Online Gaming Suicide Case : मध्य प्रदेश। भोपाल से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन गेमिंग की लत के चलते एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग को लेकर सख्त रुख अपनाया है और जल्द ही इसके लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करने की तैयारी की जा रही है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि इस घटना को सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ कहा कि चाहे केंद्र सरकार हो या मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार, दोनों स्तर पर इस मुद्दे पर संज्ञान लिया गया है।
Indore Tech Sangam : इंदौर में ‘टेक संगम’ का आयोजन, आईटी युवाओं को मिला करियर मार्गदर्शन
जल्द जारी होगी ऑनलाइन गेमिंग को लेकर SOP
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति को रोकना है। इसके लिए ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े नियमों और दिशा-निर्देशों को लेकर जल्द ही एक SOP सुनिश्चित की जाएगी। ताकि बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन गेमिंग की लत से बचाया जा सके और इस तरह की दुखद घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
उन्होंने कहा कि आज के समय में ऑनलाइन गेमिंग तेजी से युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है, जिसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ रहा है। सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
परिवारों और समाज की भूमिका भी अहम
इस घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी कितनी जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के साथ-साथ अभिभावकों और समाज की भी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को सही दिशा दें और समय रहते उनकी समस्याओं को समझें।
भोपाल की यह घटना एक चेतावनी है कि ऑनलाइन गेमिंग को हल्के में नहीं लिया जा सकता। आने वाले समय में सरकार की SOP से उम्मीद की जा रही है कि ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।