हाइलाइट्स
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भोपाल में महाशिवरात्रि पर किन्नरों की सनातन धर्म में घर वापसी का आयोजन।
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मंत्रोच्चार और वैदिक विधि से संपन्न हुआ धार्मिक अनुष्ठान।
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प्रदेश सहित कई राज्यों से किन्नर समुदाय के सदस्य हुए शामिल।
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किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास और हिमानी सखी रहीं मौजूद।
Bhopal Kinnar Ghar Wapsi : भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में महाशिवरात्रि के अवसर पर किन्नर समुदाय के एक बड़े वर्ग की ‘घर वापसी’ का आयोजन किया गया। आयोजन में दावा किया गया कि प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए किन्नरों ने मंत्रोच्चार और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ सनातन धर्म में पुनः प्रवेश किया।
कार्यक्रम लालघाटी स्थित वुड गार्डन में आयोजित हुआ, जहां पर सुबह से ही बड़ी संख्या में समुदाय के लोग और संत-महात्मा मौजूद रहे।
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मंत्रोच्चार के साथ की गई घर वापसी
आयोजन के समय वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच किन्नरों की घर वापसी कराई गई। कार्यक्रम का नेतृत्व किन्नर समाज की प्रतिनिधि काजल ठाकुर द्वारा किया गया। बताया गया कि यह आयोजन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप को समर्पित है।
किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ने कराई वापसी
कार्यक्रम में किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास की उपस्थिति रही। उन्होंने विधिवत अनुष्ठान संपन्न कराते हुए सनातन धर्म में घर वापसी की प्रक्रिया पूरी कराई।
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प्रदेश भर से पहुंचे किन्नर
आयोजकों के अनुसार, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी किन्नर समुदाय के सदस्य कार्यक्रम में शामिल हुए। बड़ी संख्या में संत, महामंडलेश्वर और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
हिमानी सखी महामंडलेश्वर रहीं मौजूद
कार्यक्रम में किन्नर अखाड़ा से जुड़ीं हिमानी सखी महामंडलेश्वर के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने इसे आस्था और परंपरा से जुड़ा निर्णय बताया।
पृष्ठभूमि में विवाद
गौरतलब है कि हाल के दिनों में किन्नर समुदाय के भीतर धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद सामने आया था। कुछ सदस्यों ने जबरन दबाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जबकि दूसरी ओर से इन आरोपों को निराधार बताया गया। इसी घटनाक्रम के बीच यह घर वापसी कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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आयोजकों का कहना है कि यह केवल धार्मिक आस्था का विषय है और आगे भी ऐसे आयोजन जारी रह सकते हैं। वहीं, इस पूरे मामले पर दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार है।