Ladli Behna Scheme : भोपाल। मध्यप्रदेश में शुक्रवार को सरकार से जुड़ी दो अहम खबरें सामने आई हैं। एक ओर जहां राज्य की करोड़ों महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली लाड़ली बहना योजना की नई किस्त जारी कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। इन दोनों फैसलों को सरकार की सामाजिक और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
1. लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त जारी
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने राज्य की लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की 34वीं किस्त जारी करते हुए 1 करोड़ 25 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में 1500 रुपये ट्रांसफर किए।
यह राशि ग्वालियर (Gwalior) जिले के घाटीगांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी गई। सरकार ने इस किस्त के तहत कुल करीब 1,836 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में जमा किए हैं।
यह योजना वर्ष 2023 में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। शुरुआत में इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह दिए जाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 1250 रुपये और फिर 1500 रुपये कर दिया गया।
सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।
आज घाटीगांव, ग्वालियर से ₹1,836 करोड़ से अधिक की राशि सिंगल क्लिक द्वारा लाड़ली बहनों के खातों में भेजी।
इस अवसर पर माननीय केंद्रीय मंत्री श्री @JM_Scindia जी साथ में उपस्थित रहे।#LadliBahnaMP pic.twitter.com/PC3hrq2Lty
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 13, 2026
खाते में पैसे आए या नहीं, ऐसे करें चेक:
योजना की वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं
‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ विकल्प पर क्लिक करें
आवेदन क्रमांक और कैप्चा कोड दर्ज करें
ओटीपी डालकर भुगतान की स्थिति देख सकते हैं
2. जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी
इसी बीच राज्य सरकार ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी का आदेश जारी किया है। यह संशोधित स्टाइपेंड 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला (Rajendra Shukla) के निर्देश के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है। सरकार ने यह बढ़ोतरी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर की है।
संशोधित स्टाइपेंड के अनुसार:
- पीजी प्रथम वर्ष: 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये
- पीजी द्वितीय वर्ष: 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपये
- पीजी तृतीय वर्ष: 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये
इसके अलावा:
- इंटर्न डॉक्टर: 13,928 रुपये से बढ़ाकर 14,337 रुपये
- सीनियर रेजिडेंट: 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये
- जूनियर रेजिडेंट: 63,324 रुपये तय किया गया है।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन Junior Doctors Association (JDA) के नेतृत्व में जूनियर डॉक्टरों ने हाल ही में विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की थी।

हड़ताल का असर राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (Gandhi Medical College) और हमीदिया हॉस्पिटल (Hamidia Hospital) सहित कई अस्पतालों में देखने को मिला था, जहां कई ऑपरेशन टालने पड़े थे।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जूनियर डॉक्टर स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।