US Airstrike on Iranian Weapons Depot : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में एक बड़े हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक की है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार यह हमला सोमवार रात किया गया, जिसमें 2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल हुआ। इन बमों का उपयोग खास तौर पर मजबूत और भूमिगत ठिकानों को नष्ट करने के लिए किया जाता है।
रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि इस डिपो में भारी मात्रा में हथियार और सैन्य सामग्री रखी गई थी। हमले के बाद वहां रखे हथियारों में विस्फोट हुआ, जिससे कई धमाके हुए और इलाके में आग के बड़े गुबार उठे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भी सोशल मीडिया पर धमाकों का वीडियो साझा किया है।
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दक्षिण कोरिया में ऊर्जा संकट का खतरा
ईरान-अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब अन्य देशों पर भी दिखने लगा है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग (Lee Jae-myung) ने ऊर्जा संकट की आशंका को देखते हुए कैबिनेट को सख्त और आपात कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दक्षिण कोरिया अपनी लगभग 70 प्रतिशत तेल आपूर्ति मिडिल ईस्ट से करता है, जिससे उसकी ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा असर पड़ सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट पर टोल लगाने की तैयारी
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी ने इस योजना को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार जहाजों को इस समुद्री मार्ग से गुजरने के लिए ईरान को रियाल में शुल्क देना होगा। साथ ही, अमेरिका और इजराइल से जुड़े जहाजों के प्रवेश पर रोक लगाने की बात भी कही गई है। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी कानून नहीं बना है।
ईरान में सरकार के समर्थन में रैलियां
युद्ध के बीच ईरान में सरकार और सेना के समर्थन में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। तेहरान के पास करज शहर में सबसे बड़ी रैली देखी गई, जहां लोगों ने झंडे लहराते हुए नारेबाजी की। इसके अलावा तेहरान और अर्दबील जैसे शहरों में भी प्रदर्शन हुए।
फिलीपींस सरकार की अपील
फिलीपींस के व्यापार और उद्योग विभाग (DTI) ने लोगों से घबराकर सामान न खरीदने की अपील की है। विभाग की सचिव क्रिस्टीना (Cristina Roque) ने कहा कि 16 अप्रैल तक जरूरी वस्तुओं की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी, हालांकि इसके बाद कुछ चीजों के दाम बढ़ सकते हैं।
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पूर्व RAW चीफ ने उठाए सवाल
भारत के पूर्व RAW प्रमुख विक्रम सूद (Vikram Sood) ने अमेरिका और इजराइल की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने ईरान को गलत तरीके से आंका है और ईरान इस संघर्ष में मजबूती से जवाब दे रहा है।
अमेरिका में पेट्रोल महंगा
इस संघर्ष का असर अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। वहां पेट्रोल की औसत कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई है, जो तीन साल में पहली बार हुआ है। एक सर्वे के अनुसार करीब 55% अमेरिकी नागरिकों ने कहा कि बढ़ती कीमतों का उनके खर्च पर नकारात्मक असर पड़ा है।
सैन्य हालात और हमले
दक्षिणी लेबनान में इजराइल के 4 और सैनिकों की मौत हो गई है। 2 मार्च से अब तक वहां 10 इजराइली सैनिक मारे जा चुके हैं। वहीं, इराक के संगठन “इस्लामिक रेसिस्टेंस इन इराक” ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी ठिकानों पर 19 ड्रोन हमले किए हैं।
तंगसीरी की मौत पर शोक
ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के कमांडर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी की मौत पर शोक व्यक्त किया गया है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के प्रमुख मोहम्मद अली मोवाहेदी करमानी (Mohammad Ali Movahedi Kermani) ने उनकी शहादत को देश के लिए गर्व की बात बताया है।
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ट्रम्प की नई रणनीति
रिपोर्ट के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अब बिना होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खुलवाए भी युद्ध खत्म करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि पहले ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर किया जाएगा और फिर कूटनीतिक दबाव के जरिए उसे बातचीत के लिए मजबूर किया जाएगा।
इस्फहान में लगातार धमाके
ईरान के इस्फहान शहर में अमेरिकी हमले के बाद सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक कई धमाके हुए। अलग-अलग हिस्सों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं और आग की लपटें उठती देखी गईं। हालांकि, किन-किन ठिकानों को निशाना बनाया गया, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता यह तनाव अब वैश्विक स्तर पर असर डाल रहा है, जिससे ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को लेकर कई देशों की चिंता बढ़ गई है।