Iran Ground Operation : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक अहम खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर अमेरिका ईरान में जमीनी सैन्य कार्रवाई करता है, तो इजरायल के सैनिक उसमें सीधे हिस्सा नहीं लेंगे। इजराइली मीडिया की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि अमेरिका को इस मिशन को अकेले ही अंजाम देना पड़ सकता है।
इजरायली सेना नहीं होगी शामिल
रिपोर्ट के अनुसार, अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करता है, तो इजरायली सेना जमीन पर उतरकर युद्ध में शामिल नहीं होगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इजरायल अन्य तरीकों, जैसे खुफिया जानकारी या तकनीकी सहयोग के जरिए अमेरिका की मदद करेगा या नहीं।
सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा इजरायल
विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल का यह रुख रणनीतिक कारणों से जुड़ा हो सकता है। जमीनी युद्ध में सीधे शामिल होने से पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ सकता है। इसके अलावा इजरायल पहले से ही अपनी सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है, इसलिए वह किसी बड़े युद्ध में सीधे कूदने से बचना चाहता है।
बिना सहयोगी के ग्राउंड ऑपरेशन में जोखिम
दूसरी ओर, अमेरिका के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। बिना किसी बड़े सहयोगी के जमीनी अभियान चलाना सैन्य और राजनीतिक दोनों स्तरों पर जोखिम बढ़ा सकता है। ईरान जैसे बड़े और शक्तिशाली देश में ग्राउंड ऑपरेशन को आसान नहीं माना जाता और इसके लिए व्यापक संसाधनों और ठोस रणनीति की जरूरत होती है।
अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं
इस बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। पेंटागन ने संभावित जमीनी कार्रवाई के विकल्पों पर काम किया है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। अमेरिका ने क्षेत्र में अपने एयरक्राफ्ट कैरियर, युद्धपोत और फाइटर जेट्स की संख्या बढ़ाकर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है।
फिलहाल डोनाल्ड ट्रंप या अमेरिकी प्रशासन की ओर से ईरान में बड़े स्तर पर जमीनी युद्ध शुरू करने या सैनिक उतारने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।