Raghav vs Saurabh : नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर इन दिनों अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। इसके जवाब में पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी और कई गंभीर आरोप लगाए।
जो डर गया समझो मर गया…
सौरभ भारद्वाज ने वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने राघव चड्ढा का बयान देखा और याद दिलाया कि पार्टी ने हमेशा निडर होकर राजनीति करने की सीख दी है। उन्होंने कहा, “जो डर गया समझो मर गया,” और यह भी जोड़ा कि नेताओं का कर्तव्य है कि वे सरकार के खिलाफ मजबूती से मुद्दे उठाएं और जनता की आवाज बनें।
विपक्ष की आवाज कमजोर की जा रही
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से जो भी सरकार के खिलाफ गंभीर मुद्दे उठाता है, उसे दबाने की कोशिश की जा रही है। भारद्वाज ने कहा कि सरकार सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने और FIR दर्ज कराने जैसे कदम उठा रही है, जिससे विपक्ष की आवाज कमजोर की जा रही है।
बीजेपी के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं उठा रहे राघव
राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए भारद्वाज ने कहा कि वे लंबे समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या बीजेपी के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में “सॉफ्ट पीआर” करने से कोई फर्क नहीं पड़ता और नेताओं को देश के बड़े मुद्दों पर बोलना चाहिए।
चुनावों के दौरान वोटिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी
उन्होंने आगे कहा कि चुनावों के दौरान वोटिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही है और कई राज्यों में फर्जी वोट बनाकर चुनाव प्रभावित किए जा रहे हैं। भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि जब विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव लाने की कोशिश की, तब राघव चड्ढा ने उसका समर्थन नहीं किया।
विपक्ष वॉकआउट राघव नहीं होते शामिल
सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि जब भी संसद में विपक्ष वॉकआउट करता है, तब राघव चड्ढा उसमें शामिल नहीं होते। उन्होंने आरोप लगाया कि चड्ढा ने लंबे समय से कोई ऐसा मुद्दा नहीं उठाया, जिसमें सरकार से सीधे सवाल किए गए हों। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब जैसे राज्य के मुद्दों पर भी चड्ढा सक्रिय नजर नहीं आते, जबकि वे वहीं से राज्यसभा सांसद हैं।
केजरीवाल गिरफ्तार हुए तब भी चड्ढा नहीं थे मौजूद
भारद्वाज ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का जिक्र करते हुए कहा कि जब केजरीवाल को मुख्यमंत्री रहते हुए गिरफ्तार किया गया, तब राघव चड्ढा देश में मौजूद नहीं थे। उन्होंने गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज FIR का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इस पर भी चड्ढा चुप रहे।
Raghav Chadha : सांसद राघव चड्ढा को AAP से बड़ा झटका, राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाया
“सॉफ्ट मुद्दों” से कोई फर्क नहीं पड़ता
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को “सॉफ्ट मुद्दों” से कोई फर्क नहीं पड़ता और असली मुद्दों को मजबूती से उठाने की जरूरत है। भारद्वाज ने दावा किया कि बीजेपी सोशल मीडिया पर राघव चड्ढा का समर्थन कर रही है, जिस पर उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए।
2012 में ज्वाइन की थी AAP
बता दें कि राघव चड्ढा 2012 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे और 2022 से राज्यसभा सदस्य हैं। हाल ही में उन्हें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल नहीं किया गया। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, इससे संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में पार्टी के भीतर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।