Baba Siddiqui Murder Case : नई दिल्ली। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2024 में पूर्व विधायक बाबा सिद्दीकी की हत्या से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी आकाशदीप कारज सिंह को जमानत दे दी है। जस्टिस डॉ. नीला गोखले की एकल पीठ ने पंजाब के फाजिल्का निवासी आकाशदीप को राहत देते हुए निर्देश दिया कि वह हर दूसरे सोमवार को संबंधित पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगाएगा। इसके साथ ही अदालत ने बिना ट्रायल कोर्ट की अनुमति के राज्य छोड़ने पर रोक लगाई है और पासपोर्ट जमा करने का आदेश भी दिया है।
एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के सहयोग से गिरफ्तार
यह इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में जमानत पाने वाला आकाशदीप पहला आरोपी है। उसे मुंबई क्राइम ब्रांच ने पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के सहयोग से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का दावा था कि आकाशदीप शूटर्स और बिश्नोई गैंग से जुड़े कथित साजिशकर्ताओं के बीच समन्वय की भूमिका निभा रहा था।
सबूत का अभाव
हालांकि, सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अभियोजन के दावों पर सवाल उठाए। आकाशदीप की ओर से पेश वकील अभिषेक और शुभम काहीते ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ उपलब्ध एकमात्र सामग्री कॉल रिकॉर्ड्स हैं, जो कथित हत्या से काफी पहले के हैं। उनका कहना था कि इन कॉल रिकॉर्ड्स से हत्या की साजिश में आकाशदीप की सीधी संलिप्तता साबित नहीं होती।
शर्तों के साथ जमानत मंजूर
अदालत ने अभियोजन पक्ष से आकाशदीप की सटीक भूमिका और उससे जुड़े ठोस सबूत पेश करने को कहा था। उपलब्ध रिकॉर्ड और दलीलों पर विचार करने के बाद बेंच ने पाया कि फिलहाल आरोपी के खिलाफ निर्णायक सबूतों का अभाव है।
इसी आधार पर कोर्ट ने कड़ी शर्तों के साथ जमानत मंजूर की। कोर्ट के इस फैसले को मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से अहम माना जा रहा है, जबकि अभियोजन पक्ष के लिए यह एक बड़ा झटका है।