Aayudh

Categories

Nalanda Stampede : नालंदा शीतलाष्टमी मंदिर भगदड़ में 8 की मौत, 6 से ज्यादा घायल

Nalanda Stampede

Nalanda Stampede : बिहार। नालन्दा में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। मघड़ा गांव स्थित माता शीतलाष्टमी मंदिर (Mata Sheetalashtami Temple) में भगदड़ मचने से 8 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 6 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। इसी दौरान दर्शन के लिए आगे बढ़ने की होड़ में अचानक भगदड़ मच गई। हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर और मेले को बंद करवा दिया है।

US Airstrike : अमेरिका की ईरान के हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक, 2000 पाउंड बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल

मृतकों में से दो की पहचान

मृतकों में से 2 महिलाओं की पहचान हो पाई है। इनमें नालंदा निवासी रीता देवी (50) और रेखा देवी (45) शामिल हैं। बाकी मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

कैसे मची भगदड़

मौके पर मौजूद महिला श्रद्धालुओं के अनुसार, मेला होने के कारण मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। सभी श्रद्धालु जल्दी दर्शन करने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे। कई लोग लाइन में लगने के बजाय सीधे आगे बढ़ना चाह रहे थे, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई।

एक महिला ने बताया कि मंदिर का गर्भगृह बहुत छोटा है और भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोग एक-दूसरे के ऊपर चढ़ रहे थे। सभी को जल्द से जल्द पूजा करने की जल्दी थी, जिससे हालात और बिगड़ गए।

Bihar Politics : नितिन नवीन और नीतीश कुमार का इस्तीफा, मंत्री अशोक चौधरी रोए

परिजनों का दर्द

मृतका रेखा देवी के बेटे कुंदन कुमार ने बताया कि उनकी मां मेला देखने गई थीं। उन्होंने कहा कि वहां हजारों की भीड़ थी और प्रशासन की ओर से पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई थी। सूचना मिलने के बाद जब वह मौके पर पहुंचे और मां को अस्पताल ले गए, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

पटना से आई एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वे दर्शन करने आई थीं, लेकिन हादसे के बाद मंदिर को बंद कर दिया गया। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बताया कि भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई है।

क्यों उमड़ी थी इतनी भीड़

मघड़ा गांव में स्थित यह मंदिर बिहारशरीफ से लगभग 5 किलोमीटर दूर है। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी, जिसे शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) कहा जाता है, इस मंदिर में मुख्य पूजा का दिन होता है।

इस दिन विशेष परंपरा के तहत घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और माता को एक दिन पहले बना ठंडा भोजन भोग के रूप में अर्पित किया जाता है।

Jinda Bhandara Auraiya : क्या जीते- जी हो सकती है तेरहवीं? अकेलेपन से जूझ रहे बुजुर्ग ने कराया मृत्यु भोज

हर साल इस अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और लंबी कतारों में लगकर पूजा करते हैं। इस बार भी भारी भीड़ के चलते यह दर्दनाक हादसा हो गया।

प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत करने की बात कही जा रही है।

यहां देखिये शीतलाष्टमी मंदिर में भगदड़ का वीडियो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *