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MP Fuel Crisis : क्या सच में खत्म हो रहा मध्य प्रदेश में डीजल-पेट्रोल? कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने की ये अपील

MP Fuel Crisis

MP Fuel Crisis : भोपाल। मध्य प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाहों ने हालात बिगाड़ दिए हैं। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों के चलते लोगों में घबराहट फैल गई और पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई जगहों पर लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

कलेक्टर ने किया ट्वीट

हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि कहीं भी ईंधन की कोई कमी नहीं है। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक खरीदारी से बचें। उन्होंने कहा कि राजधानी में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है।

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पैनिक बाइंग से बिगड़े हालात

अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। इसके चलते कई जगहों पर अस्थायी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि सप्लाई लगातार जारी है और स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन पैनिक बाइंग से कृत्रिम कमी जैसी स्थिति बन रही है।

अलग-अलग जिलों में क्या हालात

  • खरगोन: महेश्वर-बड़वाह रोड पर 300–400 वाहनों की कतार, ट्रैफिक प्रभावित।
  • सेंधवा: सुबह से पंपों पर भीड़, लेकिन स्टॉक पर्याप्त।
  • आगर मालवा: पिपलोन कला में लंबी लाइनें, कानड़ में विवाद और मारपीट तक की नौबत।
  • इटारसी: रेलवे स्टेशन के पास पंप पर भारी भीड़, यातायात प्रभावित।
  • कुक्षी: अचानक मांग बढ़ने से कुछ पंपों पर पेट्रोल खत्म, सीमित मात्रा में वितरण।
  • उज्जैन: प्रशासन ने स्पष्ट किया- ईंधन की कोई कमी नहीं।

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भोपाल में 3 महीने का स्टॉक

फूड कंट्रोलर के अनुसार, भोपाल में करीब 58.79 लाख किलोलीटर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक है, जो ढाई से तीन महीने के लिए पर्याप्त है। शहर के 192 पेट्रोल पंपों को रोजाना बड़ी मात्रा में सप्लाई दी जा रही है।

रतलाम और राजगढ़ में भी असर

रतलाम में कुछ पंपों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दोपहिया वाहनों को 200 रुपए और चारपहिया वाहनों को 1000 रुपए तक ही ईंधन दिया जा रहा है।

वहीं राजगढ़ के खिलचीपुर में लोग केन और ड्रम लेकर पेट्रोल-डीजल भरवाने पहुंच गए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

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प्रशासन की सख्त चेतावनी

अधिकारियों ने बताया कि कुछ पंपों के बंद होने की वजह सप्लाई की कमी नहीं, बल्कि ऑर्डर में देरी या वित्तीय कारण हैं। तेल कंपनियों से लगातार सप्लाई जारी है।

कलेक्टर ने दोहराया कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सिर्फ जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें। प्रशासन का कहना है कि घबराहट में खरीदारी से ही समस्या बढ़ रही है, जबकि वास्तविकता में किसी तरह की कमी नहीं है।

अफवाहों का कारण :

सोशल मीडिया पर पश्चिम एशिया (West Asia) के तनाव और अन्य देशों में ईंधन संकट के वीडियो वायरल होने के कारण लोगों में डर पैदा हो गया था, जिससे कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि भारत और मध्य प्रदेश की ईंधन सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है।

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प्रशासन का मुख्य संदेश

  • घबराएं नहीं (Don’t Panic): कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग (जरूरत से ज्यादा खरीदारी) से बचें।
  • पर्याप्त स्टॉक: भोपाल सहित पूरे प्रदेश में वर्तमान खपत के अनुसार पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) का भंडार मौजूद है।
  • कालाबाजारी पर रोक: प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्टॉक की नियमित निगरानी करें और ईंधन की जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें।
  • नियमित सप्लाई: ऑयल कंपनियों (जैसे BPCL, HPCL) ने भी पुष्टि की है कि सप्लाई चेन में कोई रुकावट नहीं है और डिपो से पंपों तक ईंधन समय पर पहुँच रहा है।

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