Goat Market Controversy : उत्तर प्रदेश। वाराणसी के चेतगंज इलाके में काशी विश्वनाथ मंदिर के पास स्थित पुराने बकरी बाजार को लेकर उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने यहां अवैध रूप से जानवर काटे जाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
यह विरोध रमज़ान से ठीक एक दिन पहले हुआ, जब आमतौर पर बकरी बाजारों में ज्यादा भीड़ रहती है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नगर निगम के नियमों का उल्लंघन करते हुए मंदिर परिसर के दो किलोमीटर के दायरे में अवैध कटान किया जा रहा है, जबकि इस क्षेत्र में मीट बिक्री और जानवरों की हत्या प्रतिबंधित है।
Weather Update : दिल्ली में कैसा रहेगा आज का मौसम? MP सहित इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई
काशी विद्यापीठ से जुड़े ABVP नेता शिवम तिवारी की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। हालांकि जांच के बाद पुलिस को मौके पर न तो कोई स्लॉटरहाउस मिला और न ही मीट की बिक्री के प्रमाण मिले। अधिकारियों ने साफ किया कि वहां सिर्फ जिंदा बकरियों की खरीद-बिक्री होती है और बाजार को नगर निगम की अनुमति प्राप्त है।
अधिकारियों का बयान, भ्रम की वजह सामने आई
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस गौरव बंसवाल ने बताया कि निरीक्षण में कहीं भी जानवरों को काटने की गतिविधि नहीं पाई गई। चेतगंज थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला के अनुसार कुछ दिन पहले बाजार में एक बकरे की मौत हो गई थी, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस ने पुष्टि की कि जानवर को काटा नहीं गया था।
Stock Market Today : तेज गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 1236 और निफ्टी भी 365 अंक गिरा
स्थानीय लोगों ने लगाए डराने-धमकाने के आरोप
करीब सौ साल पुराने इस बाजार के आयोजक मोहम्मद नदीम ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने आक्रामक व्यवहार किया, घरों के दरवाजे खटखटाए और धार्मिक नारे लगाए, जिससे व्यापारियों और स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया।
उनका कहना है कि यह बाजार लंबे समय से कानूनी रूप से चल रहा है, फिर भी निवासियों से यहां रहने का प्रमाण मांगा गया। कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
शाहजहांपुर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
वहीं दूसरी ओर शाहजहांपुर जिले में प्रशासन ने करीब 300 बीघा जंगल की जमीन से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी के मुताबिक इस जमीन पर कई वर्षों से खेती की जा रही थी। अभियान के दौरान अतिक्रमण हटाकर खड़ी फसलों को भी जोत दिया गया।