MP Assembly Session : भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सदन में जमकर हंगामा हुआ। भागीरथपुरा मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहा था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित भी करनी पड़ी।
बजट पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
अमरपाटन से कांग्रेस विधायक राजेंद्र कुमार सिंह ने राज्य के बजट पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बजट का आकार 9 प्रतिशत बढ़ाया गया है, लेकिन इससे वास्तविक विकास नहीं दिखता। उनका आरोप था कि कुल बजट का लगभग 78 प्रतिशत हिस्सा राजस्व व्यय में जा रहा है, जबकि पूंजीगत व्यय सिर्फ 22 प्रतिशत है।
उन्होंने वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन कानून (FRBM) का जिक्र करते हुए सरकार पर ज्यादा कर्ज लेने का आरोप लगाया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल की तुलना भी की।
Supreme Court : बाबरी मस्जिद नाम पर बैन नहीं! सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, जानिए पूरा मामला
भागीरथपुरा मुद्दे पर टकराव
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे पर विपक्ष लगातार चर्चा की मांग करता रहा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह सिर्फ इंदौर का नहीं, पूरे प्रदेश का मामला है। उन्होंने स्वच्छ पानी, मुआवजा और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट पर चर्चा की मांग की। चर्चा की अनुमति न मिलने पर कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का जवाब
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घटना को गंभीर और दुखद बताया। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है और भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए कार्य योजना बनाई गई है। मंत्री ने यह भी कहा कि मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
Stock Market Today : सपाट खुला शेयर बाजार, सोना-चांदी और कच्चे तेल में आज तेजी, जानें लेटेस्ट अपडेट
अन्य मुद्दों पर भी बहस
सदन में ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया को लेकर अनियमितताओं का मुद्दा उठा। भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने भर्ती निरस्त करने की मांग की, जबकि कृषि मंत्री ने प्रक्रिया को नियमों के तहत बताया।
इसके अलावा नरसिंहगढ़ में बैराज निर्माण में गड़बड़ी, सिरोंज-लटेरी में अधूरे बिजली कार्य, राजगढ़ में नए बस स्टैंड का निर्माण और सोलर पावर स्टेशन की योजना जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आश्वासन दिया कि लंबित कार्य 2026 तक पूरे कर दिए जाएंगे।
पहले भी हो चुका है विवाद
गौरतलब है कि 19 फरवरी को भी सदन में तीखा विवाद हुआ था, जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी पर विपक्ष ने कड़ा विरोध किया था। बाद में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पर खेद जताया था। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक कर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई।