Aayudh

Categories

Iran Israel US War : आज रात ईरान पर होगा सबसे बड़ा हमला…अमेरिका तबाह करेंगा मिसाइल लॉन्चर-फैक्ट्रियां!

Iran Israel US War

Iran Israel US War : तेहरान। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध लगातार गंभीर होता जा रहा है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का शनिवार को आठवां दिन है। इस बीच अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला करने की तैयारी में है।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि शनिवार रात ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान चलाया जाएगा। उनका कहना है कि इस हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को भारी नुकसान पहुंचाना है, ताकि उसकी सैन्य क्षमता कमजोर की जा सके।

तेहरान एयरपोर्ट पर इजराइल का हमला

इसी बीच शुक्रवार देर रात इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमला किया। हमले के बाद एयरपोर्ट परिसर में आग और धुएं के बड़े गुबार उठते दिखाई दिए।

दूसरी ओर खबरें हैं कि रूस इस युद्ध के दौरान ईरान को खुफिया जानकारी दे रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मॉस्को ने ईरान को मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई है।

Gurmeet Ram Rahim : पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम बरी, तीन दोषियों की सजा बरकरार

भारत में रुका ईरानी युद्धपोत

इस तनाव के बीच ईरान का युद्धपोत IRIS लावन फिलहाल कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। सरकारी सूत्रों के अनुसार जहाज में तकनीकी खराबी आने के बाद ईरान ने भारत से मदद मांगी थी।

भारत ने 1 मार्च को जहाज को डॉक करने की अनुमति दी और 4 मार्च को यह कोच्चि पहुंच गया। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। यह युद्धपोत हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में भी शामिल हुआ था।

 1300 से अधिक लोगों की मौत

इस संघर्ष में अब तक भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान में 1300 से ज्यादा हमले किए जा चुके हैं और 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कई मेडिकल सेंटर भी हमलों की चपेट में आए हैं।

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। वहीं कई जगह बिजली और पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।

LPG Price Hike : रसोई गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े, ईरान-इजराइल युद्ध से किल्लत का खतरा!

पाकिस्तान पर भी पड़ रहा असर

इस युद्ध का असर पड़ोसी पाकिस्तान पर भी देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान की लगभग 900 किलोमीटर लंबी सीमा ईरान से लगती है और खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी कामगार काम करते हैं। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर इस्लामाबाद की चिंता बढ़ गई है कि अगर युद्ध और फैलता है तो उसे किस तरह की रणनीति अपनानी पड़ेगी।

वैश्विक तेल बाजार पर नजर

युद्ध के बीच अमेरिका ने वैश्विक तेल आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए भारत को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए 30 दिनों की छूट दी है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में रूस के तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील भी दी जा सकती है।

Donald Trump viral Photo : सिर झुकाए बैठे ट्रंप के कंधों पर पादरियों का हाथ, वॉर के बीच वायरल हुई फोटो

यहां देखिये अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध की पूरी टाइमलाइन

अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रही जंग की टाइमलाइन इस प्रकार है। 28 फरवरी 2026 को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई, जो अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए बड़े संयुक्त हमले का नतीजा था।

इस ऑपरेशन को ट्रंप ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया। हमलों में ईरान के एक गर्ल्स स्कूल पर भी हमला हुआ, जिसमें 150 से ज्यादा लोग मारे गए, साथ ही खामेनेई समेत कई बड़े अधिकारी मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं।

1 मार्च को पूरे इज़राइल में इमरजेंसी लागू कर दी गई। ईरान ने इज़राइल पर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए, साथ ही बहरीन और कतर में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इज़राइल ने सेना को हाई अलर्ट पर रखा।

Iran Drone Attack : ईरान के ड्रोन हमलों से अमेरिका चिंतित, सेना बोली- हर ड्रोन को रोक पाना संभव नहीं

2 मार्च को अमेरिका ने B-2 बॉम्बर्स से हमला किया। अमेरिका-इज़राइल ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर सेंटर पर हमला किया, जिसमें ईरान का लगभग 50% मिसाइल स्टॉक नष्ट हो गया और 9 नेवी जहाज डूब गए। कुवैत ने फ्रेंडली फायरिंग में 3 अमेरिकी फाइटर जेट गिरा दिए।

3 मार्च को सऊदी अरब, कुवैत और लेबनान में अमेरिकी दूतावास अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए। ट्रंप ने कहा कि अब बातचीत के लिए बहुत देर हो चुकी है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया।

4 मार्च को ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमला हुआ, जिसमें 87 नौसैनिक मारे गए। मिडिल ईस्ट से अब तक 17,500 अमेरिकी सुरक्षित निकाले जा चुके हैं। अली खामेनेई का शोक समारोह स्थगित कर दिया गया।

सऊदी अरामको की रास तनूरा रिफाइनरी पर दूसरा ड्रोन हमला हुआ। अब तक जंग में कुल 1,045 लोग मारे जा चुके हैं। यह संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है और क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *