KP Oli Arrested : काठमांडू। बालेंद्र शाह (Balendra Shah) के प्रधानमंत्री बनते ही नेपाल में सियासी हलचल तेज हो गई है। नई सरकार ने आते ही सख्त रुख अपनाते हुए जेनरेशन Z आंदोलन (Gen Z Movement) के दौरान कथित लापरवाही के मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बताया जा रहा है कि केपी शर्मा ओली को सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच गुंडू इलाके से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद ओली ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और कहा कि वह इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
कैबिनेट की पहली बैठक में बड़ा फैसला
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में पिछले साल हुए जेनरेशन Z आंदोलन (Gen Z Movement) की जांच रिपोर्ट को तुरंत लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सस्मित पोखरेल को सरकार का आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त किया गया।
10 साल की सजा की सिफारिश
कैबिनेट के फैसले के बाद प्रवक्ता पोखरेल ने बताया कि जांच आयोग ने तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और गृह मंत्री रमेश लेखक समेत कई अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। आयोग ने इन पर अधिकतम 10 साल की सजा की सिफारिश की है।
कार्रवाई के लिए बनेगा दल
सरकार ने यह भी तय किया है कि सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई के लिए एक विशेष अध्ययन दल बनाया जाएगा। इस आयोग की अध्यक्षता गौरी बहादुर कार्की कर रहे थे। अन्य मामलों में आयोग की सिफारिशों को तुरंत लागू किया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों पर भी गिरी गाज
जांच रिपोर्ट में तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक चंद्र कुबेर खापुंग समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है। पहले इस रिपोर्ट को सार्वजनिक अभिलेखागार में रखा गया था, लेकिन अब नई सरकार इसे लागू करने के मूड में है।
क्या था Gen Z आंदोलन?
साल 2025 में नेपाल में युवाओं ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और राजनीतिक पारदर्शिता की कमी के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था। इसे ‘Gen Z आंदोलन’ नाम दिया गया। यह आंदोलन इतना व्यापक हो गया था कि उस समय की सरकार पर भारी दबाव पड़ा और अंततः केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा।
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अब नई सरकार के सख्त रुख से साफ है कि आंदोलन से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी। आने वाले दिनों में नेपाल की राजनीति में और बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।