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Iran Drone Attack : ईरान के ड्रोन हमलों से अमेरिका चिंतित, सेना बोली- हर ड्रोन को रोक पाना संभव नहीं

Iran Drone Attack

Iran Drone Attack : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी सेना ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी है। सैन्य अधिकारियों का कहना है कि ईरान की ओर से बड़ी संख्या में छोड़े जा रहे ड्रोन को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है। हालांकि अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ज्यादातर ड्रोन को मार गिरा रहा है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर हो रहे हमलों के कारण कुछ ड्रोन बच निकलने की आशंका बनी रहती है।

ब्रिटिश अखबार द गार्जियन (The Guardian) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी डैन केन (Dan Kane)ने अमेरिकी सांसदों को बंद कमरे में दी गई एक गोपनीय ब्रीफिंग में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि ईरान बड़ी संख्या में एकतरफा हमले करने वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है, जो अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक संपत्तियों को निशाना बना रहे हैं।

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हजारों ड्रोन से हमला कर रहा ईरान

अधिकारियों ने ब्रीफिंग के दौरान कहा कि ईरान हजारों की संख्या में हमलावर ड्रोन तैनात कर रहा है। अमेरिकी सेना उनमें से अधिकतर को मार गिरा रही है, लेकिन हर एक ड्रोन को रोक पाना तकनीकी रूप से संभव नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह रणनीति अमेरिका को आर्थिक रूप से दबाव में लाने के लिए भी है। दरअसल, ड्रोन अपेक्षाकृत सस्ते होते हैं, जबकि उन्हें मार गिराने के लिए इस्तेमाल होने वाली मिसाइलें काफी महंगी होती हैं।

महंगे अमेरिकी सिस्टम बनाम सस्ते ड्रोन

अमेरिका जिन रक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल कर रहा है, उनमें पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम जैसे अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। इन सिस्टम की मिसाइलें बेहद महंगी होती हैं, जबकि ईरान के ड्रोन अपेक्षाकृत कम लागत में तैयार हो जाते हैं।

खास तौर पर ईरान के आत्मघाती ड्रोन शहीद ड्रोन इस रणनीति का अहम हिस्सा माने जा रहे हैं। ये ड्रोन धीमी गति से और जमीन के काफी करीब उड़ते हैं, जिससे पारंपरिक एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इन्हें पहचानना और रोकना कठिन हो जाता है।

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अब लॉन्च साइट पर हमला करने की रणनीति

इस चुनौती को देखते हुए अमेरिकी सेना ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अधिकारियों के मुताबिक अब केवल ड्रोन को हवा में मार गिराने पर निर्भर रहने के बजाय उन ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है जहां से ड्रोन और मिसाइल लॉन्च किए जा रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि यदि लॉन्च साइट को जल्दी नष्ट कर दिया जाए तो हमलों की संख्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

युद्ध में तेजी से बढ़ रहा खर्च

इस संघर्ष का आर्थिक असर भी अमेरिका पर साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग के शुरुआती आकलन के अनुसार युद्ध के शुरुआती दिनों में अमेरिका को प्रतिदिन करीब 2 अरब डॉलर तक खर्च करना पड़ा। हालांकि अब यह खर्च घटकर लगभग 1 अरब डॉलर प्रतिदिन के आसपास आ गया है।

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इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया है कि अमेरिका के पास युद्ध जारी रखने के लिए पर्याप्त हथियार मौजूद हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि मध्यम और ऊपरी स्तर के हथियारों का भंडार लगभग असीमित है, हालांकि अत्याधुनिक हथियारों का स्टॉक उतना अधिक नहीं है जितना होना चाहिए।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने भी भरोसा दिलाया है कि अमेरिका के पास लंबे समय तक युद्ध लड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन और हथियार मौजूद हैं। उनके मुताबिक अमेरिकी हथियारों के भंडार दुनिया के कई ऐसे स्थानों पर सुरक्षित रखे गए हैं जिनकी जानकारी बहुत कम लोगों को है।

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