Bhojshala Dispute Hearing : मध्य प्रदेश। धार स्थित भोजशाला को लेकर चल रहे बहुचर्चित मामले में आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि एएसआई की रिपोर्ट को आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड का हिस्सा माना जाएगा और आगे की सुनवाई इसी के आधार पर आगे बढ़ेगी।
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रिपोर्ट पहले ही मिल चुकी थी पक्षकारों को
सुनवाई के दौरान कोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि एएसआई की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट पहले ही सभी पक्षकारों को उपलब्ध कराई जा चुकी थी, लेकिन अब तक किसी भी पक्ष की ओर से इस पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई।
यह रिपोर्ट एएसआई द्वारा 15 जुलाई 2024 को अदालत में पेश की गई थी। आज की सुनवाई में इसे औपचारिक रूप से कोर्ट के रिकॉर्ड में शामिल कर लिया गया।
दो सप्ताह में दावे और आपत्तियां दाखिल करने का निर्देश
अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे दो सप्ताह के भीतर अपने-अपने दावे, आपत्तियां और सुझाव लिखित रूप में प्रस्तुत करें। कोर्ट ने साफ कहा कि तय समय सीमा में जवाब दाखिल किए जाएं, ताकि अगली सुनवाई में बिंदुवार चर्चा की जा सके और मामले को आगे बढ़ाया जा सके।
हिंदू पक्ष का बड़ा दावा
सुनवाई के दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से बड़ा दावा किया गया। संगठन का कहना है कि 2089 पन्नों की एएसआई सर्वे रिपोर्ट में ऐसे साक्ष्य दर्ज हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि करीब एक हजार साल पहले तक भोजशाला परिसर में मां सरस्वती का मंदिर मौजूद था। इस दावे के सामने आने के बाद मामले की संवेदनशीलता और भी बढ़ गई है।
रिपोर्ट पहले ही ओपन हो चुकी थी
कोर्ट में यह भी बताया गया कि एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पहले ही ओपन की जा चुकी है और सभी पक्षों को उसकी कॉपी मिल चुकी है। अब अदालत ने इसे रिकॉर्ड पर लेकर आगे की प्रक्रिया तय कर दी है, जिससे माना जा रहा है कि मामला अब निर्णायक चरण की ओर बढ़ सकता है।
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अगली सुनवाई की तारीख तय
मामले में अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि तब तक सभी पक्ष अपने लिखित जवाब दाखिल कर देंगे और उसके बाद अदालत में विस्तृत बहस होगी। यह सुनवाई भोजशाला विवाद में एक अहम पड़ाव मानी जा रही है।