JNU Controversy : नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कुलपति की कथित जातिवादी टिप्पणी को लेकर छात्र आंदोलन तेज हो गया है। 26 फरवरी को जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) के आह्वान पर बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्रालय तक ‘लॉन्ग मार्च’ निकालने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और 14 को गिरफ्तार कर लिया गया।
विवाद की वजह क्या है
छात्रसंघ का आरोप है कि विश्वविद्यालय की कुलपति ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि “हमेशा पीड़ित बने रहने से प्रगति नहीं होती”, जिसे कई छात्रों ने जातिवादी टिप्पणी बताया। हालांकि कुलपति की ओर से इस पर सफाई भी दी गई थी, लेकिन छात्र संगठन माफी और इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं।
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छात्रों की मुख्य मांगें
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कई मुद्दों को उठाया, जिनमें-
- यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन और रोहित एक्ट लागू करने की मांग
- नई शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने की मांग
- विश्वविद्यालय फंड में कटौती रोकने की मांग
- कुलपति से माफी और इस्तीफा
- सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करने की मांग
प्रदर्शन के दिन क्या हुआ
छात्रसंघ के अनुसार सुबह से ही कैंपस में सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई थी। दोपहर में प्रदर्शन शुरू हुआ और शाम तक छात्र मुख्य गेट की ओर बढ़े। आरोप है कि इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई और बाद में कई छात्रों को हिरासत में लिया गया।
देर रात गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई और अगली सुबह 14 छात्रों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। छात्र संगठनों का कहना है कि कई छात्र घायल हुए और छात्रसंघ पदाधिकारियों को घंटों थाने में रखा गया।
पुलिस का क्या कहना है
दिल्ली पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर हमला किया, जिसमें दो एसीपी और दो एसएचओ समेत 25 पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने 51 लोगों को हिरासत में लेने और 14 को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है।
राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज
इस घटना के बाद कैंपस की राजनीति और शिक्षा में सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर बहस फिर तेज हो गई है। छात्र संगठन इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मामला बता रहे हैं, जबकि प्रशासन और पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहे हैं। फिलहाल मामले को लेकर कैंपस में तनाव बना हुआ है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।