Stock Market Today : नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1,068.74 अंक यानी 1.28 प्रतिशत गिरकर 82,225.92 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 288.35 अंक यानी 1.12 प्रतिशत टूटकर 25,424.65 के स्तर पर आ गया। दिनभर बाजार दबाव में रहा और निवेशकों ने कई सेक्टरों में मुनाफावसूली की।
आईटी शेयरों में बिकवाली से बढ़ा दबाव
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में आई भारी कमजोरी रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स 4.74 प्रतिशत गिरकर सबसे ज्यादा नुकसान वाले सेक्टर में रहा।
बताया जा रहा है कि एआई कंपनी एंथ्रॉपिक के नए टूल की घोषणा के बाद यह आशंका बढ़ी है कि सॉफ्टवेयर सर्विसेज की मांग कम हो सकती है, जिससे आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली हुई।
इन सेक्टरों में भी दिखी कमजोरी
आईटी के अलावा निफ्टी रियल्टी 2.54 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.46 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.31 प्रतिशत, निफ्टी कंजम्प्शन 0.86 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 0.72 प्रतिशत गिरकर लाल निशान में बंद हुए। हालांकि निफ्टी मेटल, एनर्जी, कमोडिटीज, पीएसई और पीएसयू बैंक इंडेक्स में हल्की बढ़त देखने को मिली।
मिडकैप और स्मॉलकैप में कम असर
लार्जकैप शेयरों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट कम रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.32 प्रतिशत गिरकर 59,066.35 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.55 प्रतिशत टूटकर 16,958.65 पर बंद हुआ।
ये रहे टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स में एनटीपीसी, एचयूएल, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, टाइटन, एक्सिस बैंक और सन फार्मा के शेयर बढ़त में रहे। वहीं टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टीसीएस, एलएंडटी, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और बीईएल में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
आगे के लिए अहम स्तर
विशेषज्ञों के मुताबिक निफ्टी के लिए 25,370 से 25,350 का स्तर मजबूत सपोर्ट है। अगर यह स्तर टूटता है तो निफ्टी 25,150 से 24,950 तक जा सकता है। वहीं तेजी की स्थिति में 25,600 से 25,650 के बीच रुकावट देखने को मिल सकती है।
सोने में गिरावट, चांदी में बाद में आई तेजी
डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली के चलते सोने और चांदी की कीमतों में शुरुआत में गिरावट देखी गई। एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना करीब 0.65 प्रतिशत गिरकर 1,60,541 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी में शुरुआती कमजोरी के बाद तेजी आई और यह 2,66,542 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
कॉमेक्स पर सोने का वायदा भाव गिरकर 5,170.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि स्पॉट गोल्ड 5,150.38 डॉलर प्रति औंस पर रहा। डॉलर इंडेक्स में तेजी के कारण अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना-चांदी महंगे हो गए, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ा।
भू-राजनीतिक तनाव से मिला सहारा
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका के टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता और ईरान के साथ चल रही बातचीत के कारण सोने की मांग को सपोर्ट मिल सकता है। इसे सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए उतार-चढ़ाव के बावजूद मध्यम और लंबी अवधि में सोने और चांदी का रुख सकारात्मक बना हुआ है।
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सोना-चांदी के अहम स्तर
एक्सपर्ट के अनुसार सोने को 1,60,600 और 1,58,800 रुपए पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि 1,63,300 और 1,65,000 रुपए पर रेजिस्टेंस है। चांदी के लिए 2,61,000 और 2,56,600 रुपए सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 2,70,000 और 2,78,000 रुपए पर रुकावट देखने को मिल सकती है।