Sonam Wangchuk NSA Revoked : नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) पर लगाया गया नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) हटा दिया है। गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू होगा।
सरकार के मुताबिक वांगचुक ने एनएसए के तहत हिरासत की अवधि का लगभग आधा समय पूरा कर लिया है। इसके बाद उनके खिलाफ लगाया गया यह कानून वापस लेने का फैसला किया गया है। इससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
170 दिन से जोधपुर जेल में थे बंद
वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें लद्दाख से करीब 1500 किलोमीटर दूर जोधपुर की सेंट्रल जेल में भेज दिया गया था।करीब 170 दिन से वह जेल में बंद थे। अब एनएसए हटने के बाद उनके रिहा होने की संभावना है।
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लेह हिंसा भड़काने का आरोप
लद्दाख प्रशासन ने उन पर लेह में हुए हिंसक प्रदर्शन को भड़काने का आरोप लगाया था। यह प्रदर्शन लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुआ था। इन प्रदर्शनों के दौरान हालात हिंसक हो गए थे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई थी और 150 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
क्या है नेशनल सिक्योरिटी एक्ट
नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) एक ऐसा कानून है जिसके तहत सरकार किसी भी व्यक्ति को देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा मानते हुए हिरासत में ले सकती है। इस कानून के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक बिना सामान्य न्यायिक प्रक्रिया के नजरबंद रखा जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी गिरफ्तारी
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने हैबियस कॉर्पस याचिका दायर कर गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया था। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की कई बार सुनवाई हुई और अदालत ने सरकार से मेडिकल रिपोर्ट और हिरासत के आधार बने दस्तावेज भी मांगे थे।
सोनम वांगचुक केस की टाइमलाइन
- 26 सितंबर 2025: लद्दाख में राज्य का दर्जा मांगने को लेकर प्रदर्शन के बाद एनएसए के तहत हिरासत।
- 27 सितंबर 2025: सुरक्षा कारणों से वांगचुक को लद्दाख से जोधपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया।
- 3 अक्टूबर 2025: पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी को चुनौती दी।
- 10 अक्टूबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और लद्दाख प्रशासन से जवाब मांगा।
- 16 फरवरी 2026: अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट और सबूतों से जुड़े दस्तावेज मांगे।
- 14 मार्च 2026: केंद्र सरकार ने वांगचुक पर लगा एनएसए हटा दिया।