Middle East Conflict : तेहरान। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर इसका असर लगातार गहराता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने NATO को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वह इससे बाहर निकलने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने NATO को “कागजी शेर” तक बता दिया।
NATO देशों ने नहीं दिया साथ
ट्रम्प ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहा है, लेकिन इस बार NATO देशों ने ईरान के खिलाफ जंग में उसका साथ नहीं दिया। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए वॉरशिप भेजने के अमेरिकी अनुरोध को ठुकरा दिया गया।
उन्होंने व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) का जिक्र करते हुए कहा कि रूस भी NATO को कमजोर मानता है। ट्रम्प ने यूक्रेन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अमेरिका ने मदद की, लेकिन अब वही समर्थन उसे नहीं मिल रहा है।
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जंग से मिडिल ईस्ट को भारी नुकसान
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (United Nations Development Programme) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस युद्ध से मिडिल ईस्ट की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।
- क्षेत्र की GDP में 3.7% से 6% तक गिरावट संभव
- करीब ₹18 लाख करोड़ का आर्थिक नुकसान
- होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही 70% से ज्यादा कम
- तेल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंची
- 16 से 36 लाख नौकरियां खतरे में
ब्रिटेन ने युद्ध से बनाई दूरी
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने साफ कहा है कि यह उनकी लड़ाई नहीं है और ब्रिटेन इसमें शामिल नहीं होगा। हालांकि उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए ग्लोबल समिट आयोजित करने की बात कही है।
ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत ठप
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने कहा कि अमेरिका के साथ कोई आधिकारिक बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं है, क्योंकि 2015 का समझौता अमेरिका पहले ही तोड़ चुका है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन (Masoud Pezeshkian) ने भी अमेरिका की बातचीत की नीति पर सवाल उठाए हैं।
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जमीनी हमले की तैयारी के संकेत
अमेरिका ने यूनाइटेड किंगडम के RAF लेकेनहीथ बेस पर A-10C फाइटर जेट्स तैनात किए हैं। विशेषज्ञ इसे संभावित जमीनी हमले की तैयारी का संकेत मान रहे हैं।
हमले और जवाबी कार्रवाई जारी
- ईरान ने इजराइल पर एक घंटे में तीन बार मिसाइल हमले किए
- सेंट्रल इजराइल में कई लोग घायल हुए
- लेबनान की राजधानी बेरूत में इजराइली हमले में 7 लोगों की मौत
- कतर के पास तेल टैंकर पर मिसाइल गिरने से समुद्री सुरक्षा पर खतरा बढ़ा
वैश्विक कंपनियों को धमकी
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने Apple, Google, Microsoft जैसी 18 अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी है।
तेल की कीमतों में गिरावट
हालांकि ट्रम्प के बयान के बाद कि जंग 2-3 हफ्तों में खत्म हो सकती है, बाजार में राहत देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 13% गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई।
ईरान-अमेरिका जंग अब केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं रह गई है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य संतुलन को प्रभावित कर रही है। NATO में दरार, बड़े देशों की दूरी और लगातार हमलों ने हालात को और जटिल बना दिया है। आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।