हाइलाइट्स
- सुप्रीम कोर्ट फैसले के घंटों बाद 10% ग्लोबल टैरिफ लागू।
- 150 दिनों तक टैरिफ चलेगा, जांच के बाद बदलाव संभव।
- IEEPA अधिकार खारिज, ट्रंप ने अन्य धाराओं का रास्ता चुना।
Trump 10% Global Tariff : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी व्यापारिक नीतियों को लेकर न्यायपालिका के साथ सीधी टक्कर ले ली है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुराने टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर ट्रंप ने ओवल ऑफिस से नया कार्यकारी आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के तहत अब दुनिया के सभी देशों से अमेरिका आने वाले आयात पर 10 प्रतिशत का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा, जो तुरंत प्रभाव से लागू होगा।
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस नए वैश्विक टैरिफ पर हस्ताक्षर करते हुए गर्व महसूस हो रहा है।
इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन्होंने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत यह कदम उठाने की बात कही थी और संकेत दिया था कि जरूरत पड़ने पर शुल्क इससे ज्यादा भी हो सकता है।

150 दिनों तक लागू रहेगा टैरिफ
ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत लगाया गया यह टैरिफ करीब 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान अमेरिकी प्रशासन अलग-अलग देशों पर उचित टैरिफ तय करने के लिए जांच करेगा।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के साथ खराब व्यापारिक व्यवहार करने वाले देशों पर ज्यादा शुल्क लगाया जा सकता है, जबकि अन्य देशों को राहत मिल सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ा विवाद
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स ने 6-3 के फैसले में 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत बिना कांग्रेस की मंजूरी टैरिफ लगाने के राष्ट्रपति के अधिकार को खारिज कर दिया था। ट्रंप ने इस फैसले को निराशाजनक बताते हुए कहा कि उनके पास अभी भी कई कानूनी विकल्प मौजूद हैं।
अन्य धाराओं के तहत भी नए टैरिफ की तैयारी
ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी धारा 232 और अनुचित व्यापार प्रथाओं से संबंधित धारा 301 के तहत भी नए टैरिफ लगाए जा सकते हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि धारा 301 के तहत नई जांचों का ब्यौरा जल्द जारी किया जाएगा।
175 अरब डॉलर के टैरिफ पर अनिश्चितता
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पिछले साल वसूले गए करीब 175 अरब डॉलर के टैरिफ राजस्व को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। ट्रंप का कहना है कि यह मामला लंबी कानूनी प्रक्रिया में जा सकता है। वहीं ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भरोसा जताया कि नए टैरिफ से 2026 में राजस्व पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
कुल मिलाकर, ट्रंप के इस फैसले से अमेरिका में न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच टकराव और वैश्विक व्यापार पर असर की चर्चा तेज हो गई है।