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Bhopal Chief Justice Conference : भोपाल में चीफ जस्टिस कॉन्फ्रेंस का समापन, AI से लंबित केस खत्म?, CJI के बड़े संकेत

CJI Surya Kant in Bhopal

हाइलाइट्स

  • चीफ जस्टिस कॉन्फ्रेंस में न्यायपालिका में एआई के इस्तेमाल पर गहन चर्चा ।
  • CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि फैसले पूरी तरह न्यायाधीश ही करेंगे, एआई नहीं।
  • सुप्रीम कोर्ट ने एआई उपयोग के लिए विशेष समिति बनाई।

Bhopal Chief Justice Conference : मध्य प्रदेश। भोपाल में आयोजित दो दिवसीय चीफ जस्टिस कॉन्फ्रेंस के दौरान न्यायपालिका से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस सम्मेलन में देशभर से आए शीर्ष न्यायाधीशों के साथ उनके परिजनों ने भी भोपाल और आसपास के पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया।

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भोपाल पहुंचे देश के शीर्ष न्यायाधीश

दो दिनी चीफ जस्टिस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत और देश के 25 राज्यों के हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भोपाल पहुंचे। यह सम्मेलन भोपाल स्थित राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी (एनजेए) में आयोजित किया गया।

दिल्ली के बाद भोपाल बना दूसरा खास शहर

इस कॉन्फ्रेंस की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि दिल्ली के बाद भोपाल इकलौता शहर बना, जहां सीजेआई समेत सुप्रीम कोर्ट के 9 न्यायाधीश और देश के सभी 25 हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एक साथ मौजूद रहे। इसे भारतीय न्यायपालिका के लिए ऐतिहासिक आयोजन माना जा रहा है।

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पहले दिन तकनीक और एआई पर रहा फोकस

कॉन्फ्रेंस के पहले दिन न्यायपालिका में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। न्यायाधीशों ने कहा कि एआई से मामलों की पेंडेंसी कम करने और प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिल सकती है।

फैसलों में एआई की भूमिका से इनकार

जस्टिस सूर्यकांत समेत अन्य न्यायाधीशों ने साफ कहा कि एआई का उपयोग सिर्फ प्रशासनिक और प्रक्रिया संबंधी कामों तक सीमित रहना चाहिए। न्यायिक फैसले पूरी तरह से न्यायाधीशों के विवेक और समझ पर ही आधारित होने चाहिए।

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सुप्रीम कोर्ट में बनी एआई कमेटी

न्यायपालिका में एआई के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही एक समिति का गठन किया है। दिसंबर 2025 में पुनर्गठित इस समिति के अध्यक्ष जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा हैं, जो एआई के लिए रोडमैप तैयार करेगी।

कॉन्फ्रेंस की थीम रही जन-केंद्रित न्यायपालिका

भोपाल कॉन्फ्रेंस की थीम “एकीकृत, कुशल और जन-केंद्रित न्यायपालिका” रखी गई। इस दौरान डिजिटल नवाचार के जरिए भाषाई और भौगोलिक बाधाएं दूर करने पर मंथन हुआ।

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कई वरिष्ठ न्यायाधीशों ने रखे विचार

कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के कई वरिष्ठ न्यायाधीशों ने अलग-अलग विषयों पर अपने विचार साझा किए। इनमें जस्टिस जेके महेश्वरी, जस्टिस बीबी नागरत्ना, जस्टिस दीपांकर दत्ता और अन्य न्यायाधीश शामिल रहे।

डिजिटल तकनीक से बढ़ेगी काम की रफ्तार

सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में त्वरित न्याय के लिए डिजिटल डिवाइस और आईसीटी बेहद जरूरी हैं। उन्होंने न्यायपालिका के प्रदर्शन के नियमित मूल्यांकन और नीतियों में सुधार पर भी जोर दिया।

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कॉन्फ्रेंस के दौरान न्यायाधीशों के परिजनों ने भोपाल और आसपास के पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। इससे मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और पर्यटन छवि को भी खास पहचान मिली।

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