Taliban Pakistan War : इस्लामाबाद। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। गुरुवार देर रात अफगानिस्तान की ओर से किए गए हमले के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। इस संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।
55 पाकिस्तानी सैनिक मारने का तालिबान का दावा
अफगान मीडिया टोलो न्यूज के मुताबिक तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि हमले में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। अफगान सरकार का दावा है कि 23 सैनिकों के शव उसके कब्जे में हैं और पाकिस्तान के एक सैन्य मुख्यालय समेत 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि तालिबान लड़ाकों ने एक पाकिस्तानी फाइटर जेट मार गिराया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
पाकिस्तान ने शुरू किया ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’
जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ शुरू करने का दावा किया है। पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, नंगरहार और कंधार समेत कई इलाकों में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान के मुताबिक इन हमलों में 133 तालिबान लड़ाके मारे गए, 200 से ज्यादा घायल हुए और 27 चौकियां तबाह कर दी गईं। पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अब दोनों देशों के बीच “खुला युद्ध” शुरू हो चुका है।
VIDEO | Islamabad, Pakistan: In its weekly briefing, Pakistan’s Ministry of Foreign Affairs says, “… Terrorist attacks in Pakistan have increased after Taliban takeover of Afghanistan, more so in last 12-18 months…”
(Full video available on PTI Videos -… pic.twitter.com/CtLg9tEOa1
— Press Trust of India (@PTI_News) February 27, 2026
दोनों देशों के आंकड़ों में बड़ा अंतर
अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान के हमलों में उनके 8 लोग मारे गए और 11 घायल हुए, जबकि उन्होंने 19 पाकिस्तानी पोस्ट और दो सैन्य ठिकाने तबाह करने का दावा किया। वहीं पाकिस्तान की ओर से तालिबान को भारी नुकसान पहुंचाने की बात कही जा रही है। दोनों पक्षों के दावों में काफी अंतर है और स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सीमा के कई इलाकों में जारी है संघर्ष
नंगरहार, कुनार, नूरिस्तान, खोस्त, पक्तिया और पक्तिका जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में अभी भी रुक-रुक कर गोलीबारी की खबर है। ये सभी इलाके डूरंड लाइन के पास स्थित हैं और लंबे समय से विवाद का केंद्र रहे हैं।
ईरान ने दिया बातचीत का सुझाव
तनाव कम करने के लिए ईरान ने मध्यस्थता की पेशकश की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में दोनों देशों को बातचीत के जरिए विवाद सुलझाना चाहिए।
पाकिस्तान का आरोप- तालिबान के बाद बढ़े आतंकी हमले
पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद उसके यहां आतंकी हमले बढ़े हैं। इस्लामाबाद लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि कुछ आतंकी संगठन अफगान जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है।
पूर्व अफगान सांसद का बड़ा बयान
अफगानिस्तान की पूर्व सांसद मरियम सोलैमंखिल ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि अब पाकिस्तान उसी समस्या से जूझ रहा है जिसे उसने खुद पैदा किया।
#WATCH | Los Angeles, USA: On Pakistan’s airstrikes on Afghanistan, the Member of Afghanistan’s Parliament in Exile, Mariam Solaimankhil says, “I don’t believe that ISI is against the Taliban, the roots are very deep… Please show me one leader of the Taliban that’s gone… The… pic.twitter.com/nbNO4H3RNR
— ANI (@ANI) February 27, 2026
संघर्ष की वजह
दरअसल 22 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान का कहना था कि ये हमले टीटीपी और आईएस से जुड़े ठिकानों पर थे, जबकि अफगानिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया और कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी थी।

हालात और बिगड़ने की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमा पर तनाव अभी और बढ़ सकता है। दोनों देशों की ओर से लगातार जवाबी कार्रवाई की जा रही है, जिससे डूरंड लाइन के कई हिस्सों में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संघर्ष पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि हालात बिगड़ने पर क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।