Arshdeep Singh Controversy : वर्ल्ड कप फाइनल में अर्शदीप सिंह ने मारी थी डेरिल मिचेल को गेंद, अब ICC ने लिया बड़ा एक्शन

Arshdeep Singh Controversy : नई दिल्ली। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले के दौरान हुई एक घटना के कारण आईसीसी ने अर्शदीप को आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी माना है। 15 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना आईसीसी ने अर्शदीप सिंह पर उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। उन्हें आईसीसी आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का दोषी पाया गया, जो मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर गेंद या क्रिकेट उपकरण को अनुचित या खतरनाक तरीके से फेंकने से जुड़ा है। Maulana on CM Yogi Mother : कौन है मौलाना अब्दुल्ला सलीम, 83 थानों में FIR, CM योगी की मां पर की थी टिप्पणी इसके साथ ही उनके अनुशासन रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है। पिछले 24 महीनों में यह अर्शदीप का पहला ऐसा उल्लंघन माना गया है। कब हुई यह घटना यह घटना न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में हुई थी। उस समय अर्शदीप ने गेंद को फील्ड करते हुए बल्लेबाज डेरिल मिशेल की ओर तेज़ी से थ्रो कर दिया, जो जाकर उनके पैड से टकरा गई। हालांकि इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि भारतीय गेंदबाज ने मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को स्वीकार कर लिया। ओवर खत्म होने के बाद दोनों खिलाड़ियों को मैदान पर हाथ मिलाते हुए भी देखा गया, जिससे यह साफ हुआ कि मामला वहीं शांत हो गया। Bhopal Conversion Update : अमरीन-आफरीन का ईरानी डेरा कनेक्शन! पिता की मौत के बाद बनीं सेक्स रैकेट सरगना लेवल-1 उल्लंघन में क्या होती है सजा आईसीसी के नियमों के अनुसार लेवल-1 उल्लंघन के मामले में खिलाड़ी को आधिकारिक चेतावनी से लेकर अधिकतम 50 प्रतिशत मैच फीस तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ एक या दो डिमेरिट पॉइंट भी दिए जाते हैं। अगर किसी खिलाड़ी के 24 महीनों के भीतर चार या उससे ज्यादा डिमेरिट पॉइंट हो जाते हैं, तो उन्हें सस्पेंशन पॉइंट में बदल दिया जाता है और खिलाड़ी पर मैच खेलने से प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। Surya Gochar 2026 : 14 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य देव, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत फिलहाल अर्शदीप के खिलाफ यह पहला डिमेरिट पॉइंट है, इसलिए उन पर किसी तरह का निलंबन लागू नहीं हुआ है। हालांकि आईसीसी की इस कार्रवाई के बाद क्रिकेट जगत में इस घटना की काफी चर्चा हो रही है।
Maulana on CM Yogi Mother : कौन है मौलाना अब्दुल्ला सलीम, 83 थानों में FIR, CM योगी की मां पर की थी टिप्पणी

Maulana on CM Yogi Mother : लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर कथित अभद्र टिप्पणी करने के मामले में मौलाना अब्दुल्ला सलीम की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस बयान के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। कई शहरों में हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक राज्य के 80 से ज्यादा थानों में मौलाना के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। कई जगहों पर उनके पुतले भी फूंके गए हैं। लगातार बढ़ते विरोध को देखते हुए माना जा रहा है कि पुलिस किसी भी समय मौलाना को हिरासत में ले सकती है। no-confidence Motion : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, BJP ने 11 मार्च के लिए सांसदों को जारी किया व्हिप क्या है पूरा मामला बताया जा रहा है कि बिहार के अररिया जिले से जुड़े मौलाना अब्दुल्ला सलीम हाल ही में उत्तर प्रदेश में गोहत्या को लेकर बने कानून की आलोचना कर रहे थे। इसी दौरान उनके एक भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। वीडियो सामने आने के बाद कई संगठनों ने इसे अपमानजनक बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि लखनऊ समेत राज्य के कई जिलों में इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हुए और कार्रवाई की मांग की गई। Stock Market Today : सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा उछला, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट मौलाना ने दी सफाई विवाद बढ़ने के बाद मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने एक नया वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। उन्होंने दावा किया कि वायरल वीडियो पुराना है और उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया है। मौलाना का कहना है कि यह वीडियो 4 मई 2024 का है और इसे अधूरा दिखाकर विवाद पैदा किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी की मां के बारे में अपमानजनक टिप्पणी नहीं की और सभी धर्मों के प्रति सम्मान रखते हैं। War Effects on Pakistan : पाकिस्तान में स्कूल-दफ्तर बंद, सैलरी पर 25% कटौती; इफ्तार पार्टी भी बैन! कौन हैं मौलाना अब्दुल्ला सलीम मौलाना अब्दुल्ला सलीम, जिनका पूरा नाम अब्दुल्ला सलीम कमर चतुर्वेदी कासमी बताया जाता है, एक इस्लामी वक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने दारुल उलूम देवबंद से इस्लामी शिक्षा प्राप्त की है और संस्कृत व्याकरण का भी अध्ययन किया है। अपने भाषणों में वे अक्सर कुरान के साथ-साथ गीता और रामायण का भी उल्लेख करते हैं। राजनीति से भी जुड़ाव राजनीतिक तौर पर मौलाना पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से जुड़े रहे हैं, जिसकी अगुवाई असदुद्दीन ओवैसी करते हैं। बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और जन सुराज पार्टी से जुड़ गए, जिसे प्रशांत किशोर ने शुरू किया है। हालांकि उनका चुनावी नामांकन बाद में खारिज कर दिया गया था। CBSE Board Exam : CBSE 12वीं गणित पेपर का QR कोड से खुला यूट्यूब, बज रहा अंग्रेजी गाना आगे क्या हो सकता है लगातार दर्ज हो रही शिकायतों और बढ़ते विरोध के बीच प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और वीडियो की सत्यता की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Cooling Drinks for Summer : गर्मियों में शरीर को Cool रखने के 5 देसी तरीके

Cooling Drinks for Summer : नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम शुरू होते ही शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। शहरों में लोग अक्सर फ्रिज का ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक और एयर कंडीशनर का सहारा लेते हैं। ये चीजें थोड़ी देर के लिए राहत तो देती हैं, लेकिन कई बार ज्यादा ठंडा पानी या मीठे पेय पदार्थ सेहत के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकते हैं। अगर हम गांवों की पारंपरिक जीवनशैली पर नजर डालें तो वहां लोग सदियों से प्राकृतिक और देसी तरीकों से गर्मी से राहत पाते आए हैं। खास बात यह है कि इन उपायों में न बिजली की जरूरत होती है और न ही महंगे उपकरणों की। इसके बावजूद ये शरीर को अंदर से ठंडा रखने में काफी मददगार माने जाते हैं। आइए जानते हैं शरीर को ठंडा रखने वाले पांच देसी तरीके… 1. मटके का पानी गांवों में आज भी ज्यादातर घरों में पानी मिट्टी के मटके में रखा जाता है। मटके का पानी फ्रिज के पानी जितना ठंडा नहीं होता, लेकिन यह शरीर को धीरे-धीरे प्राकृतिक ठंडक देता है। मिट्टी के बर्तन में मौजूद छोटे-छोटे छिद्र पानी को प्राकृतिक तरीके से ठंडा करते हैं। यही कारण है कि मटके का पानी पाचन के लिए भी बेहतर माना जाता है। Weight Loss Tips : वजन नहीं घट रहा? स्लो मेटाबॉलिज्म है असली विलेन! ऐसे करें अपनी बॉडी का ‘फैट बर्न’ 2. सत्तू का शरबत भुने हुए चने से तैयार होने वाला सत्तू गर्मियों में बहुत लोकप्रिय पेय है, खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में। इसे देसी एनर्जी ड्रिंक भी कहा जाता है। सत्तू का शरबत शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, लंबे समय तक पेट भरा रखता है और लू से बचाव में भी मदद करता है। 3. बेल का शरबत बेल का फल गर्मियों में काफी फायदेमंद माना जाता है। इसका शरबत शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। आयुर्वेद में भी बेल को गर्मी से राहत और पेट संबंधी समस्याओं के लिए उपयोगी बताया गया है। Homemade Paneer Recipe : घर पर आसानी से बनाएं ताजा पनीर, जानिए सबसे easy तरीका 4. छाछ (मट्ठा) छाछ गर्मियों में सबसे हल्का और फायदेमंद पेय माना जाता है। दही से बनने वाली छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक तत्व पाचन को बेहतर बनाते हैं और शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। इसे पीने से शरीर हल्का और तरोताजा महसूस करता है। 5. खस का शरबत खस शरबत भी गर्मियों में ठंडक देने वाला पारंपरिक पेय है। खस की जड़ की तासीर ठंडी मानी जाती है, जो शरीर की गर्मी को कम करने में मदद करती है। इसका सेवन करने से थकान कम होती है और लंबे समय तक ठंडक का एहसास बना रहता है। Skin Care Tips : सर्दियों के बाद स्किन हो गई Dull? त्वचा के साथ न करें ये गलती प्राकृतिक उपाय ही हैं सबसे सुरक्षित आज के दौर में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए अक्सर फ्रिज के ठंडे पानी और कोल्ड ड्रिंक्स पर निर्भर हो जाते हैं। लेकिन हमारे पारंपरिक देसी तरीके आज भी उतने ही असरदार हैं जितने पहले हुआ करते थे।
no-confidence Motion : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, BJP ने 11 मार्च के लिए सांसदों को जारी किया व्हिप

no-confidence Motion : नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान सियासी माहौल गर्म हो गया है। बीजेपी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अपने सभी सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। इस व्हिप में पार्टी के लोकसभा सांसदों को 11 मार्च को पूरे दिन सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने और सरकार के पक्ष में मजबूती से समर्थन करने का निर्देश दिया गया है। बीजेपी संसदीय दल के मुख्य व्हिप संजय जायसवाल (Sanjay Jaiswal) द्वारा जारी इस निर्देश में कहा गया है कि बुधवार को लोकसभा में कई अत्यंत महत्वपूर्ण विधायी कार्य होने वाले हैं। ऐसे में सभी सांसदों की उपस्थिति जरूरी है ताकि सदन में पार्टी का पक्ष मजबूत तरीके से रखा जा सके। Bhopal Conversion Update : अमरीन-आफरीन का ईरानी डेरा कनेक्शन! पिता की मौत के बाद बनीं सेक्स रैकेट सरगना सुबह से ही सदन में मौजूद रहने का निर्देश तीन लाइन व्हिप में साफ तौर पर कहा गया है कि सांसदों की उपस्थिति केवल औपचारिक नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें पूरे समय सदन में रहकर सरकार के रुख का सक्रिय समर्थन करना होगा। संसदीय नियमों के अनुसार व्हिप का उल्लंघन करने वाले सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। पार्टी नेतृत्व ने अपने सभी सांसदों को सुबह से ही सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि विपक्ष की किसी भी रणनीति का जवाब दिया जा सके। विपक्ष ने लगाए पक्षपात के आरोप लोकसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्षी दलों- जैसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और राष्ट्रीय जनता दल समेत इंडिया गठबंधन के कई दलों – ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। CBSE Board Exam : CBSE 12वीं गणित पेपर का QR कोड से खुला यूट्यूब, बज रहा अंग्रेजी गाना विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और विपक्षी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर करीब 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं और इस पर लगभग 10 घंटे तक चर्चा निर्धारित की गई है। बुधवार को हो सकती है वोटिंग संसद में फिलहाल जारी चर्चा को देखते हुए मंगलवार को सीमित समय में करीब साढ़े चार घंटे ही बहस हो सकती है। ऐसे में संभावना है कि सरकार बुधवार को चर्चा का जवाब दे और उसी दिन इस प्रस्ताव पर मतदान कराया जाए। इसी संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने अपने सांसदों को पहले से सतर्क रहने और पूरे दिन सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। इससे स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज हो सकता है।
Bhopal Conversion Update : अमरीन-आफरीन का ईरानी डेरा कनेक्शन! पिता की मौत के बाद बनीं सेक्स रैकेट सरगना

Bhopal Conversion Update : मध्य प्रदेश। भोपाल के बागसेवनिया पुलिस स्टेशन में दर्ज धर्मांतरण और शोषण से जुड़े मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। मामले की मुख्य आरोपी बहनें अमरीन और आफरीन फिलहाल जेल में हैं, जबकि पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। जांच के दौरान सामने आया है कि दोनों बहनें करीब 20 साल पहले अपने परिवार के साथ लखनऊ से भोपाल आई थीं। पुलिस के अनुसार उनका परिवार एक ईरानी कबीले से जुड़ा बताया जा रहा है। भोपाल आने के बाद उनके पिता ने टेलर की दुकान में काम करके परिवार का गुजारा किया। वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी दोनों बहनों पर आ गई। इसके बाद उन्होंने काम की तलाश शुरू की। Bhopal Conversion Update : भोपाल धर्मांतरण मामले में 5-6 युवतियों के शोषण का बड़ा खुलासा, अब टीम अहमदाबाद रवाना स्पा सेंटर से शुरू हुआ संपर्क पुलिस जांच में सामने आया है कि बड़ी बहन अमरीन ने पहले नर्मदापुरम के एक स्पा सेंटर में काम किया। बाद में उसने अपनी छोटी बहन आफरीन को भी इसी क्षेत्र में काम दिलाया। इसी दौरान दोनों कई हाई-प्रोफाइल लोगों के संपर्क में आईं। आरोप है कि बाद में वे खुद अवैध गतिविधियों में शामिल हो गईं और अन्य लड़कियों को भी इसमें धकेलने लगीं। एफआईआर दर्ज कराने वाली दो पीड़िताओं ने पुलिस को बताया है कि आरोपी बहनें पहले लड़कियों को बच्चा संभालने या घरेलू काम के नाम पर नौकरी देती थीं। इसके बाद उन्हें घुमाने-फिराने और पार्टियों में ले जाने के बहाने अपने संपर्कों से मिलवाया जाता था। आरोप है कि मौके का फायदा उठाकर कुछ लोग उनके साथ दुष्कर्म करते थे और शिकायत करने पर बदनामी का डर दिखाया जाता था। GOVT Holiday List : मार्च में सरकारी कर्मचारियों की मौज, 31 में से 15 दिन बंद रहेंगे दफ्तर अहमदाबाद भेजने का आरोप पीड़िताओं के मुताबिक बाद में उन्हें काम के बहाने अहमदाबाद भेजा जाता था, जहां यासिर नाम के व्यक्ति के पास ले जाकर स्पा में नौकरी दिलाने के नाम पर गलत काम करने का दबाव बनाया जाता था। पूरे मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने अमरीन, आफरीन और चंदन यादव उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि मामले के तीन अन्य आरोपी- यासिर, बिलाल और चानू उर्फ हाशिम रजा- अभी फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में अलग-अलग शहरों में दबिश दे रही हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि बिलाल संभवतः मुंबई में छिपा हुआ है। मोबाइल फोन से मिल सकते हैं अहम सुराग जांच के दौरान अमरीन और चंदन के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। पुलिस को अमरीन के मोबाइल में कई संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप और कुछ युवतियों के फोटो भी मिले हैं। इनकी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। CBSE Board Exam : CBSE 12वीं गणित पेपर का QR कोड से खुला यूट्यूब, बज रहा अंग्रेजी गाना इंस्टाग्राम से हुई पहचान, फिर खुला राज इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 22 फरवरी की रात भोपाल और छत्तीसगढ़ की रहने वाली दो युवतियां बागसेवनिया थाने पहुंचीं और अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई। दोनों की पहचान पहले इंस्टाग्राम चैट के जरिए हुई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 23 फरवरी को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Surya Gochar 2026 : 14 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य देव, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

Surya Gochar 2026 : नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। जब सूर्य किसी नई राशि में प्रवेश करते हैं तो इसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है। इस बार सूर्य 14 मार्च 2026 की देर रात करीब 1 बजकर 8 मिनट पर मीन राशि (Pisces) में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सूर्य के इस गोचर से कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ योग बन रहे हैं। खासतौर पर 5 राशियों के लोगों के लिए यह समय करियर, धन और तरक्की के लिहाज से काफी अच्छा माना जा रहा है। आइए जानते हैं किन राशियों को इसका विशेष लाभ मिल सकता है। CBSE Board Exam : CBSE 12वीं गणित पेपर का QR कोड से खुला यूट्यूब, बज रहा अंग्रेजी गाना मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर कई मायनों में फायदेमंद साबित हो सकता है। करियर में नए अवसर मिलने की संभावना है। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। जो लोग विदेश में नौकरी या पढ़ाई का सपना देख रहे हैं, उनके लिए भी समय अनुकूल माना जा रहा है। वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि वालों के लिए यह गोचर आर्थिक मामलों में शुभ संकेत दे सकता है। निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। व्यापार करने वालों को नए कॉन्ट्रैक्ट मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और समाज में मान-प्रतिष्ठा भी बढ़ सकती है। War Effects on Pakistan : पाकिस्तान में स्कूल-दफ्तर बंद, सैलरी पर 25% कटौती; इफ्तार पार्टी भी बैन! मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के लोगों के लिए सूर्य का यह परिवर्तन करियर में प्रगति दिलाने वाला माना जा रहा है। नौकरी में प्रमोशन के योग बन सकते हैं या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। व्यापार में भी अच्छा मुनाफा हो सकता है। सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के लिए यह गोचर धन लाभ और तरक्की के संकेत दे रहा है। साझेदारी वाले काम में फायदा हो सकता है। निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। परिवार में सुख-शांति और सकारात्मक माहौल बना रहेगा। Share Market Gold Silver Crash : चांदी 7500 सस्ती- सोना 1800 रुपये टूटा, लाल निशान पर बंद हुए शेयर बाजार धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के लोगों के लिए सूर्य का यह गोचर कई सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। करियर में उन्नति के अवसर मिल सकते हैं। जो लोग नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, उनके लिए समय बेहतर माना जा रहा है। व्यापार में विस्तार के साथ आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। नोट : ज्योतिषीय भविष्यवाणियां सामान्य मान्यताओं पर आधारित होती हैं। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
CBSE Board Exam : CBSE 12वीं गणित पेपर का QR कोड से खुला यूट्यूब, बज रहा अंग्रेजी गाना

CBSE Board Exam : नई दिल्ली। देशभर में चल रही सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की बोर्ड परीक्षाएं अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इसी बीच 9 मार्च को आयोजित 12वीं कक्षा के गणित के पेपर को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। कुछ छात्रों ने दावा किया कि प्रश्नपत्र पर छपे QR कोड को स्कैन करने पर यूट्यूब का लिंक खुल रहा है, जिसके बाद छात्रों और अभिभावकों में पेपर की असलियत को लेकर चिंता बढ़ गई। हालांकि इस मामले पर सीबीएसई ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र पूरी तरह असली हैं और उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया है। QR कोड स्कैन करने पर खुला वीडियो लिंक 9 मार्च को देशभर में 12वीं के छात्रों के लिए गणित की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा खत्म होने के बाद जब कुछ छात्रों ने प्रश्नपत्र पर दिए गए QR कोड को स्कैन किया, तो उनमें से एक कोड से एक YouTube वीडियो का लिंक खुलने लगा। इस घटना के बाद छात्रों में यह डर फैल गया कि कहीं उन्होंने नकली प्रश्नपत्र से परीक्षा तो नहीं दे दी। कई छात्रों और अभिभावकों ने सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर चिंता जाहिर की। LPG Gas Crisis : LPG सप्लाई संकट टालने के लिए ESMA लागू, इस सेक्टर को मिलेगी प्राथमिकता प्रश्नपत्रों में क्यों होता है QR कोड सीबीएसई के अनुसार बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्रों में कई तरह के सुरक्षा फीचर्स लगाए जाते हैं, जिनमें QR कोड भी शामिल होता है। यह कोड एक तरह का डिजिटल सत्यापन सिस्टम होता है, जिससे जरूरत पड़ने पर यह जांचा जा सकता है कि प्रश्नपत्र असली है या नहीं। बोर्ड का कहना है कि अगर कभी सुरक्षा में सेंध का शक हो, तो इसी QR कोड के माध्यम से प्रश्नपत्र की वैधता की पुष्टि की जा सकती है। Stock Market Today : सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा उछला, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट सीबीएसई ने जारी किया स्पष्टीकरण इस पूरे मामले पर सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रश्नपत्र पूरी तरह असली हैं और परीक्षा प्रक्रिया सुरक्षित तरीके से पूरी की गई है। बोर्ड ने कहा कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया है और छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि बोर्ड ने यह भी माना कि QR कोड से वीडियो लिंक खुलने की घटना को गंभीरता से लिया गया है। सीबीएसई ने कहा कि वह मामले की जांच कर रहा है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। War Effects on Pakistan : पाकिस्तान में स्कूल-दफ्तर बंद, सैलरी पर 25% कटौती; इफ्तार पार्टी भी बैन! कुछ देशों में टली हैं परीक्षाएं गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष (Iran-Israel Conflict) के कारण वहां के छह देशों में सीबीएसई की कुछ परीक्षाएं फिलहाल स्थगित की गई हैं। हालांकि भारत में परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जा रही हैं। फिलहाल बोर्ड की सफाई के बाद छात्रों और अभिभावकों की चिंता काफी हद तक कम हो गई है, लेकिन QR कोड से वीडियो लिंक खुलने की घटना ने परीक्षा सुरक्षा को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।
LPG Gas Crisis : LPG सप्लाई संकट टालने के लिए ESMA लागू, इस सेक्टर को मिलेगी प्राथमिकता

LPG Gas Crisis : नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष (Iran–Israel Conflict) के कारण वैश्विक स्तर पर गैस और तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए भारत सरकार ने घरेलू गैस आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए आपात कदम उठाते हुए ESMA (Essential Services Maintenance Act) लागू कर दिया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में घरेलू गैस की सप्लाई बाधित न हो और आवश्यक क्षेत्रों को पर्याप्त ईंधन मिलता रहे। केंद्र सरकार ने इसके साथ ही 2026 में प्राकृतिक गैस (सप्लाई रेगुलेशन) आदेश भी जारी किया है। इस आदेश के तहत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को अलग-अलग सेक्टरों के लिए प्राथमिकता के आधार पर तय किया गया है, ताकि घरेलू जरूरतों और जरूरी सेवाओं पर संकट का असर कम किया जा सके। War Effects on Pakistan : पाकिस्तान में स्कूल-दफ्तर बंद, सैलरी पर 25% कटौती; इफ्तार पार्टी भी बैन! ESMA क्या है? ESMA यानी आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम एक कानून है जिसे 1968 में संसद ने पारित किया था। इसका उद्देश्य उन सेवाओं की आपूर्ति को लगातार जारी रखना है, जो आम लोगों की दैनिक जिंदगी के लिए बेहद जरूरी होती हैं। इस कानून के तहत आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकते और न ही काम करने से मना कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो सरकार उन्हें काम पर लौटने का निर्देश दे सकती है, ताकि जरूरी सेवाओं में बाधा न आए। एस्मा के तहत, पुलिस ऐसे कर्मचारियों को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है जो आदेश का उल्लंघन करते हैं। गैस सप्लाई को चार प्राथमिकता सेक्टरों में बांटा सरकार ने प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को चार अलग-अलग प्राथमिकता सेक्टरों में बांट दिया है। प्राथमिकता सेक्टर-1 इसमें घरेलू पाइप्ड गैस (PNG), वाहनों के लिए CNG, एलपीजी उत्पादन और पाइपलाइन संचालन शामिल हैं। इन क्षेत्रों को पिछले छह महीनों की औसत खपत के 100% तक गैस उपलब्ध कराई जाएगी। प्राथमिकता सेक्टर-2 इस श्रेणी में उर्वरक कारखाने शामिल हैं। इन्हें पिछले छह महीनों की औसत खपत का लगभग 70% गैस दिया जाएगा, जिसे केवल उर्वरक उत्पादन के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। प्राथमिकता सेक्टर-3 राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जुड़े चाय उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को औसत खपत का करीब 80% गैस उपलब्ध कराया जाएगा। प्राथमिकता सेक्टर-4 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी औसत खपत का लगभग 80% गैस देने की योजना बनाई गई है। Stock Market Today : सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा उछला, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट कुछ सेक्टरों में गैस सप्लाई घटाई जा सकती है सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्राथमिक सेक्टरों की जरूरत पूरी करने के लिए कुछ अन्य सेक्टरों में गैस आपूर्ति आंशिक रूप से कम की जा सकती है। इनमें पेट्रोकेमिकल यूनिट्स और जरूरत पड़ने पर पावर प्लांट्स भी शामिल हो सकते हैं। वहीं तेल रिफाइनरियों को औसतन पिछले छह महीनों की खपत का करीब 65% गैस दिया जाएगा। रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने तेल रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत में करीब 3.13 करोड़ टन LPG की खपत हुई थी, जिसमें से केवल 1.28 करोड़ टन का उत्पादन देश में हुआ था। बाकी जरूरत आयात के जरिए पूरी की गई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक भारत अपनी LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, जो काफी हद तक Strait of Hormuz मार्ग पर निर्भर है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से वैश्विक सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। LPG Price Hike : रसोई गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े, ईरान-इजराइल युद्ध से किल्लत का खतरा! होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री में चिंता तेल और गैस की सप्लाई में संभावित बाधा की खबरों के बीच देश के कई बड़े शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कमी की आशंका जताई जा रही है। चेन्नई, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पहले से ही चिंता जता रहा है। सरकार का कहना है कि ESMA लागू करने और गैस सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर बांटने से घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और संभावित संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
War Effects on Pakistan : पाकिस्तान में स्कूल-दफ्तर बंद, सैलरी पर 25% कटौती; इफ्तार पार्टी भी बैन!

War Effects on Pakistan : इस्लामाबाद। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ती तेल कीमतों के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (PM Shehbaz Sharif) ने सरकारी खर्चों में कटौती और ईंधन बचाने के लिए कई सख्त कदमों की घोषणा की है। सरकारी दफ्तर सप्ताह में सिर्फ चार दिन खुलेंगे सरकार के नए फैसले के अनुसार अब सरकारी कार्यालय सप्ताह में केवल चार दिन ही खुलेंगे। बैंकों को छोड़कर बाकी विभागों में आधे कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही सरकारी विभागों को अपने खर्चों में कम से कम 20 प्रतिशत की कटौती करने को कहा गया है। सरकार ने यह भी फैसला किया है कि अगले दो महीनों तक मंत्रियों और सलाहकारों के विदेश दौरे पूरी तरह रोक दिए जाएंगे। मंत्री दो महीने तक वेतन नहीं लेंगे, जबकि सांसदों की सैलरी में 25 प्रतिशत तक कटौती की जाएगी। Rajya Sabha Election 2026 : राज्यसभा चुनाव से पहले ये नेता निर्विरोध निर्वाचित, शरद पवार, सिंघवी भी शामिल स्कूल दो हफ्ते बंद, पढ़ाई होगी ऑनलाइन ऊर्जा बचत के लिए सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया है। देशभर के स्कूलों को दो सप्ताह के लिए बंद किया जा रहा है। इसके बाद कॉलेज और विश्वविद्यालयों की उच्च कक्षाओं की पढ़ाई ऑनलाइन कराई जाएगी, ताकि लोगों की आवाजाही कम हो और ईंधन की बचत हो सके। सरकारी वाहनों पर भी सख्ती सरकार ने सरकारी गाड़ियों के उपयोग पर भी सख्त नियम लागू किए हैं। अगले दो महीनों तक सरकारी वाहनों को मिलने वाला ईंधन 50 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है। इसके अलावा करीब 60 प्रतिशत सरकारी वाहन नहीं चलाए जाएंगे। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के कारण पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। इसके तहत पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 55 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। नई कीमतों के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल लगभग 335.86 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और डीजल करीब 321.17 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। कीमतें बढ़ने की खबर के बाद लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। Stock Market Today : सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा उछला, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट रमजान में बढ़ी महंगाई इस बीच रमजान के दौरान पाकिस्तान में फल और सब्जियों के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। बाजार में कई चीजें सरकारी रेट से ज्यादा कीमत पर बिक रही हैं। उदाहरण के तौर पर केले, अनार, सेब और अदरक जैसी रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। तेल संकट की वजह विशेषज्ञों के मुताबिक मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल संघर्ष (Iran–Israel Conflict) और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ है। खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजरने वाली तेल आपूर्ति में अनिश्चितता बढ़ने से कीमतों में उछाल आया है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। पड़ोसी देशों पर भी असर तेल संकट का असर सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। बांग्लादेश में भी सरकार को ईंधन की बिक्री पर लिमिट लगानी पड़ी है। वहां मोटरसाइकिल के लिए दिन में सिर्फ 2 लीटर और निजी कारों के लिए अधिकतम 10 लीटर पेट्रोल की सीमा तय की गई है। Shoaib Akhtar Statement : भारत ने क्रिकेट को पूरी तरह तबाह कर दिया, T20 वर्ल्ड कप जीत पर शोएब अख्तर का बेतुका बयान भारत में फिलहाल राहत हालांकि भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना कम बताई जा रही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल के पार नहीं जाती, तब तक घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है। कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल की महंगी कीमतों ने पाकिस्तान की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर नया दबाव डाल दिया है। आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
Rajya Sabha Election 2026 : राज्यसभा चुनाव से पहले ये नेता निर्विरोध निर्वाचित, शरद पवार, सिंघवी भी शामिल

Rajya Sabha Election 2026 : नई दिल्ली। देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। नामांकन वापसी की अंतिम तारीख के बाद 7 राज्यों के 26 उम्मीदवार निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुन लिए गए हैं। इन नेताओं को किसी भी तरह का मुकाबला नहीं मिला और बिना मतदान के ही ये उच्च सदन पहुंच गए। निर्विरोध चुने गए प्रमुख नेताओं में शरद पवार (Sharad Pawar), अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले (Ramdas Athawale) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। कई राज्यों में विपक्षी दलों ने उम्मीदवार नहीं उतारे, जिसके कारण इन नेताओं का निर्विरोध निर्वाचन संभव हो पाया। हालांकि सभी सीटों पर चुनाव टल नहीं पाया है। बिहार, ओडिशा और हरियाणा की कुल 11 सीटों पर मुकाबला होना तय हो गया है। इन सीटों पर अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में होने के कारण 16 मार्च को मतदान कराया जाएगा। Stock Market Today : सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा उछला, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए इन 26 निर्विरोध उम्मीदवारों में 11 नेता एनडीए और 14 नेता विपक्षी दलों से जुड़े हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 7 उम्मीदवार बिना मुकाबले के चुने गए हैं। इनमें शरद पवार, रामदास आठवले, विनोद तावड़े, रामराव वडुकुटे, माया इवनाते, ज्योति वाघमारे और पार्थ पवार शामिल हैं। तमिलनाडु से 6 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जिनमें तिरुची शिवा, जे कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन, एम. क्रिस्टोफर तिलक, एल.के. सुदीश, एम. थंबीदुरई और अंबुमणि रामदास शामिल हैं। पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा, बाबुल सुप्रियो, राजीव कुमार, मेनका गुरुस्वामी और कोएल मलिक बिना मुकाबले राज्यसभा पहुंच गए। असम से जोगेन मोहन, तेरोस गोवाला और प्रमोद बोरो निर्विरोध चुने गए। इसके अलावा तेलंगाना से अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी, छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम तथा हिमाचल प्रदेश से अनुराग शर्मा निर्विरोध निर्वाचित हुए। Bhopal MLA Masood : आरिफ मसूद पर नहीं होगी FIR, SC ने लगाई रोक, हाईकोर्ट ने दिए थे SIT जांच के निर्देश 11 सीटों पर होगा चुनाव नामांकन वापस लेने की समय सीमा खत्म होने के बाद अब 11 सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। बिहार की 5, ओडिशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटों पर 16 मार्च को मतदान होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बिहार से लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन (Nitin Nabin) के राज्यसभा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। बिहार और ओडिशा में दिलचस्प मुकाबला बिहार में एक सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। यहां राजद सांसद अमरेंद्र धारी सिंह को फिर से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं एनडीए की ओर से रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार मैदान में हैं। ओडिशा में भी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यहां भाजपा के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार, बीजद के संतरूप मिश्रा और डॉ. दत्तेश्वर होता मैदान में हैं। इसके अलावा दिलीप रे ने भाजपा के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है, जिससे क्रॉस वोटिंग की संभावना बढ़ गई है। हरियाणा में भी मुकाबला रोचक माना जा रहा है, क्योंकि यहां पहले भी क्रॉस वोटिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। Share Market Gold Silver Crash : चांदी 7500 सस्ती- सोना 1800 रुपये टूटा, लाल निशान पर बंद हुए शेयर बाजार अप्रैल में खाली हो रही हैं कई सीटें दरअसल राज्यसभा की कई सीटें अप्रैल में खाली होने वाली हैं। 2 अप्रैल और 9 अप्रैल को विभिन्न राज्यों के कई सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन्हीं सीटों को भरने के लिए यह चुनाव कराया जा रहा है। 2 अप्रैल को खाली होने वाली सीटें: महाराष्ट्र (कई सांसद): शरद पवार – NCP (शरद गुट) प्रियंका चतुर्वेदी – शिवसेना (UBT) डॉ. भागवत कराड – भाजपा डॉ. फौजिया खान – NCP धैर्यशील पाटिल – शिवसेना (शिंदे) रजनी पाटिल – कांग्रेस रामदास आठवले – RPI (आठवले) ओडिशा: ममता मोहंता – BJD मुजीबुल्ला खान – BJD सुजीत कुमार – BJD निरंजन बिशी – BJD तमिलनाडु: एन.आर. एलंगो – DMK पी. सेल्वारासु – DMK एम. थंबीदुरई – AIADMK तिरुच्चि शिवा – DMK कनिमोझी – DMK एन.एन. सोमू – DMK जी.के. वासन – तमिल मनीला कांग्रेस पश्चिम बंगाल: साकेत गोखले – TMC अभिषेक बनर्जी – TMC विकास रंजन भट्टाचार्य – CPI(M) मौसम नूर – TMC (पहले से 5 जनवरी से खाली) सुब्रत बख्शी – TMC 9 अप्रैल को खाली होने वाली सीटें: असम: रमेश्वर तेली – भाजपा भुवनेश्वर कलिता – भाजपा अजीत कुमार भुज्यां – असम जातीय परिषद बिहार: अमरेंद्र धारी सिंह – RJD प्रेमचंद गुप्ता – RJD रामनाथ ठाकुर – JDU उपेंद्र कुशवाहा – RLSP कुशवाहा हरिवंश नारायण सिंह – JDU छत्तीसगढ़: के.टी.एस. तुलसी – कांग्रेस फूलो देवी नेताम – कांग्रेस हरियाणा: किरण चौधरी – कांग्रेस रामचंद्र जांगड़ा – भाजपा हिमाचल प्रदेश: इंदु गोस्वामी – भाजपा तेलंगाना: डॉ. अभिषेक – कांग्रेस मनु सिंघवी रेड्डी – कांग्रेस के.आर. सुरेश रेड्डी – कांग्रेस