Share Market Today : मुंबई। कमजोर वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 590.20 अंक यानी 0.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75,444.22 पर खुला, जबकि निफ्टी 176.65 अंक यानी 0.75 प्रतिशत गिरकर 23,462.50 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बाजारों में कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा है, जिससे बाजार में बिकवाली देखने को मिल रही है।
IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
शुरुआती कारोबार में गिरावट का नेतृत्व आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों ने किया। सूचकांकों में निफ्टी आईटी और निफ्टी मेटल सबसे ज्यादा नुकसान में रहे।
इसके अलावा ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पीएसयू बैंक, रियल्टी, सर्विसेज, डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सूचकांक भी लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। हालांकि बाजार में गिरावट के बीच एनर्जी सेक्टर में कुछ मजबूती देखने को मिली और यह सूचकांक हरे निशान में बना रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी
- लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट का माहौल रहा।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 181 अंक यानी 1.11 प्रतिशत गिरकर 16,123 पर पहुंच गया।
- निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 519 अंक यानी 0.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,734 पर कारोबार करता दिखा।
इससे साफ है कि बाजार में गिरावट का असर लगभग सभी वर्ग के शेयरों पर पड़ा।
सेंसेक्स पैक में कौन से शेयर चढ़े और कौन गिरे
सेंसेक्स में कुछ शेयरों में मजबूती भी देखने को मिली। पावर ग्रिड, आईटीसी, एचयूएल, एनटीपीसी और सन फार्मा शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
वहीं दूसरी ओर टाटा स्टील, एलएंडटी, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, एचसीएल टेक, इन्फोसिस और टाइटन जैसे बड़े शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट
भारतीय बाजार पर दबाव की एक बड़ी वजह वैश्विक बाजारों की कमजोरी भी है। ज्यादातर एशियाई बाजार जैसे टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए थे।
डाओ जोन्स इंडेक्स 1.56 प्रतिशत गिरा
नैस्डैक इंडेक्स 1.78 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ
भू-राजनीतिक तनाव का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ रहा है। अगर यह संघर्ष लंबे समय तक चलता है तो वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ने या मंदी का खतरा भी बढ़ सकता है।
Intermittent Fasting : वजन घटाने के चक्कर में न करें इंटरमिटेंट फास्टिंग, हो सकता है ये खतरनाक असर
FII की बिकवाली जारी
निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भारतीय बाजारों में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। गुरुवार को एफआईआई ने 7,049.87 करोड़ रुपए की इक्विटी बेच दी।
हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने बाजार को कुछ सहारा दिया और उन्होंने 7,449.77 करोड़ रुपए का निवेश किया। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां ही बाजार की दिशा तय करेंगी।