HIGHLIGHTS:
- 60 फीट ऊंचा कचरे का पहाड़
- 15 गांवों पर स्वास्थ्य संकट
- हैंडपंप से निकल रहा काला पानी
- 18 महीनों में 12 बार आग
- रोजाना 800-900 टन कचरा बढ़ोतरी

Bhopal Garbage Dump Pollution : मध्यप्रदेश। भोपाल को देश की सबसे स्वच्छ राजधानी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर के किनारे स्थित आदमपुर खंती एक भयावह सच्चाई उजागर कर रही है। बता दें कि यहां कचरे का ढेर अब 60 फीट ऊंचे पहाड़ में बदल चुका है, जो आसपास के 12 से 15 गांवों के लिए अब गंभीर खतरा बन गया है।
जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर ग्रामीण
गर्मियों में कचरे में लगने वाली आग से उठता जहरीला धुआं पूरे इलाके की हवा को प्रदूषित कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे हर दिन जहरीली गैसों के बीच जीने को मजबूर हैं, जिससे सांस और आंखों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
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पानी बना जहर, बढ़ रहीं बीमारियां
खंती से निकलने वाला लीचेट जमीन के अंदर पहुंचकर भूजल को भी दूषित कर रहा है। साथ ही हैंडपंपों से निकलता काला और बदबूदार पानी अब उपयोग के लायक नहीं रहा। त्वचा रोग और अन्य बीमारियां यहां आम हो चुकी हैं।
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प्रशासन के दावे बनाम जमीनी हकीकत
प्रशासन का कहना है कि कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन किया जा रहा है और आग मीथेन गैस के कारण लगती है। लेकिन पिछले 18 महीनों में 12 बार आग लगना इन दावों पर सवाल खड़े करता है।
बढ़ता कचरा, घटती उम्मीद
सूचना की माने तो करीब 50 एकड़ में फैली इस साइट पर रोजाना 800-900 टन कचरा डाला जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित कवरिंग और पानी का छिड़काव जरूरी है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा।