Indian Sailor Case: वेनेजुएला में मौत के बाद भारत लाए गए 33 वर्षीय भारतीय नाविक राकेश चौहान के शव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परिवार का दावा है कि शव से दिल, दिमाग, फेफड़े, लिवर, किडनी समेत कई अंग गायब मिले हैं। वहीं सीफेरर्स यूनियन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
भारत पहुंचते ही उठे कई सवाल
उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी राकेश चौहान का शव जब भारत पहुंचा तो परिवार ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुए पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। परिवार का आरोप है कि शव से कई महत्वपूर्ण अंग गायब थे, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
यूनियन का दावा- कई अंग नहीं मिले
फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) का दावा है कि पोस्टमार्टम के दौरान शव में दिमाग, दिल, दोनों फेफड़े, लिवर, किडनी, तिल्ली, अग्नाशय, पेट, आंतें और अन्य महत्वपूर्ण अंग मौजूद नहीं थे। संगठन के अनुसार शव पर पहले से पोस्टमार्टम के निशान भी मिले, लेकिन वेनेजुएला की ओर से न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी गई और न ही मौत की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
कंपनी ने दी थी अलग-अलग जानकारी
राकेश चौहान नवंबर 2025 में एक मालवाहक जहाज पर काम करने वेनेजुएला गए थे। परिवार के मुताबिक पहले कंपनी ने बताया कि जहाज पर गिरने से वह घायल हुए हैं। बाद में उनकी हालत गंभीर होने की सूचना दी गई और उसी दिन शाम को मौत की खबर दे दी गई। परिजनों का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई।
दूसरे पोस्टमार्टम के बाद बढ़ा विवाद
देवरिया में शुरुआती तौर पर डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि शव पर पहले से पोस्टमार्टम के निशान थे। बाद में प्रशासन के निर्देश पर दोबारा पोस्टमार्टम किया गया, लेकिन मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। बताया गया कि शव करीब एक महीने तक डीप फ्रीज में रखा गया था।
परिवार और यूनियन ने की जांच की मांग
राकेश के परिजनों ने केंद्र सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित कंपनी की भूमिका की जांच की मांग की है। वहीं एफएसयूआई ने भारतीय दूतावास से हस्तक्षेप कर परिवार को न्याय दिलाने और पूरे मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की अपील की है।