हाइलाइट्स
- जीरो कमीशन मॉडल ड्राइवर पूरी कमाई रखेंगे।
- ड्राइवर खुद प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार और मालिक।
- ग्राहकों को किफायती और स्थिर किराया।
Bharat Taxi : नई दिल्ली। देश की पहली सहकारी आधारित कैब टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ को आज आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के विज्ञान भवन में इस सेवा की शुरुआत की। सरकार का दावा है कि यह प्लेटफॉर्म ओला-उबर जैसे निजी एग्रीगेटर्स को सीधी चुनौती देगा और टैक्सी ड्राइवरों को शोषण से आज़ादी दिलाएगा।
‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न से प्रेरित भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा। ड्राइवर (जिन्हें ‘सारथी’ कहा जाएगा) खुद इस प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार और मालिक होंगे।
ड्राइवर-सेंट्रिक मॉडल, जीरो कमीशन
जहां निजी कंपनियां ड्राइवरों की कमाई से 20 से 30 प्रतिशत तक कमीशन काटती हैं, वहीं भारत टैक्सी जीरो-कमीशन मॉडल पर काम करेगी। यानी हर राइड की कमाई सीधे ड्राइवर के खाते में जाएगी। सिर्फ मामूली दैनिक, साप्ताहिक या मासिक शुल्क देना होगा।
ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि इसमें सर्ज प्राइसिंग नहीं होगी। पीक टाइम में भी किराया अचानक नहीं बढ़ेगा, जिससे यात्रियों को किफायती राइड मिलेगी।
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बीमा, रिटायरमेंट और सपोर्ट सिस्टम
लॉन्च के मौके पर अमित शाह ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले 6 सारथियों को सम्मानित किया और उन्हें शेयर सर्टिफिकेट सौंपे। इन ड्राइवरों को 5 लाख का एक्सिडेंटल इंश्योरेंस और 5 लाख का फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस दिया गया।
इसके अलावा सभी ड्राइवरों को रिटायरमेंट सेविंग्स, ड्राइवर सपोर्ट सिस्टम और इमरजेंसी असिस्टेंस जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। दिल्ली में इसके लिए 7 प्रमुख स्थानों पर सपोर्ट सेंटर शुरू किए गए हैं।
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महिला सशक्तिकरण पर खास फोकस
भारत टैक्सी में महिलाओं के लिए ‘सारथी दीदी’ (Saarthi Didi Scheme) पहल चलाई जा रही है।
- पहले चरण में 100 महिला ड्राइवर जुड़ेंगी
- 2030 तक लक्ष्य 15,000 महिला सारथियों का
- महिलाओं को मुफ्त ट्रेनिंग, विशेष बीमा और फीमेल राइडर चुनने का विकल्प
कौन चलाएगा भारत टैक्सी?
यह सेवा सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित की जाएगी, जिसकी स्थापना जून में 300 करोड़ रुपए की पूंजी के साथ हुई थी। इसके बोर्ड में अमूल के MD जयेन मेहता (चेयरमैन), NCDC के रोहित गुप्ता (वाइस चेयरमैन) सहित देश की विभिन्न सहकारी संस्थाओं से जुड़े सदस्य शामिल हैं।
कितनी तेजी से फैलेगी सेवा?
सरकार के अनुसार, भारत टैक्सी का लक्ष्य अगले दो वर्षों में देश के सभी राज्यों और प्रमुख शहरों तक अपनी सेवाओं का विस्तार करना है। योजना के तहत वर्ष 2027-28 तक 20 शहरों में करीब 50 हजार ड्राइवरों को प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
वहीं, 2030 तक यह सेवा जिला मुख्यालयों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचेगी, जहां एक लाख ड्राइवरों के साथ संचालन किया जाएगा। इसके साथ ही भारत टैक्सी को FASTag और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से भी इंटीग्रेट किया जाएगा, जिससे सेवाएं और अधिक सुगम बन सकें।
अब तक की स्थिति
अब तक की स्थिति की बात करें तो, भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म से 4 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं, जबकि 10 लाख से ज्यादा यूजर्स अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सरकार के मुताबिक, अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि सीधे ड्राइवरों को भुगतान के रूप में दी जा चुकी है।
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गृहमंत्री अमित शाह का बयान
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने कहा कि, कहा, भारत टैक्सी इस बात का उदाहरण है कि सहकारिता के ज़रिए आम लोग मिलकर बड़ी शुरुआत कैसे कर सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म से टैक्सी चालक न सिर्फ सम्मान के साथ कमाएंगे, बल्कि इसके मालिक भी होंगे।”