T20 WORLD CUP : पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ICC मेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम को सबसे बड़ा दावेदार बताया। धोनी ने कहा कि वर्तमान भारतीय टीम दुनिया की “सबसे खतरनाक टीमों में से एक” है और खिताब बचाने की पूरी क्षमता रखती है। माही अनप्लग्ड कार्यक्रम में बातचीत के दौरान धोनी ने टीम इंडिया की गहराई, अनुभव और खिलाड़ियों की भूमिका को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया, लेकिन कुछ बातों का जिक्र आते ही उस पर चिंता जताते भी नजर आए।
सुपर 8 की राह मुश्किल नहीं
महेंद्र सिंह धोनी ने टीम कॉम्बिनेशन को परफेक्ट बताया। बता दें कि इस टूर्नामेंट में 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें चार अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है। भारतीय टीम ग्रुप A में है, जिसमें पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, यूएसए और नामीबिया की टीमें भी शामिल हैं।
इस ग्रुप से दो टीमें सुपर-8 में पहुंचेंगी और वहां से दोनों सुपर-8 ग्रुप की दो-दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। हालांकि, जिस तरह का टूर्नामेंट फॉर्मेट है, उसमें भारतीय टीम का सुपर-8 तक पहुंचना आसान माना जा रहा है।
टीम इंडिया दुनिया में हिट
एमएस धोनी ने ने कहा कि टीम इंडिया शानदार टीमों में से एक है। एक अच्छी टीम में जो कुछ होना चाहिए, वह सब इसमें मौजूद है। खिलाड़ियों के पास अनुभव है, खासकर इस फॉर्मेट में। सभी खिलाड़ी दबाव में खेल चुके हैं और अपनी-अपनी भूमिकाओं को लंबे समय से निभाते आ रहे हैं।
ओस बनी धोनी की चिंता
हालांकि, धोनी ने एक ऐसे फैक्टर का भी ज़िक्र किया, जिसने उनके कप्तानी करियर के दौरान भी कई बार मैच का रुख बदला वो है ओस। उन्होंने कहा कि मुझे ओस से नफरत है। ओस कई चीज़ें बदल देती है। टॉस बहुत अहम हो जाता है और मैच का संतुलन बिगड़ सकता है। अगर हालात बराबर रहें और हम बेहतरीन टीमों के खिलाफ 10 मैच खेलें, तो ज़्यादातर मैच हम जीतेंगे।
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T20 क्रिकेट की अनिश्चितता सबसे बड़ी चुनौती
धोनी ने यह भी माना कि T20 क्रिकेट में कुछ भी होने का बड़ा खतरा बना रहता है। किसी एक खिलाड़ी का खराब दिन और विरोधी टीम के किसी खिलाड़ी का शानदार प्रदर्शन मैच का नतीजा बदल सकता है।
धोनी के मुताबिक, कभी-कभी आपकी टीम के कुछ खिलाड़ियों का दिन खराब होता है और सामने वाले का कोई खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर देता है। यही T20 की चुनौती है। ये लीग स्टेज में भी हो सकता है और नॉकआउट में भी।
इंजरी और भूमिका निभाना होगा अहम
पूर्व कप्तान ने आगे कहा कि टीम की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि खिलाड़ी फिट रहें और उन्हें जो भूमिकाएं सौंपी गई हैं, उन्हें सही तरीके से निभाएं। कोई भी खिलाड़ी चोटिल न हो और सभी अपने रोल को पूरी ईमानदारी से निभाएं बस यही ज़रूरी है। मैं इसे जिंक्स नहीं करना चाहता, लेकिन यह वाकई सबसे खतरनाक टीमों में से एक है।
बता दे कि, जब एमएस धोनी कप्तान थे भारतीय टीम ने 2007 में पहला टी20 विश्व कप जीता था। 17 साल का सूखा 2024 में रोहित शर्मा की टीम ने खत्म किया, जब भारतीय टीम ने वेस्ट इंडीज और अमेरिका में खिताब जीता।
अब, 2026 संस्करण में, सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम अपने घरेलू दर्शकों के सामने अपने खिताब का बचाव करेगी। 7 फरवरी को भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज करेगी, जहां मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया अपना पहला मुकाबला खेलेगी।