हाइलाइट्स
- 18 महीने की हिरासत के आधार पर तीन आरोपियों को जमानत।
- हादसे ने देश में न्याय व्यवस्था पर खड़े किए थे सवाल ।
- ब्लड सैंपल बदलने से जुड़ा मामला ।
Pune Porsche Case Update : नई दिल्ली। पुणे पोर्श हिट एंड रन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। मुख्य आरोपी आदित्य अविनाश सूद समेत तीन लोगों को जमानत मिल गई है। यह फैसला 2 फरवरी को आया। कोर्ट ने उनकी लंबी हिरासत को आधार बनाया। लेकिन जमानत के साथ सख्त शर्तें भी लगाई गई हैं। बता दें कि, इन सभी पर सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप था।
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ये है पूरा मामला
19 मई 2024 की रात कल्याणी नगर इलाके में एक तेज रफ्तार पोर्श कार ने दो युवा आईटी प्रोफेशनल्स को कुचल दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। कार चला रहा था एक 17 साल का नाबालिग, जो कथित तौर पर नशे की हालत में था।
जांच में बड़े खुलासे हुए कि सबूत मिटाने की कोशिश की गई। ब्लड सैंपल बदल दिए गए ताकि नाबालिग बच सके। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया।
ब्लड सैंपल बदलने का खेल
हादसे के बाद जांच को गुमराह करने की कोशिश हुई। नाबालिग के साथ कार में मौजूद दो अन्य नाबालिगों के ब्लड सैंपल बदल दिए गए। असली सैंपल की जगह अन्य लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए।
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मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी
52 साल के आदित्य अविनाश सूद और 37 साल के आशीष सतीश मित्तल को 19 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया गया। उन पर आरोप था कि उन्होंने ब्लड सैंपल बदलने में मदद की। कुल 10 आरोपियों में ये मुख्य थे।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2026 को आदित्य सूद, आशीष मित्तल और अमर गायकवाड़ को नियमित जमानत दे दी। कोर्ट ने उनकी 18 महीने की हिरासत को ध्यान में रखा। ट्रायल कोर्ट शर्तें तय करेगा।
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जमानत की शर्तें
आरोपियों को जांच में पूरा सहयोग करना होगा। सबूतों से कोई छेड़छाड़ नहीं करनी होगी। कोर्ट ने साफ कहा कि वे फरार नहीं होंगे।
मामले पर देशव्यापी बहस
यह केस पूरे देश में सुर्खियां बना। नाबालिग को जल्दी जमानत मिलने पर सवाल उठे। ब्लड सैंपल बदलने से पुलिस और अस्पताल पर भी इल्जाम लगे। न्याय की मांग तेज हुई। जमानत मिलने के बाद ट्रायल तेज होने की उम्मीद है।