पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक सावधानी के साथ कारोबार कर रहे हैं। UP Leaders Join SBSP: यूपी में सपा-बसपा को बड़ा झटका, 51 नेताओं ने थामा ओमप्रकाश राजभर की पार्टी का दामन 20 मई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल विशेषज्ञों के हिसाब से 23,800 से 23,900 का स्तर निफ्टी के लिए बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर निफ्टी इस स्तर को पार करता है तो बाजार में तेजी से लौट सकती है। वहीं 23,300 से 23,100 का जोन अहम सपोर्ट माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर बाजार इस सपोर्ट के नीचे फिसलता है तो बिकवाली और बढ़ सकती है। अगर बाजार कंसोलिडेशन के दौर में नजर आ रहा है और अगले कुछ मानकों में बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।
Kanha Tiger Death: कान्हा टाइगर रिजर्व में नहीं थम रही बाघों की मौत, दो महीनों में 9वीं मौत

HIGHLIGHTS: कान्हा टाइगर रिजर्व में नर बाघ ‘महावीर’ की मौत मुक्की रेंज के जंगल में मिला शव डॉग स्क्वायड के साथ अधिकारियों ने की जांच शरीर पर चोट और फेफड़ों में संक्रमण के संकेत दो महीनों में 9वीं बाघ मौत से बढ़ी चिंता Kanha Tiger Death: मंडला। कान्हा टाइगर रिजर्व में एक और बाघ की मौत ने वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। मुक्की रेंज के मोहगांव बीट के जंगल में गश्ती दल को ‘T-220’ के ‘महावीर’ नाम के नर बाघ का शव मिला। बताया जा रहा है कि बाघ की उम्र करीब 5 से 6 साल थी। शव मिलने की खबर के बाद वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। UP Leaders Join SBSP: यूपी में सपा-बसपा को बड़ा झटका, 51 नेताओं ने थामा ओमप्रकाश राजभर की पार्टी का दामन डॉग स्क्वायड के साथ हुई जांच घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के लिए डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई। अधिकारियों ने बाघ के शव और आसपास के इलाके की बनावट से जांच की। राहत की बात यह रही कि बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाए गए, जिससे शिकार की आशंका कम मानी जा रही है। हालांकि वन विभाग अभी हर पहलू से मामले की जांच कर रहा है। UP Leaders Join SBSP: यूपी में सपा-बसपा को बड़ा झटका, 51 नेताओं ने थामा ओमप्रकाश राजभर की पार्टी का दामन शरीर पर चोट और संक्रमण के संकेत प्राथमिक जांच में बाघ के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। इसके साथ ही फेफड़ों में संक्रमण होने की बात भी सामने आई है। माना जा रहा है कि संक्रमण या आपसी संघर्ष के कारण बाघ की मौत हो सकती है। वन विभाग ने सचिवालय के बाद विसरा जांच के लिए भेजा गया है, ताकि मौत की असली वजह स्पष्ट हो सके। Indor Girl Child Death: खेलते-खेलते कार में फंसी मासूम, दम घुटने से 4 साल की बच्ची की मौत दो महीने में 9वीं बाघ मौत से चिंता पिछले दो महीने में कान्हा परिक्षेत्र में यह 9वीं बाघ मौत बताई जा रही है। लगातार हो रही बाघों की मौत ने वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। वन्यजीव अभयारण्य का कहना है कि बाघों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर अब ज्यादा चुनौतियों से काम करने की जरूरत है। लगातार हो रही घटनाओं से देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
Falta Seat Controversy: चुनाव से पहले TMC को बड़ा झटका, जहांगीर खान ने वापस लिया नाम

HIGHLIGHTS: फलता सीट से TMC उम्मीदवार ने छोड़ा मैदान 21 मई को होगा दोबारा मतदान चुनाव आयोग ने पहले रद्द किया था चुनाव शुभेंदु अधिकारी सरकार बना चुकी है ममता बनर्जी और कई मंत्री हार चुके हैं Falta Seat Controversy: कोलकाता। पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है, उन्होंने कहा है कि वह फलता के लोगों के हित और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए चुनाव से पीछे हट रहे हैं। बताया जा रहा है कि जहांगीर खान ने बयान देते हुए कहा कि मैं फलता का बेटा हूं और चाहता हूं कि यहां विकास और शांति बनी रहे। UP Leaders Join SBSP: यूपी में सपा-बसपा को बड़ा झटका, 51 नेताओं ने थामा ओमप्रकाश राजभर की पार्टी का दामन चुनाव आयोग ने कार्यभार संभाला था चुनाव रद्द फलता सीट पिछले कुछ दिनों से चुनाव में बनी हुई थी। बता दें कि चुनाव के दौरान आरोप लगे थे