Bengal Election BJP Manifesto : कोलकाता। भाजपा ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। पार्टी ने इसे ‘भरोसे का पत्र’ नाम दिया है। इसमें महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपये देने, बेरोजगार युवाओं को 3 हजार रुपये मासिक सहायता देने, पहले 6 महीने में UCC लागू करने और सरकारी कर्मचारियों को 45 दिन में सातवां वेतनमान देने की घोषणा की गई है। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोटिंग होगी और 4 मई को नतीजे आएंगे।
क्या बोले गृहमंत्री अमित शाह
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में यह घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि बंगाल की जनता के लिए पिछले 15 साल बुरे सपने जैसे रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर घुसपैठियों के जरिए तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का आरोप लगाया।
- शाह ने कहा कि बीजेपी घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, रोजगार, किसानों और उद्योगों के लिए नई योजना लाई जाएगी।
- शाह ने महिलाओं के लिए कई वादे किए। उन्होंने कहा कि पुलिस बल समेत राज्य की सभी नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपये और 6 पोषण किट दी जाएंगी।
- राज्य की बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा मिलेगी। उन्होंने हर मंडल में महिला थाना और महिला डेस्क बनाने की बात भी कही। शाह ने कहा कि बंगाल में ऐसा माहौल बनाया जाएगा, जिसमें किसी महिला को रात में बाहर निकलने को लेकर डर न हो।
किसानों को लेकर किए ये वादे
- घोषणा पत्र में युवाओं और किसानों को लेकर भी कई वादे किए गए। शाह ने कहा कि पारदर्शिता के साथ युवाओं को नौकरी दी जाएगी और सभी सरकारी पदों को परमानेंट करने की दिशा में काम होगा। उन्होंने कहा कि 75 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
- किसानों के लिए धान, आलू और आम की खेती में उचित मूल्य सुनिश्चित करने की बात कही गई है। धान की खरीद 3100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से करने का भी वादा किया गया है।
6 महीने के भीतर कॉमन सिविल कोड लागू
- बीजेपी ने यह भी कहा कि 6 महीने के भीतर कॉमन सिविल कोड लागू किया जाएगा। पार्टी ने दावा किया कि सरकारी जमीन से कब्जे 200 दिन में हटाए जाएंगे, घुसपैठ पर रोक लगेगी, सिंडिकेट खत्म किया जाएगा।
- उद्योग लगाने वालों को पहले 100 दिन में मदद दी जाएगी। कोलकाता के विकास, हल्दिया पोर्ट, 4 नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप और MSME के लिए भी योजनाएं लाई जाएंगी।
सांप पर भरोसा किया जा सकता है,लेकिन बीजेपी पर नहीं
इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में रैली की। उन्होंने कहा कि सांप पर भी भरोसा किया जा सकता है, लेकिन बीजेपी पर नहीं।
ममता ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी असम चुनाव में बाहर से लोगों को लेकर आई थी, क्योंकि उसे राज्य के लोगों के वोटों पर भरोसा नहीं था।
AIMIM ने तोड़ लिया गठबंधन
इस चुनावी माहौल के बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) से गठबंधन तोड़ लिया है। दोनों दलों ने 25 मार्च को साथ चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, लेकिन अब AIMIM अकेले चुनाव लड़ेगी।
पार्टी ने अपने X हैंडल पर लिखा कि हुमायूं कबीर के हालिया खुलासों के बाद वह ऐसे किसी बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिसमें मुसलमानों की निष्ठा या ईमानदारी पर सवाल उठाए गए हों।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी के घोषणा पत्र, ममता बनर्जी के हमलों और AIMIM के अलग होने से राजनीतिक मुकाबला और तेज हो गया है। अब सभी की नजरें वोटिंग और फिर 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।
भाजपा का घोषणा पत्र के बड़े ऐलान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। पार्टी ने इसमें 10 प्रमुख वादे किए हैं, जिनमें बेरोजगार युवाओं को ₹3000 मासिक सहायता देने का बड़ा ऐलान शामिल है।
भाजपा के प्रमुख वादे इस प्रकार हैं:
- महिलाओं के लिए हर महीने ₹3,000 की सहायता, सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण, 75 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य, गर्भवती महिलाओं को ₹21,000 और 6 पोषण किट, साथ ही राज्य की सभी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा।
- महिला सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बटालियन और दुर्गा सुरक्षा दस्ते का गठन।
- बेरोजगार युवाओं को हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता।
- घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू होगी।
- सरकारी कर्मचारियों को DA का भुगतान और 45 दिनों के अंदर सातवें वेतन आयोग को लागू करना।
- 6 महीने के अंदर कॉमन सिविल कोड (UCC) लागू करने का वादा।
- किसानों के लिए ₹9,000 की वार्षिक सहायता, धान, आलू और आम की खेती को बढ़ावा तथा ₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीद की योजना।
- शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में AIIMS, IIT, IIM और फैशन डिजाइनिंग संस्थानों की स्थापना।
- गो तस्करी पर सख्त रोक लगाई जाएगी।
- शिक्षकों की नियमित भर्ती, मौजूदा शिक्षकों को न्यूनतम आधार वेतन और मेधावी छात्रों को स्कॉलरशिप।