Badaun Double Murder : बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित एक एथेनॉल प्लांट में दिनदहाड़े हुई दो अधिकारियों की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में प्लांट के जनरल मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता और सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) हर्षित मिश्रा की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है और परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब हर्षित मिश्रा की मां रानी देवी बेटे के शव का इंतजार करते हुए बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। रोते हुए वह कह रही थीं कि उनके बेटे ने कई बार पहले ही अपनी जान को खतरा होने की बात कही थी, लेकिन किसी ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया।
मां का आरोप- पहले से मिल रही थीं धमकियां
रानी देवी का कहना है कि हर्षित मिश्रा ने कई बार अधिकारियों को बताया था कि एक व्यक्ति उसे लगातार धमका रहा है। वह गाड़ियों का पीछा करता था और खुलेआम कहता था कि वह उसे नहीं छोड़ेगा।
मां का आरोप है कि उनके बेटे ने जिलाधिकारी, पुलिस अधिकारियों और स्थानीय विधायक तक से गुहार लगाई थी, लेकिन किसी ने खतरे को गंभीरता से नहीं लिया। वह बार-बार यह सवाल पूछती रहीं कि मीटिंग में इतने लोग मौजूद थे, फिर भी केवल उनके बेटे को ही क्यों निशाना बनाया गया।
आरोपी पहले से देता था धमकी
मृतक के मामा प्रभात ने भी बताया कि आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू पहले से ही धमकियां देता था और कई बार हर्षित की गाड़ी का पीछा करता था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस को कई बार जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उनका सवाल है कि अगर आरोपी के खिलाफ पहले से शिकायत दर्ज थी तो वह हथियार लेकर प्लांट परिसर के अंदर कैसे पहुंच गया।
पिता ने भी उठाए सुरक्षा पर सवाल
हर्षित मिश्रा के पिता सुशील कुमार ने कहा कि उनके बेटे ने कई बार पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एसएसपी कार्यालय और थाना मूसाझाग में भी आवेदन दिया गया था और मुकदमा दर्ज कराया गया था। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते आरोपी पर सख्ती की जाती तो शायद आज उनका बेटा जिंदा होता।
कैसे हुई दोहरी हत्या
जिलाधिकारी अवनीश राय के अनुसार आरोपी अजय प्रताप सिंह बदायूं के सहजनी गांव का रहने वाला है और पहले एथेनॉल प्लांट में वेंडर के तौर पर काम करता था। कुछ समय पहले प्लांट प्रबंधन ने काम में लापरवाही के कारण कई कर्मचारियों की छंटनी की थी, जिसमें आरोपी को भी हटा दिया गया था।
बताया जा रहा है कि इसी नाराजगी के चलते आरोपी गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे हथियार लेकर प्लांट परिसर में पहुंच गया। वह सीधे प्रशासनिक भवन में जनरल मैनेजर के कार्यालय तक पहुंचा और सुधीर कुमार गुप्ता पर गोली चला दी।
फायरिंग की आवाज सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे एजीएम हर्षित मिश्रा को भी उसने गोली मार दी। दोनों अधिकारियों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए थाना मूसाझाग के प्रभारी इंस्पेक्टर अजय कुमार और हल्का प्रभारी धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी लापरवाही सामने आएगी, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई
इस घटना पर बदायूं से समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि औद्योगिक परिसर के अंदर दिनदहाड़े इस तरह की घटना होना बेहद चिंताजनक है और यह कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
परिवार को न्याय का इंतजार
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। वहीं पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है। परिजनों का कहना है कि सिर्फ आरोपी की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि यह भी जांच होनी चाहिए कि सुरक्षा में चूक कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। परिवार का कहना है कि अगर प्रशासन ने पहले की शिकायतों को गंभीरता से लिया होता, तो शायद यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी।