Vande Mataram Controversy : भोपाल। मध्य प्रदेश में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ गाना और उसका सम्मान करना दो अलग-अलग विषय हैं।
क्या बोले कांग्रेस विधायक मसूद
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद (Arif Masood) ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी यह स्पष्ट कर चुका है कि ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन उसका सम्मान सभी को करना चाहिए।
उन्होंने प्रदेश कांग्रेस से इस मामले में संज्ञान लेने और एक कमेटी बनाकर जांच कराने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भागीरथपुरा मामले से ध्यान भटकाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है।
UCC को लेकर सरकार पर साधा निशाना
वहीं, यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर भी आरिफ मसूद ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनता को गैस तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है और लोग खाद के लिए परेशान हैं।
उनके अनुसार, सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने के लिए UCC लागू करने की बात कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि UCC लागू होने के बाद सभी धर्मों के लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा और इसे देश के साथ अन्याय बताया। उन्होंने इसे सरकार की “लफ्फाजी” करार दिया।
फौजिया शेख अलीम पर FIR का आवेदन
दूसरी ओर, इंदौर में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विवाद और बढ़ गया है। नगर निगम में ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने के आरोप में बीजेपी पार्षद एमजी रोड थाने पहुंचे और कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया।
बीजेपी पार्षदों ने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ बोलने से इनकार कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया है। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश में ‘वंदे मातरम्’ और UCC जैसे मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है, जहां कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने नजर आ रही हैं।