Rahul Gandhi Speech in Lok Sabha : नई दिल्ली। लोकसभा में बजट सत्र के दौरान बुधवार को भी जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के नेताओं ने लगातार आपत्ति जताई, जिससे सदन में कई बार शोर-शराबा हुआ। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में एपस्टीन फाइल्स, अडाणी समूह, अमेरिका के साथ ट्रेड डील और भारत के डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर टिप्पणी
राहुल गांधी ने कहा कि “तीन मिलियन फाइल्स अब भी लॉक के अंदर हैं” और प्रधानमंत्री की आंखों में डर दिखता है। उन्होंने दावा किया कि अडाणी समूह पर अमेरिका में चल रहा केस वास्तव में प्रधानमंत्री से जुड़ा है और यह भाजपा के “फाइनेंशियल स्ट्रक्चर” से संबंधित है। उन्होंने कहा कि अडाणी कोई साधारण व्यवसायी नहीं हैं और उनकी कंपनी पर अमेरिका में मामला चल रहा है।
राहुल आरोप साबित करें
इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कड़ी आपत्ति जताई। रिजिजू ने राहुल से अपने आरोप साबित करने की मांग की और कहा कि बिना आधार के आरोप सदन के रिकॉर्ड में नहीं जाने चाहिए। स्पीकर ने राहुल गांधी को बोलते रहने की अनुमति दी और कहा कि सबूत बाद में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
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सत्ता पक्ष की तीखी आपत्ति दर्ज
राहुल गांधी ने उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम लेते हुए कहा कि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है, लेकिन उन्हें जेल नहीं हुई। उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी उल्लेख किया। इस पर फिर से सत्ता पक्ष की ओर से तीखी आपत्ति दर्ज कराई गई और सदन में शोरगुल बढ़ गया।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर हमला
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के सामने “पूरी तरह सरेंडर” कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत का टैरिफ 3% से बढ़कर 18% हो गया, जबकि अमेरिका का टैरिफ 16% से घटकर शून्य हो गया। उनके अनुसार, इससे भारतीय किसानों और ऊर्जा सुरक्षा को नुकसान पहुंचेगा।
उन्होंने कहा, “क्या आपको भारत को बेचने में शर्म नहीं आती? आपने भारत माता को बेच दिया है।” राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दबाव में भारत ने समझौता किया और प्रधानमंत्री की आंखों में डर साफ दिखता है।
डेटा सुरक्षा पर क्या बोले राहुल
राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका और चीन दोनों की नजर भारत के डेटा पर है। उन्होंने AI के दौर में डेटा को “पेट्रोल” के समान महत्वपूर्ण बताया और आरोप लगाया कि बजट में डेटा सुरक्षा को लेकर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया। उनके मुताबिक, अगर इंडिया ब्लॉक सत्ता में होता तो अमेरिका से बराबरी की शर्तों पर बातचीत करता।
उन्होंने वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया “युद्ध के दौर” में प्रवेश कर चुकी है। गाजा, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आर्थिक टकराव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ऊर्जा और वित्त को हथियार बनाया जा रहा है, लेकिन बजट में इन चुनौतियों से निपटने की कोई स्पष्ट रणनीति नहीं दिखती।
गलत बयानी करना राहुल की आदत
राहुल गांधी के बयान पर सत्ता पक्ष के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “गलत बयानी करना इनकी आदत बन गई है।” किरेन रिजिजू ने भी आरोपों को निराधार बताया। सदन में कई बार व्यवधान हुआ और पीठासीन अधिकारी को हस्तक्षेप करना पड़ा।
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8 विपक्षी सांसदों का निलंबन बरकरार
इसी बीच, लोकसभा से निलंबित आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन वापस नहीं लिया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका निलंबन पूरे बजट सत्र तक जारी रहेगा, जो 2 अप्रैल को समाप्त होगा। इन सांसदों पर राहुल गांधी को बोलने से रोकने के विरोध में हंगामा करने और चेयर की ओर कागज फेंकने का आरोप है।
निलंबित सांसदों में कांग्रेस के मणिक्कम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा, गुरजीत सिंह औजिला, हिबी ईडन, डीन कुरियकोज, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और CPM के एस वेंकटेशन शामिल हैं।