Bengal SIR SC Hearing : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले में आज महत्वपूर्ण सुनवाई की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट को पश्चिम बंगाल के दो साथी जजों से जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि पास सर्टिफिकेट कैसे जारी होते हैं। इसी जानकारी के आधार पर इस मुद्दे को कोर्ट ने शामिल किया।
सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान ने कोर्ट को बताया कि स्थिति बहुत गंभीर है। सिर्फ चार दिन बचे हैं। 32 लाख वोटर अभी अनमैप्ड हैं। 1.36 करोड़ नाम लॉजिकल गड़बड़ी की लिस्ट में हैं। 63 लाख मामलों में सुनवाई बाकी है।
दीवान ने कहा कि 8,300 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। ये संविधान के तहत नहीं आते। आधार, OBC, डोमिसाइल जैसे मान्य दस्तावेज भी रिजेक्ट हो रहे हैं। लोगों को 4-5 घंटे तक कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
दीवान ने कोर्ट से याचिकाकर्ता का संक्षिप्त नोट देखने का आग्रह किया। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि सिर्फ नाम मैच न करने वाले नोटिस वापस लिए जाएं।
चुनाव आयोग की ओर से सीनियर एडवोकेट द्विवेदी ने कहा कि सभी नोटिस में कारण बताए गए हैं। लोगों को अधिकृत एजेंट रखने की अनुमति थी।
इस सुनवाई में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोर्ट में मौजूद रहीं। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।