Bengal SIR SC Hearing : नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) को लेकर सुप्रिम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। ममता बनर्जी ने खुद अपनी बात अदालत में रखी। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई 8 फरवरी सोमवार को तय की है। इसके साथ ही चुनाव आयोग को मामले की सख्ती से जांच के निर्देश दिए हैं। आज मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद ममता बनर्जी ने न्याय प्रक्रिया पर चिंता जताई है। जानिये सुनवाई के दौरान क्या कुछ हुआ कोर्ट रूम में….
सीएम ममता ने क्या कहा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों के अधिकारों की सुरक्षा की अपील करते हुए कहा, ‘कृपया जनता के अधिकारों की रक्षा करें। ’पश्चिम बंगाल से जुड़े इस मामले में सुनवाई फिलहाल समाप्त हो गई है और अब अगली सुनवाई सोमवार को होगी। इस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री ने कोर्ट में पेश होकर अपनी दलीलें रखीं। मुकदमों में आमतौर पर मुख्यमंत्रियों के वकील या सलाहकार ही पेश होते हैं।
क्या बोले CJI सूर्यकांत
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि आधार कार्ड की वैधता से जुड़े मुद्दे पर अदालत पहले ही फैसला सुरक्षित रख चुकी है। इसलिए इस पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।
उन्होंने यह भी कहा कि आधार कार्ड की अपनी सीमाएं हैं और विसंगतियों के मुद्दे को सुलझाने के लिए अधिकारियों की एक टीम नियुक्त कर सत्यापन कराया जा सकता है, जिसके लिए एक दिन का समय दिया जा सकता है।
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इस दौरान सीएम ममता ने आरोप लगाया कि अब ईआरओ की कोई भूमिका नहीं रह गई है और बीजेपी शासित राज्यों से माइक्रो ऑब्जर्वर नाम हटाने के लिए लगाए गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि पहले चरण में 58 लाख नाम हटाए गए और बड़ी संख्या में लोगों को मृत घोषित कर दिया गया, साथ ही चुनाव आयोग को ‘व्हाट्सएप आयोग’तक कह दिया।
क्लास-2 अधिकारियों की मांगी थी, 80 अधिकारी उपलब्ध
चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि आयोग ने राज्य सरकार से क्लास-2 अधिकारियों की उपलब्धता मांगी थी, जिसके जवाब में राज्य सरकार ने 80 अधिकारी उपलब्ध कराए हैं।
क्या है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) ?
- SIR मतदाता सूची को सुधारने की प्रक्रिया है।
- चुनाव आयोग कराता है वेरिफिकेशन।
- BLO लोगों के घर से जानकारी करते है इकठ्ठा।
- वोटर आईडी में गलतियों को सुधारा जाता है।
- शिफ्ट हो चुके लोगों का पता होता है अपडेट।
- मृत, फर्जी या डुप्लीकेट नाम लिस्ट से हटाए जाते हैं।
क्या है पूरा मामला
चार राज्य बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव होने है। SIR तीन राज्यों में हो रहा है, लेकिन भाजपा-शासित असम में नहीं। इसे लेकर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने का आरोप है कि चुनाव आयोग तृणमूल विधायकों वाली विधानसभा सीटों से वोटरों के नाम हटाने के लिए सेलेक्टिव तरीके से SIR का इस्तेमाल कर रहा है।
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सीएम ममता बनर्जी ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन चुनाव आयोग की इस एक्ससाइज पर सवाल उठाए। ममता बनर्जी का आरोप है कि आयोग ने SIR प्रक्रिया में पक्षपातपूर्ण तरीके से 58 लाख मतदाताओं के नाम हटाए हैं। 2 फरवरी को ममता ने काली शॉल ओढ़कर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलीं, उनके साथ SIR प्रभावित 13 परिवार और TMC के नेता भी थे।