कि विधायकों को धमकाया जा रहा है। मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा, जिसके बाद आयोग ने यहां का वोटिंग रद्द कर दोबारा चुनाव कराने का फैसला लिया गया। अब चुनाव आयोग के अनुसार 21 मई को दोबारा मतदान होगा, जबकि 24 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। हालांकि TMC उम्मीदवार के मैदान छोड़ने के बाद मुकाबला लगभग एकतरफा माना जा रहा है। Dog Feeding Ban: अब खतरनाक आवारा कुत्तों को लगेंगे डेथ इंजेक्शन- सुप्रीम कोर्ट बंगाल में BJP ने बनाई सरकार राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सरकार बना ली है। जिसके चलते चुनाव में ममता बनर्जी को बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा, वह अपनी सीट तक नहीं बचा सकीं और उनकी पार्टी के कई मंत्री भी चुनाव हार गए। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह फैसला टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। India Russia Oil Deal: अमेरिकी दबाव बेअसर! रूसी तेल खरीदता रहेगा भारत शुभेंदु अधिकारी बने नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव में दो सीटों पर जीत दर्ज कर पार्टी नेतृत्व का भरोसा हासिल किया। भवानीपुर सीट पर उन्होंने ममता बनर्जी को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की। सूत्रों की माने तो इससे पहले भी नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को हरा चुके थे। लगातार बड़ी जीत के बाद बीजेपी ने उन्हें पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बनाया है।
UP Leaders Join SBSP: यूपी में सपा-बसपा को बड़ा झटका, 51 नेताओं ने थामा ओमप्रकाश राजभर की पार्टी का दामन

SP और BSP के 51 नेताओं ने छोड़ी पार्टी सभी नेता SBSP में हुए शामिल ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना PDA राजनीति पर उठाए सवाल यूपी में बढ़ी राजनीतिक हलचल UP Leaders Join SBSP: लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब दोनों पार्टियों के 51 नेताओं ने एक साथ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का दामन थाम लिया। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में इन नेताओं ने ओमप्रकाश राजभर की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। बता दें कि इस घटनाक्रम के बाद यूपी की सियासत में हलचल तेज हो गई है। India Russia Oil Deal: अमेरिकी दबाव बेअसर! रूसी तेल खरीदता रहेगा भारत ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर बोला हमला एसबीएसपी प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने इस मौके पर समाजवादी पार्टी और उनके नेतृत्व पर जमकर दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जितनी चाहें पीडीए का नारा लगा लें लेकिन इस जन्म में सपा की सरकार बनने वाली नहीं है। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि सपा में अब न खाता, न बही… जो अखिलेश कहें वही सही वाली स्थिति हो गई है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति और गरमा गई है। राजा भैया के बयान का भी किया समर्थन ओमप्रकाश राजभर ने इस दौरान रघुराज प्रताप सिंह के मुसलमानों को लेकर दिए गए बयान का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राजा भैया ने जो कहा, वह गलत नहीं है। इससे पहले राजा भैया ने एक कार्यक्रम में कहा था कि आज के ज़्यादातर मुस्लिम पहले हिंदू थे और उन्होंने दबाव या सख्ती में धर्म परिवर्तन किया था। इस बयान को लेकर पहले ही राजनीतिक विवाद चल रहा है। Indor Girl Child Death: खेलते-खेलते कार में फंसी मासूम, दम घुटने से 4 साल की बच्ची की मौत BSP और SP के कई नेताओं ने बदला पाला SBSP में शामिल होने वालों में BSP और SP के कई क्षेत्रीय नेता शामिल हैं।से प्रदीप सिंह, अर्जुन प्रताप सिंह, फरीद अहमद, रविंद्र राजभर समेत कई नेता पार्टी छोड़कर आए हैं। वहीं SP से अतुल सिंह, विशाल पांडे, रणविजय सिंह, प्रवीण सिंह और संतोष यादव जैसे नेताओं ने SBSP जॉइन की है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के दल-बदल से UP की सियासत में नए समीकरण बन सकते हैं।
India Russia Oil Deal: अमेरिकी दबाव बेअसर! रूसी तेल खरीदता रहेगा भारत

