Stock Market Crash : मुंबई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े नुकसान के साथ खुले।
सेंसेक्स 1500 निफ्टी में 500 अंकों की गिरावट
सेंसेक्स 1500 अंकों से ज्यादा गिरकर खुला, जबकि निफ्टी में भी करीब 500 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बैंक निफ्टी पर भी इसका असर साफ दिखाई दिया और इसमें करीब 1500 अंकों की गिरावट देखी गई।
खास बात यह रही कि बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से कोई भी शेयर ग्रीन जोन में कारोबार करता हुआ नजर नहीं आया, जबकि सभी सेक्टर लाल निशान में दिखे।
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ये रहा मार्केट का हाल
सुबह 9:25 बजे सेंसेक्स 1478 अंक यानी करीब 2 फीसदी गिरकर 71,600 के स्तर पर आ गया। वहीं निफ्टी 440 अंक यानी करीब 2 फीसदी गिरकर 22,250 के नीचे कारोबार कर रहा था। निफ्टी बैंक भी 1500 अंकों से ज्यादा टूट गया।
सनफार्मा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
बीएसई के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो एचसीएल टेक को छोड़कर लगभग सभी शेयरों में गिरावट देखी गई। सबसे ज्यादा गिरावट सनफार्मा के शेयरों में 4.59 फीसदी की रही। इसके अलावा इंडिगो के शेयर करीब 4 फीसदी और अडानी पोर्ट के शेयर 3.60 फीसदी तक टूट गए।
बीएसई के 803 शेयरों में तेजी
बाजार की चौड़ाई (मार्केट ब्रेड्थ) भी कमजोर रही। बीएसई के कुल 3,506 शेयरों में से केवल 803 शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि 2,561 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं 142 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार करते रहे।
इसके अलावा 107 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए, जबकि 28 शेयर 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर थे। 84 शेयरों में लोअर सर्किट लगा, जबकि 92 शेयर अपर सर्किट पर पहुंचे।
ट्रम्प के इस बयान ने मचाई हलचल
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण ट्रंप का बयान है। उन्होंने ईरान को लेकर कहा कि अमेरिका अगले 2 से 3 हफ्तों में कोई बड़ा कदम उठा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्यों के करीब पहुंच चुकी है और किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु शक्ति बनने नहीं दिया जाएगा।
इसके अलावा ट्रंप ने होर्मुज मार्ग को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका उस रास्ते से तेल नहीं लाता है और जो देश उस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा के लिए आगे आना चाहिए। हालांकि, अमेरिका मदद करने के लिए तैयार है।
कच्चे तेल की कीमतों पर भी असर
ट्रंप के इस बयान का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में जोरदार उछाल आया और यह करीब 5 फीसदी बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। खास बात यह है कि केवल एक दिन में ही कच्चे तेल की कीमतों में 8 डॉलर की तेजी दर्ज की गई है।
कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव के संकेत और तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगी।
नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।