हाइलाइट्स
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44 घंटे लगातार दर्शन – रात 2:30 बजे पट खुले, 16 फरवरी शयन आरती तक खुले रहेंगे।
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1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु सुबह 7 बजे तक दर्शन कर चुके, आज 10 लाख तक पहुंचने का अनुमान।
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40 मिनट में दर्शन व्यवस्था – मंदिर समिति द्वारा सुव्यवस्थित प्रबंधन।
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12 विशेष भस्म आरती – साल में एक बार होने वाला दुर्लभ अवसर।
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दूल्हे के रूप में श्रृंगार – 11 फीट सेहरा, सवा लाख बेलपत्र, सैकड़ों किलो फूलों से अलौकिक सजावट।
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400 क्विंटल लड्डू प्रसादी – 20 काउंटरों से वितरण।
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निशिथ काल पूजा – रात 12:09 से 1:00 बजे तक महामुहूर्त।
Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple : उज्जैन। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उज्जैन में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। अनुमान है कि आज करीब 10 लाख भक्त उज्जैन पहुंच सकते हैं। सुबह 7 बजे तक ही एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे।
मंदिर के पट रात 2:30 बजे ही खोल दिए गए थे। घंटे और शंख की ध्वनि के बीच बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार किया गया। उन्हें भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर राजसी रूप दिया गया। करीब 44 घंटे तक लगातार दर्शन का अवसर मिलेगा। 16 फरवरी को शयन आरती के बाद मंदिर के पट बंद होंगे।
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40 मिनट में हो रहे दर्शन
मंदिर समिति के अनुसार, श्रद्धालुओं को लगभग 40 मिनट में दर्शन कराए जा रहे हैं। भस्म आरती के दौरान पासधारी भक्तों को विशेष प्रवेश दिया गया। मंत्रोच्चार के साथ जलाभिषेक, पंचामृत पूजन और भस्म अर्पण की परंपरा निभाई गई। शेषनाग का रजत मुकुट, मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला से बाबा का दिव्य श्रृंगार किया गया।
जो श्रद्धालु भस्म आरती में शामिल नहीं हो सके, उनके लिए सरल दर्शन व्यवस्था भी की गई है।
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दूल्हे के रूप में सजे बाबा महाकाल
महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल को दूल्हे के रूप में सजाया जा रहा है। 11 फीट लंबा सेहरा, सैकड़ों किलो फूल, सवा लाख बेलपत्र और विशेष आभूषणों से उनका अलौकिक श्रृंगार किया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए 400 क्विंटल लड्डू प्रसादी तैयार की गई है, जिसके लिए मंदिर परिसर में 20 काउंटर लगाए गए हैं।

12 भस्म आरती और विशेष पूजा
महाशिवरात्रि पर साल में एक बार 12 भस्म आरती होती हैं। चारों प्रहर की पूजा के कारण मंदिर पूरी रात खुला रहेगा। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भी परंपरागत भस्म अर्पित की गई।
ग्रहों का विशेष संयोग
इस बार कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु का अद्भुत संयोग बन रहा है। शनि देव भी कुंभ राशि में रहकर ‘शश’ महापुरुष राजयोग बना रहे हैं। ज्योतिष के अनुसार यह योग व्यापार, स्वास्थ्य और आर्थिक उन्नति के लिए शुभ माना जा रहा है।
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महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में की गई पूजा का अक्षय फल मिलता है। निशिथ काल (महामुहूर्त) रात 12:09 से 1:00 बजे तक रहेगा।
व्रत रखने वाले श्रद्धालु 16 फरवरी को सुबह 6:59 बजे से दोपहर 3:24 बजे तक पारण कर सकते हैं।
उज्जैन आज सच में शिवमय हो चुका है। हर-हर महादेव के जयघोष, घंटों की गूंज और भक्ति की भावना से पूरा शहर सराबोर है। बाबा महाकाल के दरबार में आस्था का यह संगम हर भक्त के लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया है।