Gold Silver Price Today : नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध का असर अब दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और कमोडिटी बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे हमलों और बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है, जबकि शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली है।
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सोना-चांदी में जोरदार तेजी
मल्टी कमोडिटी मार्केट में 10 ग्राम सोने का भाव 4,641 रुपये बढ़कर 1,66,745 रुपये पर पहुंच गया, जो करीब 2.86 फीसदी की तेजी को दिखाता है। वहीं चांदी की कीमत में भी 8,000 रुपये यानी 2.67 फीसदी की बढ़त हुई और यह 2.91 लाख रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है।
राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,73,240 रुपये प्रति 10 ग्राम और मुंबई में 1,73,090 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। सिर्फ एक हफ्ते में ही 24 कैरेट सोने की कीमत 9,430 रुपये बढ़ चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उछाल
वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी देखी गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5,390 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी का भाव 93.76 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।
कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर तक जाने के आसार
जंग के कारण तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 10 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई। विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लाई बाधित होने पर ब्रेंट क्रूड 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर पड़ सकता है।
शेयर बाजार में मचा कोहराम
- इस भू-राजनीतिक तनाव का असर शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला।
- सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 करीब 300 अंक गिरकर कारोबार कर रहा है।
- एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।
- निक्केई 225 874 अंक नीचे खुला, शंघाई कंपोजिट में गिरावट रही और हैंग सेंग शुरुआती कारोबार में 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया।
युद्ध थमने के आसार नहीं
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भी संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है। लगातार हो रहे मिसाइल हमलों से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो इसका असर लंबे समय तक वैश्विक बाजार, महंगाई और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।