India LPG Crisis : नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में इन दिनों LPG गैस संकट (LPG Crisis) गहराता जा रहा है। गैस सिलेंडर की कमी के कारण आम लोगों के साथ-साथ होटल और छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं।
स्थिति यह है कि कई जगहों पर लोग अब लकड़ी, कोयला और अन्य विकल्पों का सहारा लेने लगे हैं। कई राज्यों में प्रशासन ने गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए गोदामों पर छापेमारी भी शुरू कर दी है।
बिहार में बढ़ी लकड़ी और कोयले की मांग
बिहार (Bihar) में LPG सिलेंडर की कमी का असर साफ दिखाई दे रहा है। यहां कई परिवार खाना बनाने के लिए फिर से लकड़ी और कोयले (Coal & Firewood) का इस्तेमाल करने लगे हैं। स्थानीय बाजारों में कोयले और लकड़ी की मांग अचानक बढ़ गई है। दुकानदारों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में इनकी बिक्री कई गुना बढ़ी है।
राजस्थान में होटल लकड़ी पर बना रहे खाना
गैस की किल्लत का असर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर भी पड़ रहा है। राजस्थान (Rajasthan) के कई शहरों में होटल और ढाबे अब लकड़ी के चूल्हों पर खाना बना रहे हैं। होटल संचालकों का कहना है कि गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे, इसलिए मजबूरी में पारंपरिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है।
MP और UP में गैस गोदामों पर छापेमारी
गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए प्रशासन ने कई जगहों पर कार्रवाई तेज कर दी है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कई गैस एजेंसियों और गोदामों पर छापे मारे गए हैं। अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर जब्त किए हैं।
इस संकट का फायदा उठाकर जमाखोरों ने सिलेंडरों की कालाबाजारी शुरू कर दी है। कई इलाकों में घरेलू सिलेंडर ₹4,000 तक में बेचे जा रहे हैं। जॉइंट सेक्रेटरी ने बताया कि एलपीजी का प्रोडक्शन 40% बढ़ाया गया है, फिर भी एजेंसियों के बाहर कतारें कम नहीं हो रही हैं।
LPG गैस के विकल्प के लिए इंडक्शन
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत के बीच खाना पकाने के लिए बिजली से चलने वाले इंडक्शन हीटर की मांग अचानक कई गुना बढ़ी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि जो दुकानदार पहले हफ्ते में मुश्किल से एक-दो इंडक्शन बेच पाते थे, अब उनके यहां रोजाना 8 से 15 तक इंडक्शन बिक रहे हैं।
दक्षिण भारत में भी कार्रवाई
सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं, दक्षिण भारत में भी गैस की आपूर्ति को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है। कर्नाटक और तमिलनाडु में प्रशासन ने कई गोदामों और एजेंसियों की जांच की है। यहां भी अवैध स्टॉक और कालाबाजारी की शिकायतों के बाद कार्रवाई की जा रही है।
आम लोगों और कारोबार पर असर
LPG संकट का सबसे ज्यादा असर आम परिवारों और छोटे कारोबारों पर पड़ रहा है। कई जगहों पर सिलेंडर मिलने में कई-कई दिन लग रहे हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है।