India LPG Crisis : नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने भारतीय झंडे वाले दो LPG टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार ये टैंकर जल्द ही इस जलडमरूमध्य के रास्ते भारत की ओर रवाना होंगे। इससे देश में पिछले कुछ दिनों से घरेलू गैस आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भारत को गैस आपूर्ति में मिलेगी राहत
‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने दो भारतीय LPG कैरियर्स को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की मंजूरी दी है। यह कदम भारत में खाना पकाने वाली गैस की सप्लाई को स्थिर करने में अहम साबित हो सकता है।
बताया जा रहा है कि अनुमति मिलने के बाद ‘शिवालिक’ नाम का एक भारतीय टैंकर वहां से निकल भी चुका है। इसके अलावा एक कच्चे तेल का टैंकर भी करीब 1 मार्च के आसपास होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है, जो सऊदी अरब का तेल लेकर भारत आ रहा है। इस टैंकर के 14 मार्च तक भारत पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
ईरानी राजदूत ने पहले ही दिए थे संकेत
इससे पहले नई दिल्ली में ईरान के राजदूत मोहम्मद फत्तेहली (Mohammad Fattahali) ने कहा था कि ईरान भारत के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित रास्ता देगा। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से दोस्ताना रिश्ते और आपसी भरोसा बना हुआ है।
राजदूत ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय परिस्थितियों के बावजूद ईरान भारत के साथ ऊर्जा और व्यापारिक हितों को सुरक्षित रखना चाहता है।
भारत और ईरान के बीच लगातार बातचीत
हाल के दिनों में इस मुद्दे को लेकर भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक स्तर पर लगातार बातचीत हुई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) से फोन पर चर्चा की थी।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बताया था कि बातचीत में क्षेत्र की स्थिति के साथ-साथ भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा से जुड़े सामान के निर्बाध परिवहन को लेकर भारत की प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई।
इसके अलावा 12 मार्च 2026 को विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने भी ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) से बातचीत की थी। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और BRICS से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
कुल मिलाकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय टैंकरों को अनुमति मिलना भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि इससे देश की ऊर्जा आपूर्ति और घरेलू गैस वितरण व्यवस्था को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।