US Tariff India Impact : देश। भारत सरकार ने अमेरिकी टैरिफ को लेकर आए हालिया घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखी हुई है। केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि वह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित नए कदमों के संभावित असर का विस्तृत अध्ययन कर रही है।
वाणिज्य मंत्रालय ने दिया आधिकारिक बयान
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका में टैरिफ से जुड़े फैसलों का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि उसने शुक्रवार को आए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और राष्ट्रपति ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस का संज्ञान लिया है। साथ ही अमेरिकी प्रशासन द्वारा घोषित नए कदमों का भी मूल्यांकन किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने पुराने टैरिफ को बताया अवैध
दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि शांति काल में इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का उपयोग कर टैरिफ नहीं लगाया जा सकता। इस फैसले से कई देशों पर लगाए गए टैरिफ का कानूनी आधार खत्म हो गया था। भारत पर लागू 18 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ भी इससे प्रभावित होता और इसके घटकर करीब 3.5 प्रतिशत होने की संभावना बन गई थी।
ट्रंप ने तुरंत जारी किया नया आदेश
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ ही समय बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने नया कार्यकारी आदेश जारी कर दिया। इसके तहत भारत सहित दुनिया के सभी देशों से अमेरिका आने वाले आयात पर 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ लगाने का फैसला किया गया है। यह नया टैरिफ 24 फरवरी को भारतीय समयानुसार सुबह 10:31 बजे से लागू होगा।
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सेक्शन 122 के तहत लगाया गया टैरिफ
ट्रंप ने इसके लिए सेक्शन 122 नाम के प्रावधान का उपयोग किया है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति को 150 दिनों तक अधिकतम 15 प्रतिशत टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। इस अवधि के बाद इसे जारी रखने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होती है।
भारत कर रहा हर पहलू का अध्ययन
केंद्र सरकार का कहना है कि वह पूरे घटनाक्रम का गहराई से अध्ययन कर रही है ताकि भारतीय व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को समझा जा सके। आने वाले समय में इस पर भारत की रणनीति तय की जाएगी।