HIGHLIGHTS: भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद इम्पोर्ट पर असर नहीं US ने फंसे रूसी जहाजों के लिए 30 दिन की राहत दी मई में रिकॉर्ड 23 लाख बैरल प्रतिदिन तेल आयात सरकार बोली- देश में तेल सप्लाई की कोई कमी नहीं India Russia Oil Deal: नई दिल्ली। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों की छूट खत्म होने के बाद भी वह रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा। बता दें कि पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत के इम्पोर्ट प्लान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत पहले भी रूस से तेल खरीद रहा था, छूट के दौरान भी खरीदता रहा और आगे भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के हिसाब से खरीद जारी रखेगा। Dog Feeding Ban: अब खतरनाक आवारा कुत्तों को लगेंगे डेथ इंजेक्शन- सुप्रीम कोर्ट अमेरिकी राहत से बाजार को मिली सांस वैश्विक सप्लाई संकट और तेल बाजार में अस्थिरता को देखते हुए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने समुद्र में फंसे रूसी तेल के जहाजों से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों का अस्थायी लाइसेंस जारी किया है। अमेरिकी ट्रेजरी मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक यह फैसला वैश्विक कच्चे तेल बाजार को स्थिर रखने और ऊर्जा संकट से जूझ रहे देशों तक तेल की पहुंच बनाए रखने के लिए लिया गया है। Indor Girl Child Death: खेलते-खेलते कार में फंसी मासूम, दम घुटने से 4 साल की बच्ची की मौत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा रूसी तेल आयात डेटा एजेंसी के अनुसार मई महीने में भारत ने रूस से रिकॉर्ड 23 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का आयात किया है। विश्लेषकों का अनुमान है कि पूरे महीने का औसत आयात करीब 19 लाख बैरल प्रतिदिन रह सकता है। अमेरिकी छूट खत्म होने से पहले भारतीय रिफाइनरी कंपनियों ने रूस से तेल खरीद काफी तेज कर दी थी। जनवरी में जहां रूसी तेल आयात घटकर 11 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया था, वहीं फरवरी के बाद इसमें तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। India Netherlands Agreement: भारत-नीदरलैंड के बीच हुए 17 बड़े समझौते, जानिए कैसे बना 2030 तक का रोडमैप घरेलू महंगाई रोकने के लिए जरूरी सप्लाई रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय अधिकारियों ने अमेरिकी प्रशासन को साफ कर दिया था कि देश की तेल सप्लाई बनाए रखना सरकार की पहली प्राथमिकता है। अधिकारियों का कहना है कि अगर तेल सप्लाई बाधित होती है, तो इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल, ट्रांसपोर्ट और घरेलू LPG की कीमतों पर पड़ेगा। ऐसे में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और घरेलू महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदता रहेगा।
Dog Feeding Ban: अब खतरनाक आवारा कुत्तों को लगेंगे डेथ इंजेक्शन- सुप्रीम कोर्ट

HIGHLIGHTS: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों पर सख्त रुख अपनाया खतरनाक कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारने की बात कही आदेश न मानने वाले अफसरों पर अवमानना की चेतावनी डॉग फीडिंग और NGO की याचिकाएं खारिज डॉग बाइट मामलों पर कोर्ट ने जताई चिंता Dog Feeding Ban: नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि खतरनाक और गंभीर रूप से बीमार कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर मारा जा सकता है। अदालत ने साफ कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अधिकारी निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। Indor Girl Child Death: खेलते-खेलते कार में फंसी मासूम, दम घुटने से 4 साल की बच्ची की मौत सुरक्षित जीवन भी मौलिक अधिकार सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि गरिमा के साथ जीने के अधिकार में यह भी शामिल है कि लोग कुत्तों के हमलों के डर से मुक्त होकर जीवन जी सकें। अदालत ने नवंबर 2025 में जारी अपने निर्देशों को वापस लेने की मांग वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। इससे पहले कोर्ट ने स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने और उन्हें शेल्टर होम में रखने के आदेश दिए थे। डॉग फीडिंग और NGO की याचिकाएं भी खारिज सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर