Iran Israel War : मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। दोनों देशों के बीच पिछले कई दिनों से हमले और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। बुधवार रात इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में दो अलग-अलग एयरस्ट्राइक किए, जिनमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि यह हमला बेरूत के एयरपोर्ट हाईवे पर चल रही गाड़ियों को निशाना बनाकर किया गया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि की है। इसके अलावा इजरायली सेना ने उत्तरी लेबनान के त्रिपोली शहर में स्थित एक फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर भी हमला किया, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
डिमोना न्यूक्लियर सेंटर पर हमले की चेतावनी
इजरायल के हमलों के बीच ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। ईरान की ओर से इजरायल पर कई मिसाइलें दागी गई हैं। इसी दौरान ईरान ने इजरायल को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका के साथ मिलकर ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की गई तो वह इजरायल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर को निशाना बना सकता है।
हालांकि लगातार मिल रही धमकियों और हमलों के बावजूद फिलहाल इस संघर्ष के रुकने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। ईरान और इजरायल दोनों एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। वहीं अमेरिका भी इस संघर्ष में इजरायल के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।
गांव खाली करने के आदेश
इजरायली सेना ने बुधवार को दक्षिणी लेबनान के दर्जनों गांवों के लोगों को तुरंत इलाके खाली करने की चेतावनी जारी की है। सेना का कहना है कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह की ओर से किए जा रहे रॉकेट और ड्रोन हमलों के जवाब में की जा रही है।
हाल के दिनों में बेरूत के दक्षिणी इलाकों और सीमा के पास कई जगहों पर लगातार एयरस्ट्राइक हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इन हमलों में अब तक 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बढ़ते हमलों के कारण हजारों लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हो गए हैं।
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इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच पुराना संघर्ष
इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच टकराव नया नहीं है। 7 अक्टूबर 2023 को गाजा में हमास के हमले के बाद हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर रॉकेट दागने शुरू कर दिए थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कई महीनों तक सीमित झड़पें होती रहीं।
सितंबर 2024 में यह संघर्ष बड़े युद्ध में बदल गया और इजरायल ने लेबनान में जमीनी सैन्य अभियान शुरू कर दिया। बाद में अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ, लेकिन इजरायली सेना अभी भी सीमा के पास पांच महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात है। युद्धविराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इजरायल की ओर से हमले जारी रहे हैं, जिनमें अब तक करीब 400 लोगों की मौत हो चुकी है।
अमेरिका ने ईरानी युद्धपोत को डुबोया
इसी बीच बुधवार को एक और बड़ी घटना सामने आई। अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरान के युद्धपोत IRIS देना पर हमला कर दिया। यह जहाज पिछले महीने विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर वापस लौट रहा था।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी नौसेना की एक पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास इस जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया। जहाज पर करीब 180 ईरानी नौसैनिक सवार थे।
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इस हमले में 87 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि 32 घायल नौसैनिकों को श्रीलंका की नौसेना ने बचाकर अस्पताल पहुंचाया। वहीं लापता सैनिकों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।
लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाई के कारण मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और पूरी दुनिया की नजरें अब इस संघर्ष के आगे के घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।