Raghav Chadha : नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद शुक्रवार को पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई है, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। ‘उन्होंने मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं। आम आदमी को ये मेरा संदेश है’।
वीडियो में क्या बोले राघव
राघव चड्ढा ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर वीडियो शेयर किया है। इसमें राघव चड्ढा ने कहा कि ‘मैंने पब्लिक के मुद्दे उठाए, इससे AAP को क्या नुकसान हुआ?
वीडियो के आखिर में उन्होंने AAP को चेतावनी दी कि आवाज खामोश कराने वालों के सामने मैं सैलाब बनकर आऊंगा।’ हालांकि, राघव ने न तो पार्टी के किसी नेता का नाम लिया और न ही पार्टी छोड़ने या आगे की रणनीति को लेकर कुछ कहा।
अनुराग ढांडा का पलटवार:
AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा के बयान के बाद कहा- हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता पहली पहचान है हमारी। कोई मोदी से डर जाए तो लड़ेगा क्या देश के लिए?
ढांडा ने कहा कि संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का। गुजरात में हमारे सैंकड़ों कार्यकर्ता बीजेपी की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए, क्या सांसद साहब सदन में कुछ बोले?
पश्चिम बंगाल में वोट का अधिकार छीना जा रहा है। सदन में प्रस्ताव आया CEC के खिलाफ तो भाई साहब ने साइन करने से मना कर दिया। पार्टी ने सदन से वॉकआउट किया तो मोदी जी की हाज़िरी लगाने के लिए बैठे रहते हैं। पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो।
भगवंत मान का बयान:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पार्टी की नीतियां चलती रहती हैं। जब हम 4 चुने गए थे तो धर्मवीर गांधी को लीडर बनाया गया था। उसके बाद मुझे नेता बनाया गया था। पार्टी के फैसले तो चलते रहते हैं।
अशोक मित्तल का बयान:
राज्यसभा में AAP के नए उपनेता बनाए गए लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के वाइस चांसलर सांसद अशोक मित्तल ने कहा था कि मेरा मुख्य फोकस सरकार और विपक्ष के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना होगा।
राघव चड्ढा की तरह मुखर भूमिका में नजर आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हर नेता की अपनी अलग कार्यशैली और व्यक्तित्व होता है। मैं अपनी बुद्धिमत्ता और अनुभव के अनुसार काम करूंगा, न कि किसी की शैली को दोहराने की कोशिश करेंगे।
राघव चड्ढा ने किन मुद्दों को उठाया था?
राघव चड्ढा ने संसद में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स की समस्याएं, फ्रूट जूस की भ्रामक ब्रांडिंग, मोबाइल डेटा की मिडनाइट एक्सपायरी, 28 दिन वाले रिचार्ज प्लान, मेंस्ट्रुअल हाइजीन, पेटर्निटी लीव और एयरपोर्ट पर सस्ता खाना जैसे मुद्दे उठाए थे। इन मुद्दों ने उन्हें चर्चा में रखा।
राजनीतिक मायने:
आम आदमी पार्टी का यह फैसला संगठन के भीतर एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाना पार्टी की रणनीति में बदलाव का संकेत दे रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में पार्टी की राज्यसभा में भूमिका कैसी रहती है और अशोक कुमार मित्तल अपनी नई जिम्मेदारी को किस तरह निभाते हैं।