लगाए गए प्रतिबंध को भी बरकरार रखा। इन आदेशों के खिलाफ कई डॉग लवर्स और NGO ने याचिकाएं दाखिल की थीं, लेकिन अदालत ने उन्हें खारिज कर दिया। कोर्ट का कहना था कि आम लोगों की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। CM YOGI STATEMENT: सड़कें चलने के लिए हैं, नमाज के लिए नहीं’… CM योगी का बड़ा बयान कोर्ट ने देशभर की घटनाओं का दिया हवाला सुनवाई के दौरान अदालत ने राजस्थान, तमिलनाडु और गुजरात की घटनाओं का जिक्र किया। राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक महीने में 1084 डॉग बाइट के मामले सामने आए। वहीं तमिलनाडु में साल के पहले चार महीनों में करीब 2 लाख लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए। गुजरात के सूरत में एक विदेशी पर्यटक को कुत्ते ने काट लिया था। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने मामले की सुनवाई की।
Indor Girl Child Death: खेलते-खेलते कार में फंसी मासूम, दम घुटने से 4 साल की बच्ची की मौत

HIGHLIGHTS: इंदौर में कार के अंदर दम घुटने से बच्ची की मौत 43 डिग्री गर्मी में दो घंटे तक कार में फंसी रही मासूम खेलते-खेलते कार में जाकर बैठी थी बच्ची अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की Indor Girl Child Death: इंदौर। जूनी इंदौर थाना क्षेत्र की नंदनवन कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। यहां 4 साल की मासूम बच्ची खेलते-खेलते घर के बाहर खड़ी कार में जाकर बैठ गई। बताया जा रहा है कि बच्ची सीटों के बीच छिपकर खेल रही थी, तभी अचानक कार लॉक हो गई और वह अंदर ही फंस गई। परिवार को लगा कि बच्ची आसपास ही खेल रही होगी, इसलिए किसी को तुरंत शक नहीं हुआ। भीषण गर्मी में कार बनी जानलेवा रविवार को इंदौर में तापमान करीब 43 डिग्री दर्ज किया गया था। तेज गर्मी के कारण बंद कार कुछ ही मिनटों में भट्टी जैसी गर्म हो गई। बच्ची करीब दो घंटे तक कार के अंदर फंसी रही। लगातार बढ़ती गर्मी और ऑक्सीजन की कमी के कारण उसका दम घुटने लगा। उधर परिवार और आसपास के लोग बच्ची को कॉलोनी, गलियों और रिश्तेदारों के यहां तलाशते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। Petrol Price Hike: 5 दिन में दूसरी बार बढ़े ईंधन के दाम, पेट्रोल-डीजल 90-90 पैसे महंगे कार खुलते ही मचा हड़कंप करीब दो घंटे बाद किसी ने आशंका जताई कि बच्ची कार के अंदर हो सकती है। जब परिजनों ने कार का दरवाजा खोला तो बच्ची बेसुध हालत में मिली। परिवार तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि बच्ची के पिता शहर के बड़े लोहा व्यापारी हैं और हादसे के बाद परिवार गहरे सदमे में है।
India Netherlands Agreement: भारत-नीदरलैंड के बीच हुए 17 बड़े समझौते, जानिए कैसे बना 2030 तक का रोडमैप

HIGHLIGHTS: भारत-नीदरलैंड के बीच 17 बड़े समझौते ग्रीन हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर पर फोकस कृषि, डेयरी और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग 2026-2030 रणनीतिक रोडमैप जारी इंडो-पैसिफिक और सप्लाई चेन सुरक्षा पर साझेदारी मजबूत India Netherlands Agreement: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2026 की नीदरलैंड यात्रा भारत और नीदरलैंड के संबंधों के लिए बेहद अहम साबित हुई। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच 17 महत्वपूर्ण तैयारियों पर हस्ताक्षर किए गए। इन तैयारियों का मुख्य उद्देश्य तकनीकी सहयोग, सेमीकंडक्टर विनिर्माण, हरित ऊर्जा, जल प्रबंधन और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करना है। दोनों देशों ने अपने संबंधों को साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर जोर दिया। Petrol Price Hike: 5 दिन में दूसरी बार बढ़े ईंधन के दाम, पेट्रोल-डीजल 90-90 पैसे महंगे ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर खास फोकस भारत और नीदरलैंड ने क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। गुजरात के महत्वाकांक्षी कल्पसर प्रोजेक्ट के लिए तकनीकी सहयोग पर लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया गया। इसके अलावा ऊर्जा परिवर्तन परियोजनाओं पर नीति आयोग और नीदरलैंड के बीच जॉइंट फ्रेमवर्क ऑफ इंटेंट जारी हुआ। दोनों देशों ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में संयुक्त कार्य समूह और अलग-अलग रोडमैप तैयार करने का फैसला भी लिया। Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा मौत मामला: ड्रग्स, दहेज और मौत… आखिर क्या है पूरा विवाद? कृषि, डेयरी और स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलेगा फायदा कृषि और डेयरी सेक्टर में सहयोग बढ़ाने के लिए पश्चिम त्रिपुरा में इंडो-डच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्लेवर्स स्थापित करने पर सहमति बनी। बेंगलुरु में डेयरी ट्रेनिंग सेंटर भी बनाया जाएगा। पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में संयुक्त घोषणा के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और नीदरलैंड के RIVM के बीच रिसर्च सहयोग पर समझौता हुआ। इससे हेल्थ टेक्नोलॉजी और मेडिकल रिसर्च को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। China Earthquake: चीन में भूकंप से तबाही, 13 इमारतें ढहीं; 7000 लोगों को निकाला सुरक्षित शिक्षा, संस्कृति और इंडो-पैसिफिक रणनीति पर साझेदारी उच्च शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए कई मोयू पर हस्ताक्षर किए गए। नालंदा विश्वविद्यालय और ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक सहयोग समझौता हुआ। वहीं लीडेन विश्वविद्यालय पुस्तकालयों और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के बीच भी साझेदारी बनी। भारत और नीदरलैंड ने 2026-2030 का रोडमैप जारी करते हुए साफ संकेत दिया कि अब साझेदारी का फोकस सिर्फ पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य की टेक्नोलॉजी, इंडो-पैसिफिक रणनीति और वैश्विक संसाधनों की सुरक्षा पर भी रहेगा।
Petrol Price Hike: 5 दिन में दूसरी बार बढ़े ईंधन के दाम, पेट्रोल-डीजल 90-90 पैसे महंगे

HIGHLIGHTS: 5 दिनों में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम पेट्रोल और डीजल दोनों 90-90 पैसे महंगे दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपए प्रति लीटर पहुंचा ट्रांसपोर्ट और खेती की लागत बढ़ने की आशंका अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल 100 डॉलर के पार Petrol Price Hike: नई दिल्ली। देशभर में मंगलवार 19 मई से पेट्रोल और डीजल फिर महंगे हो गए। बता दें कि सरकारी तेल कंपनियों ने दोनों ईंधनों की कीमत में औसतन 90-90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इससे पहले 15 मई को भी 3-3 रुपए प्रति लीटर दाम बढ़ाए गए थे। नई दरों के बाद दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपए और डीजल 91.58 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के मासिक बजट पर दबाव बढ़ा दिया है। Annapurna Bhandar 2026: बंगाल में महिलाओं को कब से मिलेगा ₹3000 महीना? फ्री बस यात्रा भी होगी शुरू! ट्रांसपोर्ट से लेकर खेती तक पड़ेगा असर ईंधन की कीमतों में इजाफे का असर अब बाजारों और परिवहन व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। ट्रक और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ने से सब्जियां, फल और राशन महंगे हो सकते हैं। वहीं स्कूल बस, ऑटो और टैक्सी किराए में भी बढ़ोतरी की संभावना है। किसानों के लिए ट्रैक्टर और सिंचाई पंप चलाने की लागत बढ़ेगी, जिससे खेती और अनाज उत्पादन पर असर पड़ सकता है। CM YOGI STATEMENT: सड़कें चलने के लिए हैं, नमाज के लिए नहीं’… CM योगी का बड़ा बयान अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ा कच्चे तेल का दबाव तेल कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक हालात के कारण क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। कंपनियों का कहना है कि लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखने से उन पर आर्थिक दबाव बढ़ा और घाटे की भरपाई के लिए दाम बढ़ाने पड़े। Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा मौत मामला: ड्रग्स, दहेज और मौत… आखिर क्या है पूरा विवाद? टैक्स और आयात पर निर्भर करती हैं कीमतें भारत अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति, रिफाइनिंग लागत और टैक्स के आधार पर पेट्रोल-डीजल के दाम तय होते हैं। केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारें वैट लगाती हैं, इसलिए अलग-अलग राज्यों में कीमतें अलग रहती हैं। तेल कंपनियां हर सुबह 6 बजे नई दरें अपडेट करती हैं।