MP AYOG: SC-ST के बाद अब महिला आयोग पर नजर, आज हो सकता है बड़ा ऐलान

HIGHLIGHTS: SC और ST आयोग अध्यक्षों के नाम तय महिला और बाल आयोग की घोषणा जल्द संभव सीएम मोहन यादव की मंजूरी, अंतिम आदेश बाकी 2023 चुनाव हारे नेताओं को मिल सकती है जिम्मेदारी निगम-मंडलों की सूची भी जल्द जारी होने के संकेत MP AYOG: मध्यप्रदेश। भोपाल में लंबे समय से लंबित आयोग अध्यक्षों की नियुक्तियों का सिलसिला अब शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की मंजूरी के बाद अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) आयोग के अध्यक्षों के नाम तय कर दिए गए हैं। इसके साथ ही राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ेगी। UP BORAD TOPPER: बिन मां की बेटी ने किया कमाल, 97% अंक लाकर सुरभि बनीं यूपी की थर्ड टॉपर महिला और बाल आयोग पर आज हो सकता है फैसला SC-ST आयोग के बाद अब सबकी नजर महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग पर टिकी हुई है। सूत्रों के अनुसार, आज इन दोनों आयोगों के अध्यक्षों के नाम का ऐलान हो सकता है। संगठन स्तर पर लिस्ट लगभग फाइनल बताई जा रही है और सिर्फ आधिकारिक मुहर लगना बाकी है। इस बीच मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के बीच अहम बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें वरिष्ठ नेता शामिल होकर अंतिम निर्णय ले सकते हैं। WEST BEGAL ELECTION: बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग, पहले चरण में 93% मतदान! सामाजिक समीकरण और निगम-मंडल सूची का इंतजार इन नियुक्तियों में क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन साधने पर खास ध्यान दिया गया है। साथ ही 2023 चुनाव हारे वरिष्ठ नेताओं और कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं को जिम्मेदारी देकर संगठन को मजबूत करने की रणनीति अपनाई जा रही है। अब आयोगों के बाद निगम-मंडलों और अन्य बोर्ड्स की सूची का भी इंतजार है, जो किसी भी वक्त जारी हो सकती है।
MP missing cases : 10 दिनों में MP से 100 लोग गायब, सिर्फ 2 मिले; 98 अब भी लापता!

HIGHLIGHTS: 10 दिनों में 100 गुमशुदगी के मामले दर्ज 98 लोग अब भी लापता, सिर्फ 2 का पता चला 14-25 साल की लड़कियों के मामले सबसे ज्यादा अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका, जांच जारी पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर MP missing cases : भोपाल। मध्यप्रदेश में गुमशुदगी के बढ़ते मामलों ने प्रशासन और आम लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, पिछले 10 दिनों में राज्यभर से करीब 100 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से केवल 2 लोगों का ही अब तक पता चल पाया है, जबकि 98 लोग अब भी लापता हैं। युवतियों के मामले सबसे ज्यादा आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि 14 से 25 साल की लड़कियों के गुमशुदगी के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। यह ट्रेंड सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। लगातार बढ़ते ऐसे मामलों ने महिला सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। Humayun Kabir : Voting के बीच हुमायूं कबीर को याद आई बाबरी मस्जिद! निर्माण स्थल का किया दौरा अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह कोई संगठित नेटवर्क तो नहीं है, जो राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय है। मानव तस्करी से जुड़ाव की जांच विशेषज्ञों का मानना है कि इन मामलों के पीछे मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े गिरोहों की भूमिका हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच एजेंसियां हर पहलू पर नजर बनाए हुए हैं। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले बताया जा रहा है कि इससे पहले भी मध्यप्रदेश से लापता हुई कई लड़कियों को राजस्थान के अलग-अलग इलाकों से बरामद किया गया था। कुछ मामलों में उन्हें पाकिस्तान सीमा के पास के जिलों से भी सुरक्षित वापस लाया गया था, जिससे इन मामलों की गंभीरता और बढ़ जाती है। Anant Singh vs Pappu Yadav : अनंत सिंह के बिगड़े बोल, पप्पू यादव पहले अपनी पत्नी से पूछे कैसे बनीं सांसद पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की जा रही हैं और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाया जा रहा है। लगातार बढ़ती घटनाओं ने आम लोगों में डर और चिंता का माहौल बना दिया है।
UP BORAD TOPPER: बिन मां की बेटी ने किया कमाल, 97% अंक लाकर सुरभि बनीं यूपी की थर्ड टॉपर

HIGHLIGHTS: सुरभि यादव ने 12वीं में 97% अंक हासिल किए उत्तर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया मां के निधन के बाद भी नहीं टूटा हौसला पिता ने निभाई मां और पिता दोनों की जिम्मेदारी संघर्ष के बीच मेहनत से हासिल की बड़ी सफलता UP BORAD TOPPER: यूपी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं के नतीजों में बरेली की सुरभि यादव की कहानी हर किसी को भावुक कर रही है। 97% अंकों के साथ राज्य में तीसरा स्थान हासिल करने वाली सुरभि ने यह साबित कर दिया कि कठिन हालात भी सपनों को रोक नहीं सकते। मां के निधन के बाद जहां एक तरफ परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं सुरभि ने अपने हौसले को कमजोर नहीं होने दिया। टॉपर्स ने किया कमाल हाईस्कूल में सीतापुर की कशिश वर्मा और बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने 97.83% अंकों के साथ संयुक्त रूप से टॉप किया। वहीं, 12वीं में सीतापुर की शिखा वर्मा ने 97.60% अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। इस बार भी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉपर्स लिस्ट में अपना दबदबा बनाए रखा। MP Cabinet Decision : किसानों को 4 गुना मुआवजा, मेडिकल कॉलेजों में मरीजों की फैमिली के लिए शेल्टर होम पिता बने सबसे बड़ा सहारा सुरभि की सफलता के पीछे उनके पिता का अहम योगदान रहा। उनके पिता एक स्कूल में टेक्निशियन के रूप में काम करते हैं। मां के जाने के बाद उन्होंने ही घर और परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभाली। इतना ही नहीं, उन्होंने सुरभि को कभी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी और हमेशा उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। संघर्ष के बीच पढ़ाई से नहीं हटाया ध्यान सुरभि ने बताया कि उन्होंने घर और स्कूल दोनों जगह पूरी मेहनत से पढ़ाई की। सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटने दिया। उनकी यह मेहनत और लगन ही आज उनकी सफलता का कारण बनी है। Lenskart Dress Code Controversy : विवाद के बाद महाराष्ट्र, MP- CG में लेंसकार्ड का विरोध, धीरेंद्र शास्त्री बोले – तू लाहौर चला जा सपनों को दी नई उड़ान सुरभि की यह उपलब्धि सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने दिखा दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मुश्किल रास्ता नहीं रोक सकती।
WEST BEGAL ELECTION: बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग, पहले चरण में 93% मतदान!

HIGHLIGHTS: पश्चिम बंगाल में 92.72% मतदान, देश का नया रिकॉर्ड तमिलनाडु में 85.14% वोटिंग, 59 साल में सबसे ज्यादा दोनों राज्यों में पिछले चुनाव के मुकाबले 10-12% बढ़ोतरी मतदाता संख्या घटने के बावजूद बंगाल में वोटिंग बढ़ी पहली बार व्यापक स्तर पर वेबकास्टिंग से निगरानी WEST BEGAL ELECTION: बंगाल। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान ने देशभर में नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। बता दें कि 152 सीटों पर हुए चुनाव में 92.72% वोटिंग दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, आजादी के बाद यह देश की सबसे ज्यादा मतदान वाली प्रक्रिया बन गई है। इससे पहले 2011 में राज्य में 84.72% मतदान हुआ था, जबकि 2021 में यह घटकर 82.17% रह गया था। इस बार 16 में से 13 जिलों में 90% से अधिक मतदान दर्ज हुआ। Bengal- TN Voting Percentage : हिंसा के बीच बंगाल में शाम 5 बजे तक 89.93, तमिलनाडु – 82.24% मतदान पिछले चुनाव के मुकाबले दिलचस्प बात यह है कि इस बार मतदाताओं की संख्या कम होने के बावजूद वोटिंग प्रतिशत बढ़ा है। SIR प्रक्रिया के तहत करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे कुल मतदाता 3.62 करोड़ रह गए, जो 2021 के मुकाबले करीब 20 लाख कम हैं। इसके बावजूद वोटिंग में लगभग 11% की बढ़ोतरी लोकतंत्र के प्रति लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। Attack on Agnimitra Paul Car : BJP उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर हमला, शीशे तोड़े राजनीतिक दावों में तेज हुई टक्कर चुनावी माहौल में राजनीतिक दल भी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। भाजपा ने 152 में से 125 सीटों पर जीत का दावा किया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 100 से अधिक सीटें जीतने की बात कह रही है। रिकॉर्ड मतदान ने मुकाबले को और ज़्यादा दिलचस्प बना दिया है। Bengal Election Violence 2026 : EVM खराबी पर बवाल! बुधपुर गांव में ग्रामीणों और केंद्रीय बल में झड़प, पुलिस वाहन पर पथराव तमिलनाडु में 59 साल का रिकॉर्ड टूटा तमिलनाडु में भी इस बार वोटिंग ने इतिहास रच दिया। राज्य की सभी 234 सीटों पर 85.14% मतदान हुआ, जो 2021 के 72.81% के मुकाबले करीब 12% अधिक है। 1967 के बाद यह सबसे अधिक मतदान है। इससे पहले 2011 में 78.12% वोटिंग दर्ज की गई थी। इस बार 5.73 करोड़ मतदाताओं ने हिस्सा लिया। Bengal Elections 2026 : मालदा में EVM खराब, बलुआ चारा हाई स्कूल बूथ पर मतदान बाधित स्टालिन की सीट पर भारी उत्साह मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सीट पर 85.63% मतदान हुआ, जो 2021 के 64.6% से काफी ज्यादा है। करूर जिले में सबसे अधिक 91.86% वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, कई अन्य क्षेत्रों में भी ऐतिहासिक मतदान देखने को मिला। राज्य में पहली बार 100% वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी की गई, जिससे पारदर्शिता और भरोसा बढ़ा।